Latehar Murder: उलगड़ा पुल पर वारदात की साजिश, पुलिस ने ऐसे दबोचे खूंखार अपराधी!
लातेहार पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली! उलगड़ा पुल पर हत्या के फरार आरोपियों को पुलिस ने हथियारों के साथ दबोचा। जानें कैसे रची जा रही थी नई साजिश!

लातेहार: झारखंड के लातेहार जिले में अपराधियों के खिलाफ पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। उलगड़ा स्थित औरंगा नदी पुल निर्माण स्थल पर रात्रि प्रहरी बालगोविंद साव की हत्या में मुख्य आरोपियों को पुलिस ने धर दबोचा है। गिरफ्तार अपराधियों में झारखंड संघर्ष जनमुक्ति मोर्चा के प्रदीप सिंह और किशुन भगत शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से दो सिंगल शॉट राइफल, 8 एमएम के दो जिंदा बुलेट, एक खोखा, मृतक का मोबाइल फोन और संगठन का धमकी भरा पर्चा बरामद किया है।
हत्या के बाद छोड़ा था पर्चा, बढ़ गई थी दहशत
यह सनसनीखेज वारदात 26 दिसंबर 2024 की रात को हुई थी। हमलावरों ने हत्या के बाद मौके पर एक पर्चा छोड़कर झारखंड संघर्ष जनमुक्ति मोर्चा की ओर से हत्या की जिम्मेदारी ली थी। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस केस में पहले ही पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन हत्या के मुख्य आरोपी प्रदीप सिंह और किशुन भगत फरार चल रहे थे। पुलिस लंबे समय से इनकी तलाश में थी।
लेवी की मांग और अगली वारदात की फिराक में थे आरोपी
सूत्रों के अनुसार, प्रदीप सिंह और किशुन भगत उलगड़ा पुल निर्माण कार्य में रंगदारी (लेवी) की मांग कर रहे थे। पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि ये दोनों अपराधी औरंगा नदी के पुल पर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर दोनों आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तारी के समय दोनों अपराधियों के पास अवैध हथियार और गोलियां थीं, जिनका इस्तेमाल किसी नई वारदात में किया जा सकता था।
12 साल से अपराध की दुनिया में सक्रिय था प्रदीप सिंह
पुलिस के अनुसार, प्रदीप सिंह पिछले 10-12 सालों से अपराध की दुनिया में सक्रिय है। वह अलग-अलग उग्रवादी संगठनों से जुड़ा रहा है। उसके खिलाफ लातेहार जिले के चंदवा और लातेहार थानों में आधा दर्जन और गुमला जिले के बिशुनपुर थाने में एक मामला दर्ज है। वहीं, किशुन भगत के खिलाफ लातेहार और चंदवा थाने में तीन केस दर्ज हैं।
छापेमारी टीम में ये अधिकारी थे शामिल
इस बड़ी कार्रवाई में एसडीपीओ अरविंद कुमार, थाना प्रभारी दुलड़ चौड़े, पुअनि राजा दिलावर, विक्रांत कुमार उपाध्याय, मनोज कुमार, सुरेंद्र कुमार महतो, राहुल सिन्हा, रामाकांत गुप्ता, मनीष राय, संतोष कुमार, आरक्षी राजेश कुमार शर्मा, प्रताप गुईयां, प्रवेश यादव और तकनीकी शाखा के पंकज कुमार शुक्ला शामिल थे।
लातेहार पुलिस का ऑपरेशन जारी
पुलिस ने साफ किया है कि अपराध और उग्रवाद के खिलाफ यह ऑपरेशन जारी रहेगा। जिले में संगठित अपराध और उग्रवादी गतिविधियों पर पूरी तरह से नकेल कसने के लिए लगातार कार्रवाई की जाएगी। इस सफलता से पुलिस को अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने में बड़ी मदद मिलेगी।
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