Latehar Horror: मातम में बदली खुशियां, ओरसा घाटी हादसे में मरने वालों की संख्या हुई 10, शादी वाली बस बनी काल
लातेहार की ओरसा घाटी में हुए भीषण बस हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है। छत्तीसगढ़ से शादी का रिश्ता लेकर आ रहे ग्रामीणों के साथ हुए इस खौफनाक हादसे और रिम्स में जिंदगी की जंग लड़ रहे 80 घायलों की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी झारखंड की इस सबसे बड़ी सड़क त्रासदी की जमीनी हकीकत से अनजान रह जाएंगे।
लातेहार/महुआडांड़, 19 जनवरी 2026 – लातेहार जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र स्थित ओरसा घाटी से रविवार को शुरू हुआ मौत का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को हुई इस भीषण बस दुर्घटना में मृतकों का आंकड़ा बढ़कर अब 10 हो गया है। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर से खुशियां और शादी का पैगाम लेकर झारखंड आ रहे ग्रामीणों के लिए ओरसा घाटी का खतरनाक मोड़ काल साबित हुआ। हादसे के वक्त मौके पर ही 5 लोगों ने दम तोड़ दिया था, जबकि अस्पताल में इलाज के दौरान 5 अन्य घायलों की भी मौत हो गई। इस त्रासदी ने न केवल लातेहार बल्कि पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ को भी गहरे शोक में डुबो दिया है।
रिश्ता तय करने आए थे, घर लौटी लाशें: कैसे हुआ हादसा?
हादसा उस वक्त हुआ जब छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक रिजर्व बस में सवार होकर करीब 90 लोग महुआडांड़ के लोधा गांव आ रहे थे।
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शादी का मौका: सभी ग्रामीण एक विवाह के सिलसिले में बातचीत करने और रस्मों को पूरा करने के लिए झारखंड आ रहे थे।
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अनियंत्रित होकर पलटी बस: ओरसा घाटी के तीखे मोड़ पर चालक ने बस पर से नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद बस अनियंत्रित होकर पलट गई।
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चीख-पुकार और रेस्क्यू: घाटी में बस पलटते ही कोहराम मच गया। महुआडांड़ एसडीएम विपिन कुमार दुबे और स्थानीय पुलिस ने भारी मशक्कत के बाद मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला।
मृतकों की शिनाख्त: एक ही झटके में उजड़ गए कई परिवार
प्रशासन ने अब सभी 10 मृतकों की पहचान कर ली है। मृतकों की सूची देखकर किसी का भी कलेजा कांप जाए:
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महिलाएं और बुजुर्ग: सीतापति देवी, प्रेमा देवी, सोनमती देवी, रेशंति चेरवा और लीलावती सोनवानी।
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पुरुष: सुखना भुइयां, विजय नगेसिया, रमेश मनिका, फगुआ राम और परशुराम सोनवानी।
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घायलों की स्थिति: इस हादसे में कुल 80 लोग घायल हुए हैं। इनमें से जिनकी स्थिति अति गंभीर है, उन्हें रांची के रिम्स (RIMS) रेफर किया गया है, जबकि अन्य का इलाज लातेहार और महुआडांड़ के अस्पतालों में चल रहा है।
ओरसा घाटी बस हादसा: मुख्य विवरण (Tragedy Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| हादसे का स्थान | ओरसा घाटी, महुआडांड़ (लातेहार) |
| कुल मृतक | 10 (5 मौके पर, 5 अस्पताल में) |
| कुल घायल | 80 (गंभीर घायल रिम्स रांची भेजे गए) |
| मूल निवासी | बलरामपुर जिला (छत्तीसगढ़) |
| उद्देश्य | लोधा गांव (लातेहार) में शादी का कार्यक्रम |
इतिहास का पन्ना: ओरसा घाटी का भूगोल और 'ब्लैक स्पॉट' का दाग
लातेहार की ओरसा घाटी और नेतरहाट के आस-पास का क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ खतरनाक घुमावों के लिए ऐतिहासिक रूप से कुख्यात रहा है। 19वीं शताब्दी में अंग्रेजों ने इस मार्ग का उपयोग वन संपदा की ढुलाई के लिए किया था, लेकिन तब से लेकर अब तक इस मार्ग की चौड़ाई और सुरक्षा घेरों (Guard Rails) में कोई बड़ा तकनीकी सुधार नहीं हुआ। इतिहास गवाह है कि ओरसा घाटी में साल 2012 और 2018 में भी बड़े बस हादसे हुए थे, जिनमें एक दर्जन से अधिक लोगों की जान गई थी। छत्तीसगढ़ और झारखंड को जोड़ने वाला यह मार्ग माइनिंग और व्यापार के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन घाटी के खतरनाक ढलान और तीखे मोड़ इसे 'डेथ जोन' बना देते हैं। 2026 की यह घटना एक बार फिर उन अधूरे वादों की याद दिलाती है, जहाँ ऐसी घाटियों पर 'रंबल स्ट्रिप्स' और पर्याप्त चेतावनी बोर्ड लगाने की बात कही गई थी।
रिम्स में जिंदगी की जंग: प्रशासन हाई अलर्ट पर
रांची के रिम्स में भर्ती घायलों की स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग पल-पल की नजर रख रहा है।
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बेहतर इलाज के निर्देश: एसडीएम विपिन कुमार दुबे ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इलाज में कोई कोताही न बरती जाए। बलरामपुर (छत्तीसगढ़) का जिला प्रशासन भी लातेहार प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है।
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परिजनों का दर्द: रिम्स के बाहर छत्तीसगढ़ से आए परिजनों की भीड़ जमा है। किसी ने अपना हमसफर खोया है, तो किसी ने अपने परिवार का सहारा।
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जांच के आदेश: परिवहन विभाग ने बस की फिटनेस और ओवरलोडिंग के एंगल से जांच शुरू कर दी है। 90 लोगों का एक ही बस में होना सुरक्षा मानकों का बड़ा उल्लंघन माना जा रहा है।
खुशियों की बस और मौत का सफर
ओरसा घाटी हादसे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि पहाड़ी रास्तों पर थोड़ी सी लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है। जो लोग गाजे-बाजे के साथ शादी का रिश्ता जोड़ने निकले थे, उन्हें क्या पता था कि उनका सफर सीधे श्मशान और अस्पतालों के वार्ड तक पहुँचेगा।
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