Khunti Suicide: मायके में रूठी पत्नी को याद कर फंदे पर झूला अजय सिंह, बच्चों को सोता छोड़ आधी रात को दी जान!
खूंटी के मुरही गांव में पत्नी के मायके चले जाने से दुखी अजय सिंह द्वारा दो मासूम बच्चों को स्कूल मैदान में सोता छोड़ घर के भीतर फंदे से लटककर आत्महत्या करने की दर्दनाक रिपोर्ट यहाँ देखें।
खूंटी, 28 मई 2026 – झारखंड के घने और ऐतिहासिक पठारी अंचल खूंटी जिले के सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मुरही गांव कॉरिडोर से एक बेहद विचलित करने वाली, संवेदनशील और रूह कँपा देने वाली आत्महत्या (Suicide Due To Marital Dispute) की दुखद घटना सामने आई है। यहाँ अपने दो मासूम और नाबालिग बच्चों को छोड़कर मायके में रह रही पत्नी के वियोग और भयंकर मानसिक डिप्रेशन (Mental Stress) के कारण 34 वर्षीय युवक अजय सिंह ने बुधवार की देर रात अपने ही सूने घर के भीतर फंदे से लटककर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। गुरुवार की सुबह जब इस खौफनाक विधिक त्रासदी का खुलासा हुआ, तो पूरे मुरही गांव और सदर अंचल में भारी शोक और सन्नाटा पसर गया। खूंटी थाना पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की ऑन-फील्ड सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को अपने विधिक कब्जे में लिया और सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे स्वजनों को सौंप दिया है।
हादसे की लाइव इनसाइड स्टोरी: स्कूल मैदान का आखिरी बिछावन, आधी रात का डार्क डिप्रेशन और सुबह का कोहराम
खूंटी जिला पुलिस मुख्यालय, सदर थाना गश्ती विंग और स्थानीय अंचल अधिकारियों के आंतरिक विधिक सूत्रों से मिली लाइव ऑन-फील्ड इनपुट के अनुसार, यह पूरी घटना एक हंसते-खेलते परिवार के बिखरने की दर्दनाक दास्तान है।
-
दो महीने का सूनापन: मृतक अजय सिंह की पत्नी पिछले दो महीने से किसी घरेलू अनबन के कारण अपने दोनों बच्चों को पति के पास ही छोड़कर अपने मायके (मातृगृह) में रह रही थी। पत्नी को मनाने के तमाम प्रयास विफल होने के कारण अजय गहरे मानसिक अवसाद से जूझ रहा था।
-
मासूमों को सोता छोड़ बढ़ा काल की ओर: बुधवार की रात भीषण गर्मी और उमस के कारण अजय सिंह अपने दोनों नाबालिग बेटों के साथ घर के समीप स्थित सरकारी स्कूल मैदान में बिछावन लगाकर लेटा हुआ था। रात के करीब 1:30 बजे जब दोनों बच्चे गहरी नींद में सो गए, तब अजय चुपचाप वहां से उठा और घने अंधेरे के बीच अपने खाली मकान के भीतर चला गया।
-
सुबह ग्रामीणों ने देखा खौफनाक मंजर: गुरुवार की सुबह जब बच्चे जगे और पिता को गायब पाया, तो खोजबीन शुरू हुई। घर का दरवाजा खोलने पर अजय का शव फंदे से लटकता मिला, जिसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत खूंटी थाना प्रभारी को इसकी सीक्रेट ऑन-फील्ड इनपुट दी।
ग्रामीण अंचलों में मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग और विधिक पारिवारिक मध्यस्थता केंद्र समय की मांग
खूंटी सदर थाना पुलिस की विधिक टीम ने जिस तत्परता से मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और शांति व्यवस्था बनाए रखी, वह कानून के विधिक क्रियान्वयन की दिशा में एक बहुत बड़ा ऑन-फील्ड माइलस्टोन है। पुलिस अब मृतक के कमरे से किसी सुसाइड नोट या किसी अन्य विधिक साक्ष्य की तलाश कर रही है और परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज कर रही है ताकि खुदकुशी के वास्तविक विधिक कारणों का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जा सके। लेकिन केवल शव का पोस्टमार्टम कराना इस गहरे सामाजिक कैंसर का स्थायी समाधान नहीं है। 2026 के इस आधुनिक युग में खूंटी जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) को तुरंत संयुक्त संज्ञान लेते हुए पूरे मुरही-सदर कॉरिडोर में 'ग्रामीण मानसिक स्वास्थ्य परामर्श केंद्र' और 'पारिवारिक मध्यस्थता विंग' की शुरुआत करनी होगी। जब तक सुदूर देहातों में टूटने वाले परिवारों को बचाने के लिए विधिक और मनोवैज्ञानिक सुरक्षा कवच स्थापित नहीं किया जाता, तब तक खूंटी के इस ऐतिहासिक, वीर और प्राकृतिक अंचल को अवसाद के इस डार्क और जानलेवा इतिहास से पूरी तरह मुक्त नहीं कराया जा सकेगा।
What's Your Reaction?


