Kandra Fire: पदमपुर में दो होटलों में भीषण अग्निकांड, आधुनिक पावर के दमकल ने पाया काबू, लाखों का सामान जलकर राख, साजिश या शॉर्ट सर्किट?
सरायकेला के कांड्रा स्थित पदमपुर में गुरुवार सुबह दो होटलों में लगी भीषण आग और मचे हड़कंप की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। नीरज बेरा और प्रधान मांझी के होटलों में हुई लाखों की क्षति और पुलिस की संदिग्ध जांच का पूरा विवरण विस्तार से पढ़िए वरना आप इस बड़ी खबर से चूक जाएंगे।
सरायकेला/कांड्रा, 5 फरवरी 2026 – सरायकेला-खरसावां जिले के कांड्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत पदमपुर में गुरुवार की सुबह आग की लपटों ने भारी तबाही मचाई। यहां स्थित दो होटलों में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गनीमत यह रही कि कांड्रा पुलिस की गश्ती टीम पास में ही मौजूद थी, जिसने तत्काल मोर्चा संभाला। आधुनिक पावर कंपनी के अग्निशमन वाहन को मौके पर बुलाकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक होटलों में रखा फर्नीचर, बर्तन और किचन का सारा कीमती सामान जलकर राख हो चुका था।
नीरज और प्रधान के सपनों पर 'अग्नि-तांडव'
यह आग स्थानीय व्यवसायी नीरज बेरा और प्रधान मांझी के होटलों में लगी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को कुछ समझ ही नहीं आया।
-
नीरज बेरा का नुकसान: नीरज के होटल में रखा सारा फर्नीचर, फ्रिज, किचन का सामान और बर्तन पूरी तरह नष्ट हो गए हैं।
-
प्रधान मांझी का होटल: बताया जा रहा है कि प्रधान का होटल अक्सर बंद रहता था, लेकिन आग ने इसे भी अपनी चपेट में ले लिया और अंदर रखा सारा सामान स्वाहा कर दिया।
-
क्षतिग्रस्त ढांचा: आग की तपिश इतनी ज्यादा थी कि दोनों होटलों की दीवारें चटक गई हैं और बिल्डिंग को बड़ा नुकसान पहुँचा है।
जांच में जुटी पुलिस: शॉर्ट सर्किट या कोई गहरी साजिश?
कांड्रा थाना पुलिस ने मौके पर पहुँचकर जांच शुरू कर दी है। हालांकि प्राथमिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, लेकिन पुलिस अन्य बिंदुओं पर भी काम कर रही है।
-
पुलिस नीरज बेरा के होटल के कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है।
-
बंद होटल में आग कैसे लगी, यह गुत्थी पुलिस को उलझा रही है।
-
इलाके में लगे अन्य बिजली के कनेक्शनों की भी जांच की जा रही है।
पदमपुर अग्निकांड: मुख्य विवरण (Fire Incident Spotlight)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| घटनास्थल | पदमपुर, कांड्रा (सरायकेला-खरसावां) |
| प्रभावित होटल | नीरज बेरा और प्रधान मांझी के होटल |
| सहायता इकाई | आधुनिक पावर कंपनी का अग्निशमन वाहन |
| नुकसान | फर्नीचर, बर्तन, किचन उपकरण और दीवारें (लाखों में) |
| जांच का स्तर | संदिग्ध (शॉर्ट सर्किट की आशंका) |
ग्रामीणों की मुस्तैदी और आधुनिक पावर की मदद
अगर पुलिस की गश्ती गाड़ी और आधुनिक पावर का दमकल समय पर नहीं पहुँचता, तो यह आग आसपास की अन्य दुकानों और रिहायशी घरों को भी अपनी चपेट में ले सकती थी। फिलहाल, इलाके के व्यापारियों में दहशत है और वे प्रशासन से बिजली व्यवस्था की मरम्मत और फायर सेफ्टी के कड़े नियमों की मांग कर रहे हैं।
राख में बदला लाखों का निवेश
पदमपुर के इन दो होटलों में हुई आगजनी ने मालिकों को सड़क पर ला दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही नुकसान का सटीक आकलन और आग की असली वजह सामने आ सकेगी।
What's Your Reaction?


