Jharkhand Warmth: झारखंड में ठंड की विदाई शुरू, रांची से कांके तक पारे ने भरी उड़ान, अगले 72 घंटों में 3 डिग्री तक बढ़ेगा तापमान

झारखंड में जनवरी के अंत के साथ ही कड़ाके की ठंड अब इतिहास बनने वाली है। रांची और कांके में बढ़ते तापमान और मौसम विभाग के 30 जनवरी तक के नए पूर्वानुमान की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप मौसम में आने वाले इस बड़े बदलाव और पारे के उछाल की सटीक जानकारी जानने से चूक जाएंगे।

Jan 26, 2026 - 13:19
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Jharkhand Warmth: झारखंड में ठंड की विदाई शुरू, रांची से कांके तक पारे ने भरी उड़ान, अगले 72 घंटों में 3 डिग्री तक बढ़ेगा तापमान
Jharkhand Warmth: झारखंड में ठंड की विदाई शुरू, रांची से कांके तक पारे ने भरी उड़ान, अगले 72 घंटों में 3 डिग्री तक बढ़ेगा तापमान

रांची, 26 जनवरी 2026 – झारखंड में 'सफेद ठंड' का दौर अब ढलान पर है। जनवरी के अंतिम सप्ताह के साथ ही राज्य की फिजाओं में गर्माहट घुलने लगी है। राजधानी रांची, कांके और इसके आसपास के जिलों में ठिठुरन अब बीती बात होती दिख रही है। मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के ताजा बुलेटिन ने उन लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है जो कड़ाके की ठंड से परेशान थे। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो अगले 72 घंटों के भीतर पारे में जबरदस्त उछाल आने वाला है, जो इस बात का संकेत है कि अब झारखंड 'गुलाबी ठंड' से बसंत की ओर बढ़ चला है।

30 जनवरी तक बढ़ेगा पारा: अभिषेक आनंद की भविष्यवाणी

मौसम विशेषज्ञ अभिषेक आनंद के अनुसार, राज्य के मौसम चक्र में एक बड़ा बदलाव दस्तक दे रहा है।

  • न्यूनतम तापमान में उछाल: 28 जनवरी से 30 जनवरी के बीच राज्य के न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना है।

  • स्थिरता का दौर: हालांकि अगले दो दिनों (आज और कल) तक तापमान में कोई बहुत बड़ा फेरबदल नहीं होगा, लेकिन उसके बाद ठंड की तीव्रता काफी कम हो जाएगी।

  • उतार-चढ़ाव: फिलहाल सुबह और शाम हल्की ठंड बनी रहेगी, लेकिन दिन में चटख धूप ठंड के असर को बेअसर कर देगी।

पिछले 24 घंटे: कहीं कोहरा तो कहीं चिलचिलाती धूप

झारखंड में पिछले 24 घंटों का मौसम काफी विरोधाभासी रहा। जहाँ कुछ इलाकों में कोहरे की चादर थी, वहीं कुछ जिलों में पारा 30 के पार निकल गया।

  1. चाईबासा का रिकॉर्ड: राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस चाईबासा में दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक है।

  2. गुमला की ठिठुरन: राज्य का सबसे कम न्यूनतम तापमान 8.1 डिग्री सेल्सियस गुमला में रिकॉर्ड हुआ, जहाँ अभी भी रातें सर्द बनी हुई हैं।

  3. शुष्क मौसम: पूरे राज्य में मौसम पूरी तरह शुष्क रहा और बारिश की कोई संभावना नजर नहीं आई।

झारखंड वेदर रिपोर्ट: प्रमुख जिलों का हाल (Temperature Data)

शहर/स्थान अधिकतम तापमान (°C) न्यूनतम तापमान (°C) मौसम की स्थिति
रांची (Ranchi) 26.1 13.4 दिन में धूप, रात सुहानी
कांके (Kanke) 26.3 11.3 हल्का कोहरा, सुहावना
चाईबासा (Chaibasa) 31.8 15.2 सबसे गर्म क्षेत्र
गुमला (Gumla) 24.5 8.1 सबसे ठंडा जिला

इतिहास का पन्ना: रांची की 'शिमला' वाली पहचान और बदलता क्लाईमेट

रांची को कभी 'बिहार और झारखंड का शिमला' कहा जाता था। इतिहास गवाह है कि 1960 और 70 के दशक में रांची का तापमान साल भर इतना संतुलित रहता था कि अंग्रेजों ने इसे अपनी ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया था। पुराने जानकार बताते हैं कि जनवरी के महीने में रांची में अक्सर पारा 4-5 डिग्री तक गिर जाता था और कांके में घास पर ओस की बूंदें जम जाया करती थीं। लेकिन साल 2010 के बाद से ग्लोबल वार्मिंग और शहरीकरण के कारण झारखंड के मौसम चक्र में बदलाव आया है। अब जनवरी के अंतिम हफ्ते में ही पारे का 26-27 डिग्री तक पहुँचना यह दर्शाता है कि बसंत अब उम्मीद से पहले आ रहा है। कांके, जो कभी अपनी हाड़ कंपा देने वाली ठंड के लिए मशहूर था, आज वहां की 3.3 किमी/घंटा की मंद हवाएं मौसम को सुहावना बना रही हैं।

रांची और कांके: सुहावने मौसम ने बढ़ाई चहल-पहल

राजधानी रांची में दिन के समय धूप खिलने से लोग अब भारी जैकेट और स्वेटर छोड़कर हल्के ऊनी कपड़ों में नजर आने लगे हैं।

  • रांची अपडेट: सुबह और शाम ठंडी हवाओं के कारण मौसम संतुलित बना हुआ है, जो सेहत के लिहाज से काफी अच्छा माना जा रहा है।

  • कांके डायरी: कांके में भी जनजीवन अब सामान्य है। वर्षा नहीं होने और धूप निकलने से खेतों में काम कर रहे किसानों को बड़ी राहत मिली है।

आगे क्या?

मौसम विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है। सुबह के समय हल्का कोहरा दृश्यता (Visibility) को थोड़ा प्रभावित कर सकता है, लेकिन दिन में मौसम पूरी तरह अनुकूल रहेगा। फरवरी की शुरुआत के साथ ही ठंड पूरी तरह विदा ले सकती है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।