Jharkhand Weather Alert: 16-21 मई तक खराब मौसम, 50-60 किमी/घंटा की हवा, 17-18 को ऑरेंज अलर्ट
झारखंड में बंगाल की खाड़ी के असर से 16 से 21 मई तक मौसम खराब रहेगा। रांची समेत 13 जिलों में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी, बारिश और वज्रपात के ऑरेंज अलर्ट और पलामू-गढ़वा में लू के प्रकोप की पूरी जानकारी यहाँ देखें।
राँची, 16 मई 2026 – झारखंड में कुदरत का दोहरा मिजाज एक साथ देखने को मिल रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने एक नए निम्न दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) ने पूरे राज्य के मौसम के गणित को बिगाड़ दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आज से लेकर आगामी 21 मई तक राज्य के कई हिस्सों में 'मौसम इमर्जेंसी' जैसी स्थिति की चेतावनी दी है। एक तरफ जहां रांची और संताल परगना समेत 13 जिलों में भयंकर आंधी, बारिश और आसमानी बिजली (वज्रपात) का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, वहीं दूसरी तरफ पलामू संभाग के कुछ जिले अब भी भयंकर लू (Heat Wave) की चपेट में झुलस रहे हैं।
वारदात की दास्तां: 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार और ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 5 दिनों तक राज्य के आसमान पर बादलों और तेज हवाओं का राज रहने वाला है।
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17 मई का महा-अलर्ट: रविवार को रांची, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, दुमका, जामताड़ा, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज में प्रकृति का रौद्र रूप दिख सकता है। इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और भारी वज्रपात की आशंका है।
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18 मई को भी आफत: सोमवार को भी इन 13 जिलों के साथ चतरा में मौसम का यही मिजाज रहेगा। विभाग ने लगातार दो दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट बरकार रखा है।
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बाकी जिलों में येलो अलर्ट: राज्य के शेष हिस्सों में 40 से 50 किमी की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
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तापमान का यू-टर्न: मौसम बदलने से मेदिनीनगर का तापमान 24 घंटे के भीतर 44 डिग्री सेल्सियस से सीधे गिरकर 39 डिग्री पर आ गया है, जिससे लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से थोड़ी राहत मिली है।
कुदरत का विरोधाभास: एक तरफ बारिश, दूसरी तरफ लू की लपटें
झारखंड के भूगोल में यह अनोखा विरोधाभास हमेशा देखने को मिलता है। जहां पूर्वी और मध्य भाग आंधी-बारिश से सहमे हैं, वहीं उत्तर-पश्चिमी छोर यानी गढ़वा, पलामू और लातेहार में 16 से 18 मई तक लू चलने की गंभीर चेतावनी है। 17 मई को चतरा में भी गर्म हवाएं थपेड़े मारेंगी। विभाग ने दोपहर में बाहर न निकलने की सलाह दी है।
प्रशासन की अपील और जीवन सुरक्षा सर्वोपरि
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान किसी भी हाल में पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास शरण न लें। किसान अपने मवेशियों को खुले में न छोड़ें। यह चक्रवातीय बदलाव भले ही तापमान को गिराकर गर्मी से राहत दे रहा हो, लेकिन रफ्तार पकड़ती आंधी और आसमानी बिजली की आशंका को देखते हुए अगले 5 दिन बेहद संवेदनशील हैं। अपनी सुरक्षा के लिए मौसम के हर अपडेट पर नजर रखें।
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