Ghatshila Hit and Run: अस्पताल के सामने तेज रफ्तार कार ने राजमिस्त्री को मारी टक्कर, मौत
घाटशिला अनुमंडल अस्पताल के ठीक सामने दिल दहला देने वाला हिट-एंड-रन का मामला सामने आया है। तेज रफ्तार कार ने बुजुर्ग राजमिस्त्री को रौंदा, जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में हुई मौत की पूरी ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
घाटशिला/जमशेदपुर, 16 मई 2026 – पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और संवेदी मामला सामने आया है। शुक्रवार की देर रात अनुमंडल अस्पताल के ठीक सामने एक बेकाबू और तेज रफ्तार अज्ञात कार ने एक बुजुर्ग को अपनी चपेट में ले लिया। नियति की क्रूरता देखिए कि हादसा उसी अस्पताल के सामने हुआ जहाँ लोगों की जान बचाई जाती है, लेकिन गंभीर चोटों के कारण बुजुर्ग ने आखिरकार दम तोड़ दिया। इस हिट-एंड-रन (Hit-and-Run) की घटना के बाद से स्थानीय लोगों में आक्रोश है और पुलिस हत्यारी कार की तलाश में जुट गई है।
वारदात की दास्तां: सामान लेकर लौट रहे थे घर, रास्ते में खड़ी थी 'मौत'
शुक्रवार की रात रोज की तरह सामान्य थी। सुशीजुगनी गांव के रहने वाले उत्तम पतर (65 वर्ष) अपने परिवार के लिए घर का कुछ जरूरी सामान खरीदने पास की दुकान पर गए थे।
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अस्पताल के सामने हादसा: देर रात जब वह सामान लेकर पैदल वापस अपने घर लौट रहे थे, तभी घाटशिला अनुमंडल अस्पताल के सामने एक अज्ञात तेज रफ्तार कार अंधाधुंध गति से आई और उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
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सड़क पर तड़पते रहे बुजुर्ग: टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि उत्तम पतर हवा में उछलकर सड़क पर जा गिरे। हादसे के बाद कार चालक ने वाहन रोकने के बजाय उसकी रफ्तार और बढ़ाई और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया।
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अस्पताल से एमजीएम तक का संघर्ष: मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत मानवता की मिसाल पेश की और लहूलुहान उत्तम को उठाकर ठीक सामने स्थित अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार तो किया, लेकिन सिर और छाती में गंभीर चोट होने के कारण उन्हें तुरंत जमशेदपुर के एमजीएम (MGM) अस्पताल रेफर कर दिया गया। देर रात इलाज के दौरान उन्होंने आखिरी सांस ली।
प्रशासनिक एक्शन: कातिल गाड़ी की तलाश में सीसीटीवी कैमरे
शनिवार सुबह पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।
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परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल: उत्तम पतर पेशे से एक राजमिस्त्री (Mason) थे। वह दिन भर मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालते थे। उनकी मौत के बाद घर का कमाऊ सदस्य छिन गया है और परिवार के सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।
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जांच की दिशा: घाटशिला थाना पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अनुमंडल अस्पताल और हाईवे के आसपास स्थित दुकानों में लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को खंगाल रही है ताकि उस 'कातिल कार' के नंबर प्लेट की पहचान की जा सके।
कब सुरक्षित होंगे सड़कों पर पैदल चलने वाले?
उत्तम पतर की मौत केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं है, बल्कि यह उस सामाजिक और प्रशासनिक तंत्र की विफलता है जहां एक गरीब मजदूर सड़क पर सुरक्षित चल भी नहीं सकता। अस्पताल के सामने ही हादसा होना और आरोपी का साफ बच निकलना पुलिस की रात्रि गश्त पर भी सवाल खड़े करता है। घाटशिला पुलिस का दावा है कि आरोपी चालक जल्द ही सलाखों के पीछे होगा, लेकिन क्या इससे उस परिवार का अंधेरा दूर हो पाएगा जिसका मुखिया अब इस दुनिया में नहीं है?
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