Jharkhand Weather Alert : नवरात्र पर मां दुर्गा संग झमाझम बारिश, जानिए कब तक रहेगा असर
झारखंड में नवरात्र पर मां दुर्गा के स्वागत के बीच मौसम ने बदली करवट। रांची, जमशेदपुर, गुमला, सिमडेगा समेत कई जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक का येलो अलर्ट। जानें पूरी रिपोर्ट।
झारखंड में नवरात्र का रंग इस बार थोड़ा अलग है। जहां एक ओर पूरे राज्य में मां दुर्गा के पंडाल सजे हैं, वहीं दूसरी ओर आसमान से बरसती बूंदें इस भक्ति में और भी खास अहसास जोड़ रही हैं। नवरात्र के दिनों में आमतौर पर पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, लेकिन इस बार मौसम विभाग की चेतावनी ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि मां की आराधना के साथ छाता और रेनकोट भी ज़रूरी साथी होंगे।
नवरात्र में बरसात की धड़कन
रांची से जमशेदपुर और गुमला से सिमडेगा तक आसमान झूम-झूमकर बरस रहा है। गरजती बिजली और सरसराती हवाएं न केवल मौसम को बदल रही हैं बल्कि त्योहार के रंग में भी नया तड़का लगा रही हैं। झारखंड मौसम विभाग (IMD) ने साफ कहा है कि आने वाले कुछ दिन बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। खासकर अष्टमी, नवमी और दशमी पर बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी रहेगी।
इतिहास गवाह है कि झारखंड में नवरात्र के समय मौसम कई बार करवट ले चुका है। साल 2019 में दशहरा के दिन भी जमशेदपुर और रांची में मूसलाधार बारिश ने पंडालों और रावण दहन के कार्यक्रमों को प्रभावित किया था। इस बार भी वही तस्वीर दोहराई जा सकती है।
Low Pressure का खेल
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) झारखंड की ओर बढ़ रहा है। इसके असर से राज्यभर में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। यही वजह है कि मौसम विभाग ने रांची, जमशेदपुर, रामगढ़, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है।
इस दौरान हवाओं की रफ्तार 40 किमी/घंटा तक जा सकती है। यानी नवरात्र पर सिर्फ मां दुर्गा के जयकारे ही नहीं बल्कि तेज हवाओं और गरजती बिजली की आवाज़ भी गूंजेगी।
पिछले 24 घंटों का मौसम अपडेट
अगर हालिया आंकड़ों की बात करें तो सबसे ज्यादा बारिश पूर्वी सिंहभूम के डुमरिया में दर्ज की गई जहां 38.2 मिमी वर्षा हुई। वहीं, गोड्डा जिले में तापमान 34.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा जो राज्य का सबसे अधिक था। इसके उलट लातेहार सबसे ठंडा जिला रहा जहां न्यूनतम तापमान 20.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पंडालों पर असर
रांची रेलवे स्टेशन के पास एक पंडाल में आंधी के चलते मूर्ति गिरने की घटना ने श्रद्धालुओं को डरा दिया। कई जगहों पर बिजली के तार और सजावट के सामान हवा और बारिश से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। ऐसे में पुलिस और प्रशासन लगातार अलर्ट मोड पर है ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
श्रद्धालुओं के लिए सलाह
मौसम विभाग ने साफ चेतावनी दी है –
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घर से निकलें तो छाता और रेनकोट साथ रखें।
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पंडाल में प्रवेश करते समय बिजली के तारों और गीले इलाकों से सावधान रहें।
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गरज-चमक के दौरान खुले मैदान में खड़े न हों।
भविष्य का अनुमान
IMD का कहना है कि यह सिस्टम 2 अक्टूबर तक सक्रिय रहेगा। इस दौरान न केवल बारिश बल्कि Thunderstorm और Heavy Showers की भी संभावना है। इसके बाद ही मौसम में स्थिरता लौट सकती है।
नवरात्र की भक्ति और मौसम का संगम
हालांकि, श्रद्धालुओं के लिए बारिश कोई रुकावट नहीं बन रही। कई जगहों पर लोग छाते और प्लास्टिक कवर के नीचे बैठकर भजन-कीर्तन का आनंद ले रहे हैं। मां दुर्गा के प्रति आस्था इतनी गहरी है कि बारिश की बूंदें भी उन्हें रोक नहीं पा रही हैं।
यानी इस बार नवरात्र का अनुभव बिल्कुल नया है – एक तरफ मां दुर्गा की भक्ति, दूसरी ओर आसमान की झमाझम धुन। और लोग दोनों का ही आनंद उठा रहे हैं।
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