Jharkhand Schools: बड़ी ब्रेकिंग, झारखंड में स्कूल छुट्टी बढ़ी, 8 जनवरी तक सब बंद, सरकार ने जारी किया नया आदेश
झारखंड में कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सरकार ने स्कूलों की छुट्टियां 8 जनवरी तक बढ़ा दी हैं। नर्सरी से लेकर 12वीं तक की कक्षाओं पर लागू इस नए सरकारी आदेश और प्री-बोर्ड परीक्षाओं को लेकर लिए गए बड़े फैसले की पूरी जानकारी यहाँ दी गई है वरना आप भी कल स्कूल जाने की गलती कर बैठेंगे।
रांची, 5 जनवरी 2026 – झारखंड में कड़ाके की ठंड और जानलेवा शीतलहर का सितम थमता नजर नहीं आ रहा है। बढ़ते खतरे को देखते हुए झारखंड सरकार ने बच्चों की सुरक्षा के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग ने पूर्व में घोषित छुट्टियों की अवधि को आगे बढ़ा दिया है। अपर सचिव सीमा पुष्पा द्वारा जारी नए सर्कुलर के अनुसार, अब राज्य के सभी स्कूल 8 जनवरी 2026 तक बंद रहेंगे। यह आदेश केवल सरकारी ही नहीं, बल्कि प्राइवेट और अल्पसंख्यक स्कूलों पर भी समान रूप से लागू होगा। शून्य के करीब पहुँचते पारे और बर्फीली हवाओं के बीच बच्चों को स्कूल भेजने का जोखिम अब सरकार नहीं लेना चाहती।
नया सरकारी सर्कुलर: क्या खुला रहेगा और क्या बंद?
सरकार की ओर से जारी यह आदेश काफी विस्तृत है और इसमें स्पष्ट किया गया है कि ठंड के इस दौर में किन नियमों का पालन करना अनिवार्य है:
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कक्षाओं पर पाबंदी: प्री-नर्सरी, नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक की सभी ऑफलाइन कक्षाएं 6 जनवरी से 8 जनवरी तक पूरी तरह बंद रहेंगी।
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शिक्षकों के लिए नियम: विद्यार्थियों के लिए छुट्टी तो है, लेकिन सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को राहत नहीं मिली है। उन्हें स्कूल आकर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी और गैर-शैक्षणिक (Non-Teaching) कार्यों का निष्पादन करना होगा।
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सभी स्कूलों पर लागू: यह आदेश राज्य के सभी सरकारी, निजी, सहायता प्राप्त, गैर-सहायता प्राप्त और अल्पसंख्यक स्कूलों के लिए अनिवार्य है।
प्री-बोर्ड परीक्षा और बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए विशेष छूट
सर्कुलर में उन छात्रों का भी ध्यान रखा गया है जिनकी बोर्ड परीक्षाएं नजदीक हैं।
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विवेकानुसार फैसला: यदि किसी स्कूल में पहले से प्री-बोर्ड परीक्षाएं निर्धारित हैं, तो स्कूल प्रबंधन (सक्षम प्राधिकार) अपने विवेक से परीक्षा संचालन का निर्णय ले सकता है।
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सचिव का अनुमोदन: इस विशेष प्रावधान को विभागीय सचिव का भी अनुमोदन मिल चुका है, ताकि छात्रों की पढ़ाई और मूल्यांकन का नुकसान न हो।
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सुरक्षा प्रोटोकॉल: जिन स्कूलों में परीक्षाएं होंगी, उन्हें बच्चों के लिए हीटिंग और सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
झारखंड स्कूल हॉलिडे: मुख्य जानकारी (Holiday Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Updates) |
| छुट्टी की नई तारीख | 8 जनवरी 2026 तक |
| प्रभावी कक्षाएं | प्री-नर्सरी से कक्षा 12वीं तक |
| स्कूल का प्रकार | सरकारी, प्राइवेट और अल्पसंख्यक |
| जारीकर्ता | स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग (झारखंड) |
| कारण | भीषण शीतलहर और गिरता तापमान |
इतिहास और कड़ाके की ठंड: झारखंड का बदलता मौसम चक्र
झारखंड में जनवरी की शुरुआत हमेशा से ठंडी रही है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों का इतिहास बताता है कि शीतलहर का प्रभाव अब 'पिक' (Peak) पर पहुँचने लगा है। 2000 के दशक की शुरुआत में अक्सर मकर संक्रांति के बाद ठंड कम होने लगती थी, लेकिन अब जनवरी का पहला और दूसरा हफ्ता सबसे जानलेवा साबित हो रहा है। विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में जहाँ बच्चे सुबह पैदल स्कूल जाते हैं, उनके लिए यह ठंड 'हाइपोथर्मिया' का खतरा पैदा करती है। सरकार द्वारा बार-बार छुट्टियों को बढ़ाना इस बात का संकेत है कि 'क्लाइमेट चेंज' के कारण झारखंड के मौसम चक्र में अस्थिरता बढ़ी है। ऐतिहासिक रूप से रांची और लोहरदगा जैसे जिलों में जनवरी में पारा 3 से 5 डिग्री तक गिरना अब एक सामान्य लेकिन चिंताजनक घटना बन गई है।
अभिभावकों में राहत, शिक्षकों में असंतोष!
सरकार के इस फैसले पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
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पेरेंट्स की राय: अधिकतर अभिभावकों ने सरकार के इस कदम की सराहना की है। उनका कहना है कि 6-7 डिग्री तापमान में बच्चों को तैयार करना और स्कूल भेजना उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ करने जैसा है।
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शिक्षकों की मांग: वहीं दूसरी ओर, सरकारी शिक्षकों का कहना है कि जब शीतलहर इतनी भीषण है कि बच्चों को खतरा है, तो शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों के लिए स्कूल बुलाना कितना तर्कसंगत है? सोशल मीडिया पर शिक्षक संगठन इस बिंदु पर सवाल उठा रहे हैं।
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प्राइवेट स्कूलों का रुख: जमशेदपुर और रांची के कई बड़े प्राइवेट स्कूलों ने पहले ही पैरेंट्स को मैसेज भेजकर सूचित कर दिया है कि वे सरकारी गाइडलाइन का पालन करेंगे।
सुरक्षा सर्वोपरि
झारखंड सरकार का यह निर्णय बच्चों को सर्दी-जुकाम और ठंड से होने वाली गंभीर बीमारियों से बचाने की दिशा में एक जरूरी कदम है। 8 जनवरी तक स्कूल बंद रहने से बच्चों को घर के सुरक्षित माहौल में रहने का मौका मिलेगा। हालांकि, बोर्ड परीक्षार्थियों को अपनी तैयारी जारी रखनी होगी, क्योंकि उनके लिए परीक्षाएं आयोजित करने का विकल्प खुला रखा गया है।
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