Jharkhand MNREGA: मानदेय में 30% की बढ़ोतरी, सरकारी कर्मचारी बनेंगे मनरेगा कर्मी, बड़ा ऐलान

मनरेगा कर्मियों के लिए डबल खुशखबरी! झारखंड सरकार ने 30% मानदेय वृद्धि और 3 तरह के बीमा की घोषणा की। क्या मनरेगा कर्मियों को मिलेगा ग्रेड पे का लाभ, दीदी बाड़ी योजना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर क्या हुआ फैसला, पढ़ें पूरी जानकारी।

Dec 4, 2025 - 13:34
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Jharkhand MNREGA: मानदेय में 30% की बढ़ोतरी, सरकारी कर्मचारी बनेंगे मनरेगा कर्मी, बड़ा ऐलान
Jharkhand MNREGA: मानदेय में 30% की बढ़ोतरी, सरकारी कर्मचारी बनेंगे मनरेगा कर्मी, बड़ा ऐलान

रांची, 4 दिसंबर 2025 – झारखंड राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक में मनरेगा कर्मचारियों के लिए खुशियों की बौछार हुई है। सरकार ने उनके मानदेय में 30% की सीधी बढ़ोतरी के साथ-साथ बीमा कवरेज और ग्रेड पे से जुड़े अहम प्रस्तावों पर बड़े फैसले लिए। इस फैसले से राज्य के लाखों मनरेगा कर्मी आर्थिक रूप से सशक्त होंगे।

मानदेय 30% बढ़ाने और बीमा देने का निर्देश

ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में मनरेगा योजनाओं के सुदृढ़ क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की गई। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि मनरेगा कर्मी ग्रामीण विकास की रीढ़ हैं, इसलिए उनकी आर्थिक सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के लिए निम्नलिखित तीन निर्देश दिए:

  • मानदेय वृद्धि: मनरेगा कर्मियों का मानदेय तत्काल 30% बढ़ाया जाए।

  • तीन बीमा कवरेज: कार्यकर्ताओं के लिए ग्रुप बीमा, दुर्घटना बीमा और जीवन बीमा योजना के लिए अलग से प्रस्ताव तैयार किया जाए।

  • ग्रेड पे: मनरेगा कर्मियों के ग्रेड पे से जुड़े प्रस्ताव को जल्द ही तैयार कर मंत्रिमंडल में भेजा जाए, जो भविष्य में उनके सरकारी कर्मचारी बनने का रास्ता खोल सकता है।

रोजगार अधिकार को धरातल पर उतारने का संकल्प

मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहनें का मतलब है कि ग्रामीण जनता को रोजगार का अधिकार सिर्फ कागज़ों में सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जमीन पर सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मनरेगा ने लाखों ग्रामीणों को मुश्किल समय में आय का स्थायी साधन उपलब्ध कराया है, और अब इसकी कार्यक्षमता को और बढ़ाने पर ठोस काम होगा।

  • दीदी बाड़ी योजना का सकारात्मक प्रभाव: मंत्री ने ‘दीदी बाड़ी योजना’ की सफलता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस योजना ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत किया है और मनरेगा ने रिकॉर्ड मानव-दिवस का निर्माण करके राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गहन मजबूती दी है।

तकनीकी समस्या और खनिज संपदा का उपयोग

हालांकि, मंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा बिना पर्याप्त तैयारी लागू की गई तकनीकी प्रणाली के कारण सामग्री भुगतान में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने जल्द ही इस समस्या के समाधान की उम्मीद जताई।

समापन में, मंत्री ने बताया कि मनरेगा केवल मजदूरी की योजना नहीं है, बल्कि यह राज्य के विकास में एक अहम उपकरण है। उन्होंने कहा कि झारखंड भले ही खनिज संपदा से समृद्ध है, लेकिन मनरेगा के माध्यम से कृषि की अपार संभावनाओं को भी मजबूती दी जा सकती है। यह योजना प्रदेश के जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा में अत्यंत प्रभावी अधिकार है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।