Jamtara Fight: जामताड़ा सदर अस्पताल के बाहर ऑटो चालकों में खूनी संघर्ष, लात-घूंसों से चला 'वर्चस्व' का खेल, अधिकारियों की नाक के नीचे कानून की धज्जियां
जामताड़ा सदर अस्पताल के बाहर अवैध ऑटो स्टैंड को लेकर दो गुटों में हुए हिंसक संघर्ष की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। एम्बुलेंस का रास्ता रोकने वाले स्टैंड और प्रशासनिक उदासीनता के बीच बढ़ते तनाव का पूरा विवरण विस्तार से पढ़िए वरना आप अस्पताल क्षेत्र में पनप रहे इस बड़े खतरे की जानकारी से चूक जाएंगे।
जामताड़ा, 28 जनवरी 2026 – झारखंड के जामताड़ा जिले से कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाली एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। बुधवार को सदर अस्पताल के ठीक बाहर अवैध ऑटो पार्किंग और सवारी बैठाने के 'वर्चस्व' को लेकर दो ऑटो चालकों के बीच जमकर लात-घूंसे चले। बीच सड़क पर हुई इस मारपीट ने न केवल मरीजों और तीमारदारों को डरा दिया, बल्कि कुछ देर के लिए पूरे इलाके में अफरातफरी का माहौल पैदा कर दिया। विडंबना यह है कि यह सब उस मार्ग पर हो रहा है जहाँ से जिले के उपायुक्त (DC), पुलिस अधीक्षक (SP) और सिविल सर्जन जैसे आला अधिकारी रोजाना गुजरते हैं।
वर्चस्व की जंग: अस्पताल का गेट बना अखाड़ा
सदर अस्पताल परिसर के बाहर अवैध रूप से संचालित ऑटो स्टैंड अब 'गुंडागर्दी' का केंद्र बनता जा रहा है।
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सवारी की आपाधापी: ऑटो चालकों के बीच मरीजों को अपनी गाड़ी में बैठाने के लिए होड़ मची रहती है। इसी छीना-झपटी ने बुधवार को हिंसक रूप ले लिया।
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एंबुलेंस का रास्ता जाम: अस्पताल के मुख्य द्वार पर ऑटो के अतिक्रमण के कारण इमरजेंसी सेवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है। कई बार गंभीर मरीजों को लेकर आने वाली एम्बुलेंस इन ऑटो की कतारों में फंसी रहती हैं।
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प्रशासनिक उदासीनता: स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन को सब पता होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे अराजक तत्वों का मनोबल सातवें आसमान पर है।
अतिक्रमण और अव्यवस्था: मरीजों की जान पर भारी
अस्पताल के बाहर अवैध स्टैंड केवल झगड़े की वजह नहीं है, बल्कि यह एक सुरक्षा जोखिम भी है।
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अवैध पार्किंग: कंबाइंड बिल्डिंग और अस्पताल आने-जाने वाले लोगों के लिए पैदल चलना भी दूभर हो गया है।
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वर्चस्व की लड़ाई: आए दिन होने वाले इन झगड़ों से कभी भी कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।
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आम जनता की मांग: स्थानीय निवासियों ने बार-बार इस स्टैंड को खाली कराने की मांग की है, लेकिन फाइलें अधिकारियों के मेज पर ही दबी रह जाती हैं।
जामताड़ा ऑटो विवाद: वर्तमान स्थिति (Conflict Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Details) |
| मुख्य स्थान | सदर अस्पताल का मुख्य द्वार, जामताड़ा |
| विवाद का कारण | अवैध ऑटो स्टैंड और सवारी का वर्चस्व |
| प्रभावित सेवाएँ | एम्बुलेंस और इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवाएँ |
| प्रशासनिक स्थिति | जानकारी के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं |
| जनता की मांग | अवैध स्टैंड को तत्काल हटाना |
बड़ी घटना को आमंत्रण देता प्रशासन
जानकारों का मानना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह की हिंसा केवल एक ट्रेलर है। यदि पुलिस और परिवहन विभाग ने समय रहते इन ऑटो चालकों पर लगाम नहीं कसी, तो भविष्य में यह 'वर्चस्व की जंग' जानलेवा साबित हो सकती है। कंबाइंड बिल्डिंग के पास होने के कारण यहाँ सुरक्षा का घेरा सबसे मजबूत होना चाहिए था, लेकिन वर्तमान स्थिति इसके उलट है।
सुस्ती पड़ सकती है महंगी
जामताड़ा सदर अस्पताल के बाहर हुई यह भिड़ंत प्रशासन के लिए 'वेक-अप कॉल' है। मरीजों की सुरक्षा और एम्बुलेंस के सुगम आवागमन के लिए इस अवैध अतिक्रमण को हटाना अब अनिवार्य हो गया है।
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