Pakur Rape: पाकुड़ में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के 3 दरिंदे गिरफ्तार, हाईवा में अगवा कर 3 दिनों तक किया था नरक जैसा सलूक
पाकुड़ के मालपहाड़ी में नाबालिग लड़की से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हाईवा वाहन जब्त कर लिया गया है और 3 अन्य की तलाश जारी है। बीएनएस और पोक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई। पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
पाकुड़/झारखंड, 7 मार्च 2026 – झारखंड के पाकुड़ जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक खबर सामने आई है, जहां पुलिस ने एक नाबालिग लड़की के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape) के मामले में बड़ी कामयाबी हासिल की है। एसपी निधि द्विवेदी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने छापेमारी कर इस घिनौनी वारदात में शामिल तीन मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है। घटना में इस्तेमाल किए गए हाईवा वाहन को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मच गया है, जबकि बाकी तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश तेज कर दी गई है।
हाईवा बना 'नरक': 3 दिनों तक चलती रही दरिंदगी
यह खौफनाक वारदात 17 फरवरी को मालपहाड़ी ओपी क्षेत्र के पोचाथोल गांव में शुरू हुई थी।
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जबरन अपहरण: नाबालिग लड़की जब गांव की एक दुकान से सामान लाने निकली थी, तभी छह युवकों ने उसे जबरन एक हाईवा वाहन में खींच लिया।
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बंधक बनाकर दुष्कर्म: दरिंदों ने लड़की को दो-तीन दिनों तक अलग-अलग गुप्त ठिकानों पर बंधक बनाकर रखा और उसके साथ लगातार सामूहिक दुष्कर्म किया।
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पंचायत की नाकाम कोशिश: घटना के बाद गांव में पंचायत बुलाकर मामले को दबाने और सुलझाने की कोशिश की गई थी, लेकिन जब न्याय नहीं मिला, तो पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और 6 मार्च को थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
एसपी निधि द्विवेदी का एक्शन: विशेष टीम ने दी दबिश
शिकायत मिलते ही एसपी निधि द्विवेदी ने इसे 'टॉप प्रायोरिटी' पर लिया और मालपहाड़ी ओपी प्रभारी राहुल गुप्ता और पुलिस निरीक्षक परमहंस प्रसाद के नेतृत्व में एक ताकतवर टीम का गठन किया।
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गिरफ्तारी: तकनीकी सुरागों के आधार पर पुलिस ने दशरथ किसको, शक्ल टुडू और प्रधान मरांडी को गिरफ्तार कर लिया।
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महेशपुर से पकड़े गए: शक्ल और प्रधान को महेशपुर थाना क्षेत्र से भागने की कोशिश के दौरान पकड़ा गया।
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अपराध स्वीकार: पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उन पर कांड संख्या 37/26 के तहत धारा 70(2) BNS और 4 पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पाकुड़ और मालपहाड़ी: पत्थर खदानों और संघर्ष का इतिहास
पाकुड़ जिला ऐतिहासिक रूप से अपनी 'ब्लैक स्टोन' (काला पत्थर) खदानों के लिए विश्व विख्यात है।
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मालपहाड़ी का भूगोल: मालपहाड़ी क्षेत्र पत्थर उत्खनन का मुख्य केंद्र है। यहाँ सैकड़ों हाईवा और भारी वाहन दिन-रात चलते हैं। इसी भीड़ और शोर का फायदा उठाकर अपराधियों ने हाईवा को वारदात का जरिया बनाया।
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सामाजिक ताना-बना: संथाल परगना के इस इलाके में जनजातीय समाज की बहुलता है। यहाँ अक्सर 'पंचायत' के जरिए मामलों को सुलझाने की परंपरा रही है, लेकिन इस केस ने साबित कर दिया कि गंभीर अपराधों में कानून ही एकमात्र सहारा है।
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कानूनी बदलाव: नए कानून (BNS) के तहत सामूहिक दुष्कर्म के मामलों में सजा के प्रावधान अब और भी कड़े कर दिए गए हैं, जिसका असर इस केस की चार्जशीट में साफ दिखेगा।
पुलिस का संदेश: "बख्शे नहीं जाएंगे अपराधी"
एसपी निधि द्विवेदी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए पाकुड़ में कोई जगह नहीं है।
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छापेमारी जारी: फरार तीन अन्य आरोपियों की पहचान हो चुकी है और पुलिस की टीमें उनकी लोकेशन ट्रेस कर रही हैं।
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सतर्कता अपील: पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या पंचायत के नाम पर अपराध छिपाने की कोशिश की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
केस का संक्षिप्त विवरण: एक नजर में
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| पीड़िता | नाबालिग लड़की (मालपहाड़ी क्षेत्र) |
| गिरफ्तार आरोपी | दशरथ किसको, शक्ल टुडू, प्रधान मरांडी |
| मुख्य हथियार/वाहन | हाईवा वाहन (पुलिस द्वारा जब्त) |
| दर्ज धाराएं | 70(2) BNS और 4 POCSO एक्ट |
| टीम नेतृत्व | एसपी निधि द्विवेदी एवं ओपी प्रभारी राहुल गुप्ता |
न्याय की उम्मीद और कड़ा प्रहार
पाकुड़ पुलिस की इस कार्रवाई ने पीड़िता के जख्मों पर मरहम लगाने का काम किया है। 17 फरवरी से 6 मार्च तक का समय पीड़िता के लिए किसी कालखंड से कम नहीं था। अब समाज और कानून की जिम्मेदारी है कि इन दरिंदों को ऐसी सजा मिले जो मिसाल बन जाए। फरार तीन आरोपियों का सलाखों के पीछे जाना अब महज कुछ समय की बात है।
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