Jamtara Raid: जामताड़ा में शराब की मिनी फैक्ट्री का पर्दाफाश, ईंट भट्ठे के पीछे चल रहा था 'जहरीला' खेल, यूपी के फर्जी स्टिकर देख पुलिस भी दंग

जामताड़ा के केंबोना गांव में उत्पाद विभाग द्वारा अवैध शराब की मिनी फैक्ट्री के भंडाफोड़ की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। 1000 लीटर से अधिक स्प्रिट, यूपी के फर्जी स्टिकर और शातिर माफिया मनोज मंडल के इस काले साम्राज्य का पूरा विवरण विस्तार से पढ़िए वरना आप जामताड़ा में सक्रिय सबसे बड़े शराब सिंडिकेट की इस अहम जानकारी से चूक जाएंगे।

Jan 29, 2026 - 20:51
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Jamtara Raid: जामताड़ा में शराब की मिनी फैक्ट्री का पर्दाफाश, ईंट भट्ठे के पीछे चल रहा था 'जहरीला' खेल, यूपी के फर्जी स्टिकर देख पुलिस भी दंग
Jamtara Raid: जामताड़ा में शराब की मिनी फैक्ट्री का पर्दाफाश, ईंट भट्ठे के पीछे चल रहा था 'जहरीला' खेल, यूपी के फर्जी स्टिकर देख पुलिस भी दंग

जामताड़ा, 29 जनवरी 2026 – साइबर क्राइम के लिए कुख्यात रहे जामताड़ा में अब 'जहरीली शराब' के सिंडिकेट ने जड़ें जमा ली हैं। गुरुवार को जामताड़ा के केंबोना गांव में उत्पाद विभाग ने एक गुप्त सूचना के आधार पर ऐसी 'सर्जिकल स्ट्राइक' की, जिसने अवैध शराब माफियाओं की कमर तोड़ दी है। एस ब्रिक्स फैक्ट्री (ईंट भट्ठा) के पीछे छिपी एक मिनी शराब फैक्ट्री का उद्भेदन करते हुए विभाग ने भारी मात्रा में स्प्रिट और नामी ब्रांडों के नाम पर बनाई जा रही नकली शराब जब्त की है। इस कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि जामताड़ा के सुदूर इलाकों में ईंट भट्ठों की आड़ में मौत का सामान तैयार किया जा रहा था।

मनोज मंडल का 'जहरीला' ठिकाना: छापेमारी की पूरी कहानी

उत्पाद विभाग की टीम ने जब केंबोना गांव स्थित मनोज मंडल के ठिकानों पर दबिश दी, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए।

  • भारी बरामदगी: छापेमारी के दौरान मौके से 1050 लीटर स्प्रिट और 86 लीटर ऑफिसर्स चॉइस ब्रांड की शराब बरामद की गई।

  • फर्जीवाड़े का खेल: ताज्जुब की बात यह है कि बरामद शराब की बोतलों पर उत्तर प्रदेश (UP) के फर्जी स्टिकर और होलोग्राम लगे हुए थे। इसका मतलब साफ है कि शराब जामताड़ा में बन रही थी, लेकिन उसे यूपी से तस्करी कर लाई गई ब्रांडेड शराब बताकर ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा था।

  • संगठित सिंडिकेट: उत्पाद विभाग के अधिकारी कुंदन कौशल ने बताया कि यह कोई छोटी-मोटी चोरी नहीं, बल्कि एक संगठित तरीके से चलाया जा रहा अंतरराज्यीय सिंडिकेट जैसा प्रतीत होता है।

माफिया मनोज मंडल: पुराना खिलाड़ी, नए हथकंडे

जांच में यह भी सामने आया है कि इस काले कारोबार का मास्टरमाइंड मनोज मंडल कोई नया अपराधी नहीं है।

  1. पुराना इतिहास: मनोज मंडल लंबे समय से जामताड़ा और आसपास के जिलों में अवैध शराब की सप्लाई कर रहा है।

  2. चुनावी कनेक्शन: पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान भी उसके पास से भारी खेप पकड़ी गई थी, लेकिन वह कानून की गिरफ्त से बचने में कामयाब रहा था।

  3. चुनावी आहट और तस्करी: आगामी निकाय चुनाव को देखते हुए यह भारी मात्रा में स्प्रिट इकट्ठा की गई थी ताकि नकली शराब बनाकर उसे खपाया जा सके।

जामताड़ा शराब कांड: बरामदगी का कच्चा चिट्ठा (Raid Snapshot)

बरामद सामान मात्रा (Quantity) विशेषता (Highlights)
कच्चा स्प्रिट 1050 लीटर जहरीली शराब बनाने का मुख्य रॉ मटेरियल
ऑफिसर्स चॉइस (नकली) 86 लीटर यूपी के फर्जी स्टिकर के साथ
मुख्य आरोपी मनोज मंडल पुराना शराब माफिया (फरार)
लोकेशन केंबोना गांव एस ब्रिक्स फैक्ट्री के पास
विभाग उत्पाद विभाग कुंदन कौशल के नेतृत्व में कार्रवाई

हड़कंप: माफियाओं में खलबली

उत्पाद विभाग की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अन्य अवैध शराब कारोबारियों ने अपने ठिकाने बदलने शुरू कर दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी कीमत पर तस्करी और नकली शराब के इस खेल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी कहा कि इस बात की जांच की जा रही है कि उत्तर प्रदेश के फर्जी स्टिकर कहाँ छापे जा रहे थे।

जामताड़ा पुलिस की बड़ी कामयाबी

केंबोना गांव में मिली यह सफलता जामताड़ा प्रशासन के लिए एक बड़ी जीत है। स्प्रिट की इतनी बड़ी मात्रा यह दर्शाती है कि अगर यह शराब बाजार में पहुँच जाती, तो सैकड़ों लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती थी। अब पुलिस की प्राथमिकता मनोज मंडल को सलाखों के पीछे पहुँचाना है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।