Jamshedpur Protest: कांग्रेस ने खोला पानी सप्लाई घोटाले का राज, टाटा स्टील UISL पर गंभीर आरोप
जमशेदपुर में मोहरदा जलापूर्ति योजना को लेकर कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन हुआ। टाटा स्टील यूआईएसएल पर गंभीर आरोप लगे हैं। जानिए क्यों कांग्रेस ने नगर निगम को सौंपा मांग पत्र और क्या है इस योजना का पूरा सच।
जमशेदपुर में शनिवार को कुछ ऐसा हुआ जिसने नगर निगम की नींद उड़ा दी। पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमिटी के नेतृत्व में, मोहरदा जलापूर्ति योजना में हो रही भारी अनियमितताओं के खिलाफ एक बड़ा और तीखा प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति के कार्यालय पर हुआ, जहाँ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर प्रशासन और योजना के संवेदक टाटा स्टील यूआईएसएल के खिलाफ जमकर मोर्चा खोला।
क्या है मोहरदा जलापूर्ति योजना और क्यों है चर्चा में?
2005 में जिस योजना की नींव रखी गई थी, उसका उद्देश्य था 2008 तक जमशेदपुर के हजारों घरों में नियमित और साफ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करना। लेकिन, 17 साल बाद भी इस योजना का सिर्फ 25-30% ही क्रियान्वयन हुआ है। 2017 से लोगों को आंशिक रूप से पानी मिलना शुरू हुआ, पर नियमित नहीं।
कभी सुबह 5 बजे, कभी 10 बजे पानी आता है—लोगों की दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो चुकी है। इतना ही नहीं, फ्लैट और सोसाइटी वालों से सर्विस पाइप के नाम पर मनमाना बजट वसूला जा रहा है। इससे जनता में नाराजगी है और सरकार की साख पर भी सवाल उठ रहे हैं।
प्रदर्शन में क्या हुआ खास?
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिलाध्यक्ष आनन्द बिहारी दुबे ने कहा—"सरकार ने जनता की बुनियादी जरूरत को मजाक बना दिया है। टाटा स्टील यूआईएसएल को संवेदक बनाकर पूरी योजना को बर्बाद कर दिया गया।"
एक मांग पत्र नगर आयुक्त के नाम पर विशेष पदाधिकारी को सौंपा गया, जिसमें जलापूर्ति व्यवस्था को जल्द सुधारने की मांग की गई। विशेष पदाधिकारी ने आश्वासन दिया कि सोमवार को नगर आयुक्त, टाटा स्टील यूआईएसएल और कांग्रेस प्रतिनिधियों के साथ त्रिस्तरीय वार्ता होगी।
50 हज़ार घरों की प्यास अब तक नहीं बुझी
बिरसानगर, मोहरदा, मोराकाटी, बारीडीह बस्ती, बागुनहातू और बागुननगर जैसे क्षेत्र—जहाँ योजना से 50 हज़ार से अधिक घरों को लाभ मिलना था, वहाँ अब तक जलापूर्ति अधूरी है। साल 2025 तक भी हालात जस के तस हैं।
जनता पानी के लिए तरस रही है, वहीं विभागीय अफसर और टाटा स्टील यूआईएसएल के बीच जिम्मेदारी टालने का खेल चल रहा है।
कांग्रेस का चेतावनी भरा ऐलान
कांग्रेस ने साफ कहा है कि अगर समय पर जलापूर्ति योजना पूरी नहीं की गई तो जिला कांग्रेस कमिटी जोरदार आंदोलन के लिए बाध्य होगी और इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
कौन-कौन थे प्रदर्शन में शामिल?
कार्यक्रम में कांग्रेस के कई बड़े चेहरे मौजूद रहे—जिलाध्यक्ष आनन्द बिहारी दुबे, प्रदेश सचिव राकेश तिवारी, शफी अहमद खान, राजकिशोर यादव, सुखदेव सिंह मल्ली, ज्योतिष यादव सहित कई प्रखंड अध्यक्ष और मंडल प्रतिनिधि भी प्रदर्शन में शामिल हुए।
विशेष रूप से महिला कार्यकर्ता, युवा संगठन के सदस्य, सेवादल और समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी आवाज बुलंद की।
इतिहास से सबक लेने का समय
इस तरह की योजनाएँ जब राजनीतिक लापरवाही और कॉर्पोरेट गठजोड़ की भेंट चढ़ती हैं, तब जनता को ही कीमत चुकानी पड़ती है। मोहरदा जलापूर्ति योजना इसका ताजा उदाहरण है।
अब सवाल है—क्या सोमवार की बैठक में कोई ठोस हल निकलेगा या फिर यह बैठक भी कागज़ी कार्रवाई बनकर रह जाएगी?
जमशेदपुर की जनता अब और इंतज़ार के मूड में नहीं है। मोहरदा जलापूर्ति योजना पर उठे सवाल न सिर्फ पानी की आपूर्ति पर हैं, बल्कि सरकार की नियत और प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करते हैं। अब देखना है कि सोमवार की वार्ता में जनता को राहत मिलेगी या कांग्रेस को अपने आंदोलन को और तेज़ करना पड़ेगा।
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