Tinplate Fraud: मदद के बहाने चूना, टिनप्लेट चौक पर एटीएम कार्ड बदलकर 76 हजार पार, बिरसानगर के जयशंकर की एक गलती और खाली हो गया खाता

जमशेदपुर के गोलमुरी स्थित टिनप्लेट चौक पर एटीएम कार्ड बदलकर 76 हजार रुपये की ठगी की पूरी सनसनीखेज रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। एचडीएफसी एटीएम में 'मददगार' बनकर आए ठग और जयशंकर कुमार के साथ हुई इस बड़ी धोखाधड़ी का पूरा विवरण विस्तार से पढ़िए वरना आप भी डिजिटल ठगी के इस जाल में फंस सकते हैं।

Jan 29, 2026 - 13:42
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Tinplate Fraud: मदद के बहाने चूना, टिनप्लेट चौक पर एटीएम कार्ड बदलकर 76 हजार पार, बिरसानगर के जयशंकर की एक गलती और खाली हो गया खाता
Tinplate Fraud: मदद के बहाने चूना, टिनप्लेट चौक पर एटीएम कार्ड बदलकर 76 हजार पार, बिरसानगर के जयशंकर की एक गलती और खाली हो गया खाता

जमशेदपुर/गोलमुरी, 29 जनवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर में साइबर और डिजिटल ठगों ने अब एटीएम बूथों को अपना नया अड्डा बना लिया है। गोलमुरी थाना क्षेत्र के टिनप्लेट चौक स्थित एचडीएफसी बैंक (HDFC) के एटीएम में एक बेहद शातिराना ढंग से ठगी को अंजाम दिया गया। बिरसानगर के रहने वाले एक शख्स को 'मदद' करने का झांसा देकर ठग ने न केवल उनका पिन नंबर हासिल किया, बल्कि पलक झपकते ही एटीएम कार्ड बदलकर खाते से 76 हजार रुपये साफ कर दिए। पुलिस अब सीसीटीवी कैमरों के जरिए उस 'अदृश्य' चेहरे की तलाश कर रही है जिसने इस वारदात को अंजाम दिया।

वारदात की कहानी: एक 'मददगार' अजनबी और 76 हजार का घाटा

बिरसानगर रामाकृष्णा अपार्टमेंट के निवासी जयशंकर कुमार के साथ हुई यह घटना किसी के लिए भी एक सबक हो सकती है।

  • मशीन में 'खराबी' का ड्रामा: 22 जनवरी की सुबह करीब 8 बजे जयशंकर टिनप्लेट चौक स्थित एटीएम से पैसे निकालने पहुँचे। बार-बार कोशिश के बाद भी पैसे नहीं निकल रहे थे।

  • शिकार की तलाश: एटीएम के पास ही खड़े एक युवक ने जयशंकर को परेशान देख उनकी मदद करने की पेशकश की। उसने कहा कि शायद मशीन में कोई तकनीकी खराबी है और कार्ड ठीक से काम नहीं कर रहा।

  • बड़ी चूक: ठग ने बातों-बातों में जयशंकर का भरोसा जीत लिया और उनका पिन नंबर जान लिया। फिर कार्ड देखने के बहाने उसने बड़ी चालाकी से जयशंकर का कार्ड बदलकर उन्हें कोई दूसरा नकली कार्ड थमा दिया।

मैसेज देखते ही उड़े होश: मिनटों में साफ हुआ खाता

जयशंकर एटीएम से बाहर निकले ही थे कि उनके मोबाइल पर 76 हजार रुपये की निकासी का मैसेज आया।

  1. धोखाधड़ी का अहसास: मैसेज देखते ही जयशंकर के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने जब अपना कार्ड देखा, तो पता चला कि वह बदल दिया गया है।

  2. बैंक और पुलिस की दौड़: उन्होंने तुरंत बैंक जाकर अपना खाता ब्लॉक कराया और गोलमुरी थाने में अज्ञात ठग के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई।

एटीएम ठगी कांड: घटना का विश्लेषण (Crime Analysis Snapshot)

विवरण प्रमुख जानकारी (Key Details)
पीड़ित का नाम जयशंकर कुमार (बिरसानगर निवासी)
स्थान एचडीएफसी एटीएम, टिनप्लेट चौक, गोलमुरी
ठगी की राशि 76,000 रुपये
तरीका (Modus Operandi) कार्ड स्वैपिंग (Card Swapping)
समय 22 जनवरी, सुबह 8:00 से 8:30 बजे

इतिहास का पन्ना: जमशेदपुर का टिनप्लेट और बदलती अर्थव्यवस्था

जमशेदपुर का टिनप्लेट क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से शहर का एक बड़ा औद्योगिक केंद्र रहा है। 1920 के दशक में जब 'टिनप्लेट कंपनी ऑफ इंडिया' की स्थापना हुई, तब यह इलाका श्रमिकों और मध्यम वर्गीय परिवारों की पहली पसंद बना। इतिहास गवाह है कि टाटा स्टील के विस्तार के साथ-साथ यहाँ बैंकिंग सेवाओं का भी तेजी से विकास हुआ। 1990 के दशक तक यहाँ बैंकिंग का मतलब केवल पासबुक और काउंटर होता था। लेकिन पिछले दो दशकों में डिजिटल क्रांति के साथ एटीएम और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन ने जगह ले ली। अफसोस की बात यह है कि जैसे-जैसे जमशेदपुर 'डिजिटल' हुआ, ठगों ने भी अपने पुराने तरीके छोड़कर एटीएम बूथों को कत्लगाह बना लिया। टिनप्लेट चौक जैसी व्यस्त जगह पर ऐसी ठगी होना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

पुलिस की रडार पर 'सीसीटीवी' फुटेज

गोलमुरी पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एटीएम के भीतर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस को उम्मीद है कि 22 जनवरी की सुबह उस वक्त एटीएम में प्रवेश करने वाले युवक की पहचान जल्द हो जाएगी।

  • सावधानी की अपील: पुलिस ने शहरवासियों से अपील की है कि एटीएम में किसी भी स्थिति में अजनबियों की मदद न लें। पिन नंबर डालते समय कीपैड को हाथ से ढंकें और किसी को भी अपना पिन न बताएं।

सतर्कता ही बचाव है

जयशंकर कुमार की यह कहानी जमशेदपुर के हर नागरिक के लिए एक चेतावनी है। एक छोटी सी लापरवाही और किसी अजनबी पर किया गया भरोसा आपकी गाढ़ी कमाई को पल भर में लूट सकता है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।