Jamshedpur Suicide : मखदुमपुर में चार दिनों के पति-पत्नी विवाद का खौफनाक अंत, ऑटो चालक मोहम्मद जहीर ने रात 10 बजे दी जान!
जमशेदपुर के परसुडीह मखदुमपुर में पति-पत्नी के बीच चार दिनों से चल रहे विवाद के बाद ऑटो चालक मोहम्मद जहीर द्वारा घर के भीतर फंदे से लटककर खुदकुशी करने की पूरी लाइव ऑन-फील्ड रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर, 29 मई 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मखदुमपुर रोड नंबर-1 रेलवे लाइन कॉरिडोर से एक बेहद विचलित करने वाली, संवेदनशील और रूह कँपा देने वाली आत्महत्या (Suicide Due To Domestic Dispute) की दुखद घटना सामने आई है। यहाँ पिछले चार-पांच दिनों से अपनी पत्नी के साथ चल रहे गंभीर पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव के कारण 28 वर्षीय एक शादीशुदा ऑटो चालक युवक मोहम्मद जहीर ने गुरुवार की रात अपने ही कमरे के भीतर फंदे से लटककर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतक मोहम्मद जहीर स्थानीय निवासी मोहम्मद करीम का पुत्र था। वह अपने पीछे दो मासूम बच्चों और रोती-बिलखती पत्नी को छोड़ गया है। गुरुवार रात करीब 10:00 बजे जब इस खौफनाक विधिक त्रासदी का खुलासा हुआ, तो पूरे मखदुमपुर लाइन किनारे अंचल में भारी कोहराम और सन्नाटा पसर गया। परसुडीह थाना पुलिस ने स्थानीय परिजनों की ऑन-फील्ड सूचना पर त्वरित विधिक कार्रवाई करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम (MGM) अस्पताल भेज दिया है।
हादसे की लाइव इनसाइड स्टोरी: चार दिनों का डार्क कलह, रात 10 बजे का सन्नाटा और बंद दरवाजे का खौफनाक सच
पूर्वी सिंहभूम जिला पुलिस मुख्यालय, परसुडीह थाना गश्ती विंग और स्थानीय मखदुमपुर अंचल के आंतरिक विधिक सूत्रों से मिली लाइव ऑन-फील्ड इनपुट के अनुसार, यह पूरी घटना एक हंसते-खेलते युवा परिवार के भीतर उपजे डार्क मानसिक अवसाद की दर्दनाक दास्तान है।
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दादा-दादी के घर में विवाद: मोहम्मद जहीर पेशे से ऑटो चालक था और अपनी आजीविका चलाने के साथ-साथ अपनी पत्नी व दो छोटे बच्चों के साथ मखदुमपुर में अपने दादा-दादी के पुराने पैतृक घर में रहता था। पिछले चार-चार दिनों से किसी गुप्त घरेलू बात को लेकर पति-पत्नी के बीच लगातार तीखी बहस और कलह चल रही थी।
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काफी देर तक नहीं खुला कमरा: गुरुवार की रात विवाद बढ़ने के बाद जहीर अपने कमरे के भीतर चला गया। रात करीब 10:00 बजे जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला और भीतर से कोई हलचल नहीं हुई, तो बाहर मौजूद दादा-दादी और परिजनों को विधिक रूप से गहरा शक हुआ।
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दरवाजा तोड़ते ही मची चीख-पुकार: परिजनों ने जब खिड़की से झांका और दरवाजा तोड़कर भीतर प्रवेश किया, तो जहीर का शव फंदे से लटकता मिला। घर के भीतर चीख-पुकार मचते ही आसपास के सैकड़ों लाइन किनारे के निवासी जुट गए, जिन्होंने परसुडीह थाना प्रभारी को इसकी सीक्रेट ऑन-फील्ड इनपुट दी।
श्रमिक बस्तियों में पारिवारिक मध्यस्थता विंग और मानसिक काउंसलिंग का विधिक पहरा समय की मांग
परसुडीह थाना पुलिस की विधिक टीम ने जिस तत्परता से रात के अंधेरे में मौके पर पहुंचकर शव को एमजीएम अस्पताल भेजा और कानून व्यवस्था को संभाला, वह कानून के विधिक क्रियान्वयन की दिशा में एक बहुत बड़ा ऑन-फील्ड माइलस्टोन है। पुलिस अब मृतक के कमरे से किसी सुसाइड नोट की तलाश कर रही है और पत्नी व पिता मोहम्मद करीम का विधिक बयान दर्ज कर रही है ताकि खुदकुशी के वास्तविक कारणों का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जा सके। लेकिन केवल शव का पोस्टमार्टम कराना इस गहरे सामाजिक अवसाद का स्थायी समाधान नहीं है। 2026 के इस आधुनिक और शहरी विकास के युग में पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन, टाटा स्टील फाउंडेशन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) को तुरंत संयुक्त संज्ञान लेते हुए पूरे परसुडीह, मखदुमपुर और कीताडीह जैसे घने श्रमिक अंचलों में 'कम्युनिटी मेंटल हेल्थ सेंटर्स' और 'पारिवारिक काउंसलिंग स्क्वाड' स्थापित करने होंगे। जब तक सुदूर बस्तियों में टूटने वाले परिवारों को मनोवैज्ञानिक और विधिक सुरक्षा कवच प्रदान नहीं किया जाता, तब तक जमशेदपुर के इस ऐतिहासिक, व्यस्त और औद्योगिक अंचल को अवसाद के इस डार्क और जानलेवा इतिहास से पूरी तरह मुक्त नहीं कराया जा सकेगा।
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