Jamshedpur Arrest: जमशेदपुर में NH-33 पर दंपति से लूट के बाद बड़ी गिरफ्तारी, 2 लुटेरे दबोचे, स्कूटी और ₹4500 बरामद
क्या आप जानते हैं कि जमशेदपुर के NH-33 पर 26 अक्टूबर को दंपति से लूट की घटना कैसे हुई? बेलाजुड़ी काली मंदिर के पास अजीत जेना और उनकी पत्नी को क्यों निशाना बनाया गया? धालभूमगढ़ से आए जीतेंद्रनाथ सिंह और मेघनाथ सिंह ने कैसे किया वारदात को अंजाम? लुटेरों के पास से स्कूटी, पल्सर और दो मोबाइल कैसे बरामद हुए? जानें एमजीएम पुलिस की त्वरित कार्रवाई की पूरी कहानी और लुटेरों के सक्रिय होने की वजह!
जमशेदपुर, 29 अक्टूबर 2025 – जमशेदपुर के एमजीएम थाना क्षेत्र में NH-33 जैसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक दंपति को निशाना बनाकर की गई लूटपाट की घटना ने पूरे इलाके में खलबली मचा दी। लेकिन पुलिस की त्वरित और सटीक कार्रवाई से अपराधी भागने में सफल नहीं हो पाए। एमजीएम पुलिस ने महज कुछ ही घंटों में लूटपाट को अंजाम देने वाले दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह गिरफ्तारी साफ संकेत देती है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर अपराधियों का अब राज नहीं चलेगा।
NH-33 पर रोका वाहन, दंपति के साथ मारीपीट
लूट की यह चौंकाने वाली वारदात 26 अक्टूबर को तब हुई, जब अजीत जेना और उनकी पत्नी साकची रिलायंस फ्रेश मॉल से लाल रंग की स्कूटी पर सवार होकर मुसाबानी की ओर जा रहे थे।
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बेलाजुड़ी काली मंदिर के पास: NH-33 पर बेलाजुड़ी काली मंदिर से थोड़ा आगे बढ़ते ही रोड के दाहिने तरफ से अचानक काले रंग की पल्सर पर सवार दो युवकों ने उन्हें रोक लिया।
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जानलेवा धमकी: अपराधियों ने दंपत्ति के साथ मारपीट शुरू कर दी और धमकी दी कि “जितना पैसा है, निकालो, नहीं तो और मारेंगे।” मारपीट करने के बाद लुटेरों ने दंपत्ति की स्कूटी और 4500 रुपये नकद लूट लिए और फरार हो गए।
कहां से आए थे लुटेरे? धालभूमगढ़ का कनेक्शन
पीड़ित दंपत्ति ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई लूट की घटना को गंभीरता से लिया और बिना देर किए जांच शुरू कर दी।
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गिरफ्तारी: त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जीतेंद्रनाथ सिंह और मेघनाथ सिंह को गिरफ्तार कर लिया। जीतेंद्रनाथ सिंह मूल रूप से धालभूमगढ़ के कानस के छोड़िया का स्थायी निवासी है, लेकिन वर्तमान में वह एमजीएम थाना क्षेत्र के बेलाजुड़ी में रह रहा था।
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बरामदगी: पुलिस ने गिरफ्तार लुटेरों के पास से लूटी गई लाल रंग की स्कूटी, घटना में प्रयुक्त काले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। यह बरामदगी साफ तौर पर पुलिस की सफलता को दर्शाती है।
NH-33 पर बढ़ता खतरा: क्या और भी गिरोह सक्रिय हैं?
एनएच-33 झारखंड और ओडिशा के बीच एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक और यात्री मार्ग है। इस तरह की लूटपाट की घटनाएं सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। लुटेरों का धालभूमगढ़ से जुड़ाव यह संकेत देता है कि अपराधी एक इलाके में लूट करके दूसरे इलाके में छिपने की रणनीति अपना रहे थे।
फिलहाल, दोनों लुटेरों को जेल भेज दिया गया है, और पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन दोनों ने पहले भी एनएच-33 या अन्य व्यस्त मार्गों पर ऐसी वारदातों को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई ने पुलिस की मुस्तैदी और संकल्प को मजबूत किया है, लेकिन यह भी जरूरी है कि राजमार्गों पर रात्रि गश्त को और बढ़ाया जाए ताकि आम जनता बिना किसी डर के यात्रा कर सके।
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