Jugsalai Suicide: स्कूटी चाबी को लेकर विवाद के बाद छात्रा ने फांसी लगा ली, घर पर था छोटा भाई
जुगसलाई में 16 वर्षीय छात्रा वैष्णवी जायसवाल ने स्कूटी चाबी को लेकर हुए विवाद के बाद फांसी लगा ली, परिजन मंदिर गए थे, घर पर था छोटा भाई।
Jamshedpur Shocker: जमशेदपुर के जुगसलाई थाना क्षेत्र स्टेशन रोड में एक किशोरी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना रविवार देर शाम की है। मृतका की पहचान वैष्णवी जायसवाल (16) के रूप में हुई है। उसने स्कूटी की चाबी को लेकर हुए मामूली विवाद के बाद यह कदम उठा लिया।
माता-पिता मंदिर गए थे, घर पर केवल छोटा भाई था
घटना के वक्त घर पर केवल वैष्णवी और उसका छोटा भाई था। उसकी मां और पिता मंदिर गए हुए थे। वैष्णवी ने अपने छोटे भाई से स्कूटी की चाबी मांगी। जब भाई ने चाबी नहीं दी, तो वह तनाव में आ गई और अंदर के कमरे में जाकर दरवाजा बंद कर लिया।
घंटों तक दरवाजा नहीं खुला, भाई ने परिजनों को किया फोन
काफी देर तक जब वैष्णवी बाहर नहीं निकली, तो छोटे भाई ने दरवाज़ा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उसने तुरंत अपने माता-पिता को फोन किया और स्थिति से अवगत कराया। घरवाले तुरंत वापस लौटे।
परिजनों ने कमरे का दरवाजा तोड़ा, बेटी लटकी मिली
परिजन मौके पर पहुंचे और पड़ोसियों की मदद से कमरे का दरवाजा तोड़ा गया। अंदर का नजारा हृदयविदारक था। वैष्णवी फंदे से लटकी हुई थी। उसे तुरंत नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
बिष्टुपुर में क्लासेस जाती थी वैष्णवी
वैष्णवी बिष्टुपुर में प्रेरणा क्लासेस में पढ़ती थी। पढ़ाई को लेकर उस पर कोई खास दबाव नहीं था। पड़ोसियों के मुताबिक, वह एक शांत स्वभाव की लड़की थी। परिजनों को आज भी यकीन नहीं हो रहा कि एक मामूली सी बात ने इतना बड़ा रूप ले लिया।
तंग गलियों से लेकर बढ़ता तनाव
जुगसलाई का स्टेशन रोड इलाका जमशेदपुर के पुराने और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में से एक है। यहाँ छोटी-छोटी दुकानें, रिहायशी मकान और झुग्गियाँ हैं। इस क्षेत्र में हाल के वर्षों में किशोरों और युवाओं में तनाव और डिप्रेशन के मामले बढ़े हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शहरीकरण और बदलती जीवनशैली के कारण युवा पीढ़ी पर अनकहा दबाव बढ़ रहा है, जो कभी-कभी घातक साबित होता है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
वैष्णवी की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता भी आंसू नहीं रोक पा रहे हैं। परिवार में केवल छोटा भाई ही उस समय घर पर था, और वह अब यह सोचकर खुद को दोषी मान रहा है कि उसने चाबी देने से मना कर दिया था। पड़ोसी और रिश्तेदार परिवार को सांत्वना देने आ रहे हैं।
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा
पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामले की जांच जारी रखी है। अब तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हो पाया है।
किशोरों में बढ़ता तनाव एक चिंता का विषय
मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, आजकल किशोरों में तनाव, असुरक्षा की भावना और मानसिक अवसाद के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। परीक्षा, सोशल मीडिया, परिवार में छोटे-छोटे झगड़े, यहाँ तक कि स्कूटी की चाबी जैसी छोटी बात भी किशोरों के लिए बड़ी समस्या बन सकती है। इस आत्महत्या की घटना ने एक बार फिर अभिभावकों और शिक्षकों को चिंतित कर दिया है।
बच्चों से खुलकर बात करें माता-पिता
इस दुखद घटना ने एक बार फिर यह सीख दी है कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों से खुलकर बात करें, उनके तनाव को समझें और जरूरत पड़ने पर काउंसलर की मदद लें। बच्चों को यह अहसास दिलाना जरूरी है कि हर समस्या का हल होता है, और वे अकेले नहीं हैं।
आपकी राय क्या है – क्या स्कूलों और कॉलेजों में बच्चों के लिए काउंसलिंग को अनिवार्य किया जाना चाहिए? कमेंट में बताएं।
अगर आप या आपका कोई जानने वाला मानसिक अवसाद का शिकार हो रहा है, तो चुप न रहें। मदद के लिए मनोवैज्ञानिक से संपर्क करें।
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