Kadma Shock: कदमा के उपभोक्ता को ₹3 लाख से ज्यादा का बिजली बिल, शून्य यूनिट पर ₹3,24,515 बकाया, JBVNL की बड़ी लापरवाही

जमशेदपुर के श्यामल प्रमाणिक को JBVNL ने शून्य यूनिट पर ₹3,24,515 का बिजली बिल क्यों भेजा? क्या आप जानते हैं कि जिस घर में TV तक नहीं है और बिजली फ्री है, वहां इतना बकाया कैसे आया? रीडिंग कर्मचारी ने कौन सी बड़ी गलती की थी? शिकायत के एक सप्ताह बाद भी विभाग ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की? कार्यपालक विद्युत अभियंता ने समस्या के समाधान के लिए क्या आश्वासन दिया है? पूरी जानकारी पढ़ें!

Oct 30, 2025 - 20:55
Oct 30, 2025 - 20:58
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Kadma Shock: कदमा के उपभोक्ता को ₹3 लाख से ज्यादा का बिजली बिल, शून्य यूनिट पर ₹3,24,515 बकाया, JBVNL की बड़ी लापरवाही
Kadma Shock: कदमा के उपभोक्ता को ₹3 लाख से ज्यादा का बिजली बिल, शून्य यूनिट पर ₹3,24,515 बकाया, JBVNL की बड़ी लापरवाही

जमशेदपुर, 30 अक्टूबर 2025 – झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) की कार्यप्रणाली एक बार फिर से चर्चा के केंद्र में है, लेकिन इस बार वजह इतनी चौंकाने वाली है कि आप सकते में आ जाएंगे। कदमा के भाटिया बस्ती निवासी श्यामल प्रमाणिक को विभाग की ओर से ₹3,24,515 का बिजली बिल भेजा गया है, जबकि उनके घर में बिजली उपयोग शून्य दिखाया गया है और वह सरकारी योजना के तहत मुफ्त बिजली के हकदार हैं। इस भारी-भरकम बिल को देखकर श्यामल प्रमाणिक के होश उड़ गए हैं, और उन्होंने विभाग की इस घोर लापरवाही पर त्वरित समाधान की मांग की है।

शून्य यूनिट का रहस्य: जब TV तक नहीं तो बिल इतना कैसे आया?

श्यामल प्रमाणिक मोहन पथ स्थित अपने दो कमरों के एक छोटे से घर में अपनी पत्नी के साथ रहते हैं।

  • सीमित उपकरण: उनके घर में बिजली उपकरणों के नाम पर केवल एक पंखा, ट्यूब लाइट और एक फ्रिज है। चौंकाने वाली बात यह है कि उनके घर में टीवी तक नहीं है।

  • मुफ्त बिजली के हकदार: सरकार की ओर से 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त करने की घोषणा के बाद से श्यामल के घर का उपभोग हर महीने 150 से 170 यूनिट के बीच ही रहा है। इस कारण उनका बिल अब तक शून्य आता था।

रीडर की चूक: अंक बन गया पूरा पॉइंट

यह पूरी गलती 21 अक्टूबर को रीडिंग कर्मचारी के घर पहुंचने के बाद शुरू हुई।

  • मीटर जांच के बाद: कर्मचारी ने मीटर जांच की, पर कोई बिल नहीं दिया। तीन दिन बाद, श्यामल के मोबाइल पर एक मैसेज आया, जिसने उन्हें सदमे में डाल दिया: ₹3,24,515 का बकाया।

  • तकनीकी त्रुटि: यह बिल तब आया जब मीटर में यूनिट और केवीए दोनों शून्य दर्शा रहे थे। मानगो के कार्यपालक विद्युत अभियंता कपिल रंजन तिग्गा ने खुद स्वीकार किया कि रीडर द्वारा पॉइंट को अंक में जोड़ देने के कारण यह बड़ी गलती हुई है।

अल्टीमेटम और लाचारी: 6 नवंबर तक भुगतान की मांग

इस भारी-भरकम बिल के बाद श्यामल प्रमाणिक ने तुरंत कदमा स्थित बिजली विभाग कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।

  • अधिकारी की उदासीनता: अधिकारियों ने बिल देखकर उन्हें लिखित शिकायत देने को कहा। श्यामल ने शिकायत दी भी, लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

  • विभाग का दबाव: अब विभाग की ओर से श्यामल को छह नवंबर तक बिल भुगतान का अल्टीमेटम देकर परेशान किया जा रहा है। श्यामल का सीधा सवाल है कि जब बिजली मुफ्त है, तो लाखों के इस बिल की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?

मानगो के कार्यपालक विद्युत अभियंता ने आश्वासन दिया है कि शुक्रवार को इस समस्या का निदान करा दिया जाएगा, लेकिन यह लापरवाही दिखाती है कि JBVNL की त्रुटियों से आम उपभोक्ताओं को कितनी मानसिक परेशानी झेलनी पड़ती है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।