Jamshedpur Suicide Mystery: 80 साल की बुजुर्ग ने अस्पताल से लौटकर साड़ी से लगायी फांसी, कमरे में घुसते ही परिजनों के उड़े होश, क्या थी वजह?
जमशेदपुर के कदमा में दिल दहला देने वाली घटना! अस्पताल से डिस्चार्ज होकर लौटी 80 वर्षीय मनी झा ने फांसी लगाई। रात में खाना खाने के बाद सुबह फांसी पर लटकी मिलीं। लंबी बीमारी आत्महत्या का कारण?
जमशेदपुर, 27 नवंबर 2025 – जमशेदपुर (Jamshedpur) के कदमा थाना क्षेत्र (Kadma Police Station) के शास्त्रीनगर ब्लॉक नंबर 5 (Shastrinagar Block No. 5) स्थित जयप्रभा कॉलोनी (Jaiprabha Colony) में गुरुवार सुबह (Thursday Morning) उस वक्त मातम (Grief) छा गया, जब एक बुजुर्ग महिला (Elderly Woman) के आत्महत्या (Suicide) करने की खबर सामने आई। 80 वर्षीय मनी झा (Mani Jha) ने अपनी बेटी के घर पर साड़ी के पल्लू (Sari Pallu) से फंदा (Noose) बनाकर फांसी लगा ली। यह घटना सिर्फ एक आत्महत्या का मामला नहीं है, बल्कि यह बढ़ती उम्र (Advancing Age) में लंबी बीमारी (Prolonged Illness) के दौरान मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) और अकेलेपन (Loneliness) के गंभीर मुद्दों (Serious Issues) की ओर भी इशारा (Indication) करती है।
अस्पताल से लौटने के अगले ही दिन घटा हादसा
मृतका मनी झा अपने पति के देहांत (Demise) के बाद अपनी बेटी के साथ रहती थीं। पारिवारिक सूत्रों (Family Sources) के अनुसार, वह काफी लंबे समय से बीमार (Ill) थीं और टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में उनका इलाज (Treatment) चल रहा था।
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दर्द से मुक्ति?: बुधवार (Wednesday) को ही उन्हें अस्पताल से छुटकारा (Discharged) मिला था और वह घर लौटी थीं। रात में परिवार के सभी सदस्यों के साथ खाना खाया और अपने-अपने कमरे (Rooms) में सोने चले गए। किसी को भनक (Hint) तक नहीं थी कि मनी झा के मन में क्या चल रहा है।
अगले दिन गुरुवार की सुबह जब परिजनों ने उनके कमरे में प्रवेश (Entered) किया, तो सामने का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। मनी झा अपनी ही साड़ी के पल्लू से फंदा बनाकर फांसी पर लटकी थीं।
बढ़ती बीमारी का दबाव या अकेलापन कारण?
परिजन इस घटना से पूरी तरह स्तब्ध (Stunned) और दुखी (Grieved) हैं। चूंकि मनी झा लंबी बीमारी से जूझ रही थीं, इसलिए पुलिस और स्थानीय लोग यह मान रहे हैं कि शारीरिक कष्ट (Physical Suffering) या बीमारी के कारण पैदा हुए मानसिक दबाव (Mental Stress) ने ही उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर (Forced) किया होगा।
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पुलिस कार्रवाई: परिजनों ने तुरंत कदमा पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मनी झा को फांसी से उतारा और जल्द से जल्द अस्पताल (Hospital) पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच (Checkup) के बाद उन्हें मृत (Dead) घोषित कर दिया।
गुरुवार को कानूनी प्रक्रिया (Legal Procedure) पूरी करते हुए शव का पंचनामा (Postmortem Formalities) किया गया और उसे परिजनों को अंतिम संस्कार (Last Rites) के लिए सौंप दिया गया। यह घटना एक बार फिर से समाज में इस बात पर बहस (Debate) छेड़ती है कि बुजुर्गों के शारीरिक दर्द के साथ-साथ उनके मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल (Care) भी कितनी ज़रूरी है।
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