Jamshedpur Alert : बैंक खातों की साइबर ठगी, 1.25 लाख रुपये उड़ाए, कैसे बचें आप?

जमशेदपुर के उलीडीह थाना क्षेत्र में बैंक खाते के केवाईसी के नाम पर साइबर ठगों ने 1.25 लाख रुपये की ठगी की। जानिए घटना का पूरा विवरण और ऐसे साइबर फ्रॉड से खुद को सुरक्षित रखने के तरीके।

Sep 21, 2025 - 16:13
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Jamshedpur Alert : बैंक खातों की साइबर ठगी, 1.25 लाख रुपये उड़ाए, कैसे बचें आप?
Jamshedpur Alert : बैंक खातों की साइबर ठगी, 1.25 लाख रुपये उड़ाए, कैसे बचें आप?

Jamshedpur: जमशेदपुर के उलीडीह थाना क्षेत्र में बैंक खातों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चेतावनी सामने आई है। परमानंद नगर निवासी तरूण कुमार के साथ साइबर ठगों ने केवाईसी कराने के नाम पर 1.25 लाख रुपये की ठगी कर ली। यह घटना 18 सितंबर की शाम को हुई, जिसने न केवल पीड़ित को झकझोर कर रख दिया, बल्कि पूरे इलाके में सुरक्षा और साइबर जागरूकता को लेकर चिंता बढ़ा दी।

ठगी की पूरी कहानी

तरूण कुमार ने बताया कि उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर बैंक अधिकारी होने का दावा करने वाले अपराधी ने कॉल किया। कॉल करने वाले ने कहा कि उनके खाते का केवाईसी जरूरी है, अन्यथा खाता बंद कर दिया जाएगा।
बदमाश की बातचीत और अंदाज बिल्कुल वास्तविक बैंक अधिकारी जैसा था। इस छल के कारण तरूण कुमार ने अपना ओटीपी भी साझा कर दिया। उसी के माध्यम से ठगों ने खाते से 1.25 लाख रुपये निकाल लिए

पुलिस की जांच

पीड़ित ने घटना की जानकारी 20 सितंबर को उलीडीह थाना में दी। पुलिस ने तत्काल साइबर ठगी का मामला दर्ज किया और दो मोबाइल नंबरों (8863936714 और 6909557527) के आधार पर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में पता चला कि ये नंबर फर्जी आईडी पर जारी किए गए हो सकते हैं। पुलिस साइबर सेल की मदद से पैसे की लेन-देन ट्रेस कर रही है और जल्द ही ठगों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।

साइबर ठगी का इतिहास

भारत में बैंक और ऑनलाइन लेन-देन के नाम पर साइबर ठगी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में, एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक और अन्य बड़े बैंकों के खाताधारक भी इसी तरह के केवाईसी फ्रॉड, ओटीपी चोरी और फिशिंग कॉल के शिकार हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ठग आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर खाते के पैसे चुराने में माहिर हो गए हैं।

????️ सावधानी और सुरक्षा के उपाय

  1. किसी भी अनजान कॉल पर ओटीपी या बैंक विवरण साझा न करें।

  2. बैंक कर्मचारी कभी भी फोन पर पासवर्ड या पिन नहीं मांगते।

  3. यदि कॉल संदिग्ध लगे, तो तुरंत बैंक के आधिकारिक नंबर पर पुष्टि करें।

  4. इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग में सुरक्षा फीचर जैसे दो-स्तरीय प्रमाणीकरण का उपयोग करें।

  5. अपनी मोबाइल नंबर और ईमेल पर बैंक नोटिफिकेशन ऑन रखें।

साइबर जागरूकता का महत्व

इस घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि साइबर फ्रॉड अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे कस्बों और गाँवों तक फैल गया है। विशेषज्ञ कहते हैं कि हर बैंक ग्राहक को साइबर जागरूक होना और सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

जमशेदपुर के उलीडीह थाना क्षेत्र में हुई यह घटना न केवल वित्तीय नुकसान की चेतावनी है, बल्कि यह सभी को साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने का संदेश भी देती है। तरूण कुमार की तरह कई लोग अभी भी फ्रॉड के शिकार हो सकते हैं, इसलिए सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।

जिन्हें भी बैंक से फोन आए और केवाईसी या ओटीपी साझा करने के लिए कहा जाए, वे सतर्क रहें और आधिकारिक चैनलों से ही सत्यापन करें।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।