Jamshedpur Blitz: बोड़ाम में अवैध शराब की 3 भट्टियां ध्वस्त! डांगर नाला क्षेत्र में उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, 1200 KG जावा महुआ नष्ट
सहायक आयुक्त उत्पाद, पूर्वी सिंहभूम के निर्देश पर बोड़ाम थाना क्षेत्र के डांगर नाला में उत्पाद विभाग ने छापेमारी कर तीन अवैध चुलाई शराब भट्टियों को ध्वस्त किया। 1200 किलोग्राम जावा महुआ नष्ट किया गया और 32 लीटर तैयार शराब जब्त की गई। भट्टियों के संचालकों पर उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज होगा।
जमशेदपुर में अवैध शराब के काले कारोबार पर उत्पाद विभाग ने आज (सोमवार) एक बड़ा और निर्णायक प्रहार किया है! पूर्वी सिंहभूम के सहायक आयुक्त उत्पाद के सख्त निर्देश पर, बोड़ाम थाना अंतर्गत डांगर नाला के दुरूह क्षेत्र में अवैध चुलाई शराब भट्टियों के खिलाफ विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई उन असामाजिक तत्वों के लिए कड़ी चेतावनी है जो सस्ते और जहरीले शराब के जरिए आम जनता के स्वास्थ्य और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
निरीक्षक उत्पाद रामदास भगत के पर्यवेक्षण में चलाई गई इस त्वरित कार्रवाई से डांगर नाला क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण के गुपचुप धंधे की कमर टूट गई है।
1200 KG जावा महुआ नष्ट: लाखों का नुकसान
उत्पाद विभाग की टीम ने डांगर नाला के दुर्गम स्थानों पर मौजूद तीन अवैध चुलाई शराब भट्टियों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई केवल अवैध शराब को जब्त करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि भविष्य में ऐसी गतिविधि को दोबारा होने से रोकने पर केंद्रित रही।
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बड़ी बरामदगी: छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में अवैध जावा महुआ (जिसका उपयोग शराब बनाने के लिए किया जाता है) बरामद हुआ। कुल लगभग 1200 किलोग्राम जावा महुआ को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
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तैयार शराब जब्त: इसके अलावा, तैयार की गई 32 लीटर चुलाई शराब भी जब्त की गई।
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उपकरण नष्ट: विभाग की टीम ने मौके पर मौजूद शराब बनाने वाले उपकरणों को भी जब्त कर नष्ट कर दिया।
विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भट्टी संचालकों की पहचान की जा रही है, और उनके विरुद्ध उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत अभियोग (केस) दर्ज किया जा रहा है।
अवैध कारोबार पर जारी रहेगी कड़ी निगरानी
अवैध शराब निर्माण और तस्करी न केवल राज्य के राजस्व को चपत लगाती है, बल्कि अमानक शराब के सेवन से लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा भी होता है। उत्पाद विभाग ने दो टूक कहा है कि जिले में अवैध शराब निर्माण और तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
यह सफलता स्थानीय पुलिस और उत्पाद विभाग के बीच बेहतर समन्वय और खुफिया जानकारी पर आधारित थी, जो यह सुनिश्चित करती है कि कानून तोड़ने वालों को छूट नहीं मिलेगी।
प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे इस तरह की गैरकानूनी गतिविधियों की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस या उत्पाद विभाग को दें, ताकि समय रहते बड़ी कार्रवाई की जा सके और समाज को जहरीली शराब के खतरे से बचाया जा सके।
आपकी राय में, अवैध चुलाई शराब के निर्माण को स्थायी रूप से रोकने के लिए केवल छापेमारी के बजाय कौन से सामाजिक-आर्थिक उपाय किए जाने चाहिए?
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