Gujarat Blast: बनासकांठा में पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका, 18 मजदूरों की दर्दनाक मौत!
गुजरात के बनासकांठा में पटाखा फैक्ट्री में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा! 18 मजदूरों की मौत, 8 घायल। क्या यह लापरवाही थी या हादसा? पढ़ें पूरी खबर!

बनासकांठा | विस्फोट: गुजरात के बनासकांठा जिले के डीसा में मंगलवार को हुए एक भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। पटाखा फैक्ट्री में बॉयलर फटने से भयंकर आग लग गई, जिसमें 18 मजदूर जिंदा जल गए।
अब तक 18 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 8 घायल बताए जा रहे हैं।
तीन लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है, मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
फैक्ट्री का स्लैब गिरने से रेस्क्यू ऑपरेशन में आ रही है दिक्कत!
कैसे हुआ ये दर्दनाक हादसा?
यह भयानक घटना बनासकांठा जिले के डीसा तहसील के धुनवा रोड पर स्थित ‘दीपक ट्रेडर्स’ पटाखा फैक्ट्री में हुई।
-
मंगलवार दोपहर फैक्ट्री में अचानक बॉयलर फट गया।
-
तेज धमाके के साथ पूरी फैक्ट्री में आग लग गई, जिससे मजदूरों को भागने का मौका तक नहीं मिला।
-
आग इतनी तेज थी कि फैक्ट्री का स्लैब गिर गया और मजदूर उसके नीचे दब गए।
-
दमकल विभाग की 108 एंबुलेंस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए भयानक वीडियो!
जैसे ही यह हादसा हुआ, आसपास के लोगों ने इस भयानक त्रासदी के वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने शुरू कर दिए।
-
वीडियो में फैक्ट्री से उठती आग की लपटें और चीख-पुकार की आवाजें साफ सुनी जा सकती हैं।
-
घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि विस्फोट इतना तेज था कि आसपास की इमारतों की खिड़कियां तक चटक गईं।
-
पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बचाव कार्य में भी बाधा आने लगी।
क्या यह गुजरात का सबसे बड़ा फैक्ट्री हादसा है?
गुजरात में औद्योगिक दुर्घटनाओं का इतिहास बहुत पुराना रहा है।
-
2018: अहमदाबाद में एक केमिकल फैक्ट्री में ब्लास्ट से 10 मजदूरों की मौत हुई थी।
-
2021: भरूच में एक केमिकल प्लांट में गैस लीक से 6 मजदूरों की जान गई थी।
-
लेकिन इस बार का हादसा अब तक के सबसे बड़े औद्योगिक हादसों में से एक बन गया है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जताया दुख, किया मुआवजे का ऐलान!
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया और मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की।
-
मृतकों के परिवारों को ₹4 लाख और घायलों को ₹50,000 की सहायता राशि दी जाएगी।
-
मुख्यमंत्री ने प्रशासन को घायलों के इलाज में कोई कसर न छोड़ने के निर्देश दिए हैं।
-
उन्होंने कहा कि इस घटना की गहन जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट – हादसा या लापरवाही?
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर पटाखा फैक्ट्री में इतना बड़ा धमाका कैसे हुआ?
-
क्या सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था?
-
क्या फैक्ट्री के पास वैध लाइसेंस था?
-
क्या प्रशासन की लापरवाही के कारण यह भयानक त्रासदी हुई?
स्थानीय पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम जांच में जुटी हुई है।
प्रारंभिक जांच से पता चला है कि बॉयलर के अधिक तापमान में पहुंचने के कारण यह ब्लास्ट हुआ।
बचाव दल फैक्ट्री के मलबे को हटाने का काम कर रहे हैं, ताकि कोई और मजदूर फंसा न रह जाए।
गुजरात में पटाखा फैक्ट्रियों की सुरक्षा पर सवाल!
गुजरात में पटाखा फैक्ट्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है।
-
पिछले साल ही सूरत में एक पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था, जिसमें 6 लोगों की मौत हुई थी।
-
औद्योगिक इलाकों में चल रही कई फैक्ट्रियों में अग्निशमन उपकरणों की कमी है, जो इस तरह की घटनाओं को बढ़ावा देती है।
क्या सरकार अब पटाखा फैक्ट्रियों की सुरक्षा को लेकर कोई सख्त कदम उठाएगी?
मलबे में अब भी कई लोग दबे होने की आशंका!
बचाव दल अभी भी फैक्ट्री के मलबे में फंसे लोगों को खोजने में जुटे हैं।
-
फैक्ट्री की इमारत का एक बड़ा हिस्सा ढह गया है, जिससे राहत कार्य में दिक्कतें आ रही हैं।
-
दमकल विभाग ने कहा कि अभी भी मलबे में कुछ मजदूरों के फंसे होने की संभावना है।
-
फिलहाल कूलिंग ऑपरेशन जारी है, ताकि आग पूरी तरह से बुझाई जा सके।
अब क्या होगा?
अब पूरा गुजरात इस हादसे की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।क्या फैक्ट्री मालिक पर कार्रवाई होगी?
क्या सरकार सुरक्षा नियमों को और सख्त करेगी?
क्या भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकेगा?
इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में मिलेंगे!
What's Your Reaction?






