Giridih Raid: 22 साल बाद मिला नक्सलियों द्वारा लूटा गया हथियारों का जखीरा, पारसनाथ की पहाड़ियों को खोदकर पुलिस ने निकाला मौत का सामान
गिरिडीह पुलिस और सीआरपीएफ ने पारसनाथ की तराई में जमीन के नीचे दबे भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किए हैं। साल 2004 में होमगार्ड कैंप से लूटी गई 20 राइफलों की इस सनसनीखेज बरामदगी की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप नक्सलवाद के खिलाफ इस ऐतिहासिक जीत के सच से चूक जाएंगे।
गिरिडीह, 7 फरवरी 2026 – झारखंड के गिरिडीह जिले से सुरक्षाबलों की एक ऐसी सफलता की खबर आई है, जिसने पुलिस विभाग की पुरानी फाइलों में दर्ज एक गहरे जख्म पर मरहम लगा दिया है। गिरिडीह पुलिस और सीआरपीएफ 154 बटालियन की संयुक्त टीम ने पारसनाथ पहाड़ की तलहटी में छिपे नक्सलियों के 'खजाने' को ढूंढ निकाला है। जमीन को कई फीट नीचे खोदकर सुरक्षाबलों ने 20 राइफलें और 6 हैंड ग्रेनेड बरामद किए हैं। माना जा रहा है कि यह वही हथियारों का जखीरा है जिसे नक्सलियों ने आज से 22 साल पहले एक दुस्साहसिक हमले में लूटा था।
भालकी पहाड़ी में गुप्त ऑपरेशन: मिट्टी के नीचे दबी थी 'मौत'
गिरिडीह के पुलिस कप्तान डॉ. बिमल कुमार ने पपरवाटांड़ पुलिस लाइन में इस कामयाबी का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि खुफिया इनपुट के आधार पर खुखरा थाना क्षेत्र के भालकी पहाड़ी और कैनेडीह इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया था।
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जमीन में दफन राज: घने जंगलों के बीच जब सुरक्षाबलों ने मिट्टी की खुदाई की, तो अंदर से हथियारों का जखीरा देखकर हर कोई दंग रह गया। नक्सलियों ने इन हथियारों को प्लास्टिक और बॉक्स में पैक कर जमीन में गाड़ रखा था।
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बरामदगी की लिस्ट: इस ऑपरेशन में .303 बोर की 11 राइफलें, .22 बोर की 9 राइफलें, 6 हैंड ग्रेनेड, 1 ग्रेनेड प्रोजेक्टर और भारी मात्रा में एम्युनेशन बॉक्स व इलेक्ट्रिक वायर बरामद किए गए।
2004 का वो काला दिन: पचम्बा गोशाला मेला कांड
इस बरामदगी की सबसे रोमांचक कड़ी 2004 की उस घटना से जुड़ती है, जब गिरिडीह दहल उठा था। उस वर्ष पचम्बा गोशाला मेला के दौरान नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के कैंप पर हमला बोला था।
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होमगार्ड कैंप पर हमला: नक्सलियों ने तब होमगार्ड कैंप को निशाना बनाकर ठीक 20 राइफलें और 6 हैंड ग्रेनेड लूट लिए थे।
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22 साल का इंतजार: पुलिस पिछले दो दशकों से इन हथियारों की तलाश में थी। अब बरामद हुए हथियारों की संख्या और प्रकार हूबहू 2004 की लूट से मेल खा रहे हैं।
गिरिडीह सर्च ऑपरेशन: मुख्य विवरण (Weapon Recovery Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| ऑपरेशन का स्थान | भालकी पहाड़ी (पारसनाथ तराई इलाका) |
| टीम | गिरिडीह पुलिस + सीआरपीएफ 154 बटालियन |
| कुल राइफलें | 20 (11 पीस .303 और 9 पीस .22 बोर) |
| विस्फोटक | 6 हैंड ग्रेनेड और 1 ग्रेनेड प्रोजेक्टर |
| ऐतिहासिक कनेक्शन | 2004 पचम्बा गोशाला मेला लूट कांड |
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: सर्च ऑपरेशन जारी
हथियारों की इतनी बड़ी खेप मिलने के बाद पुलिस और सीआरपीएफ ने पूरे कैनेडीह और आसपास के जंगलों को सील कर दिया है। डॉ. बिमल कुमार ने कहा कि नक्सलियों के पुराने ठिकानों और डंप को खोजने के लिए हाई-टेक मेटल डिटेक्टर्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। इलाके के ग्रामीणों से भी सहयोग लिया जा रहा है ताकि किसी भी अन्य अप्रिय घटना को रोका जा सके।
कानून के हाथ हुए और लंबे
गिरिडीह में हुई यह बरामदगी साबित करती है कि चाहे वक्त कितना भी बीत जाए, कानून की पकड़ से कुछ भी बच नहीं सकता। 22 साल पुराने केस की यह कड़ियाँ जुड़ना झारखंड पुलिस के मनोबल के लिए एक बड़ा बूस्टर डोज है।
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