Giridih Accident: मस्जिद मोड़ पर ट्रक ने बुजुर्ग को रौंदा, मौके पर ही दर्दनाक मौत, आक्रोशित भीड़ ने सड़क जाम कर मचाया बवाल
गिरिडीह के मस्जिद मोड़ पर तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से बुजुर्ग चिंतामन दास की मौत की पूरी दर्दनाक रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। उग्र भीड़ द्वारा पदम चौक जाम करने और पुलिसिया कार्रवाई का पूरा विवरण विस्तार से पढ़िए वरना आप शहर के बीचों-बीच हुई इस हृदयविदारक घटना और सड़क सुरक्षा के बड़े अपडेट को जानने से चूक जाएंगे।
गिरिडीह, 29 जनवरी 2026 – झारखंड के गिरिडीह जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। गुरुवार की सुबह नगर थाना क्षेत्र के व्यस्ततम इलाके मौलाना आजाद चौक स्थित मस्जिद मोड़ के पास एक बेकाबू ट्रक ने कहर बरपा दिया। इस हादसे में एक बुजुर्ग की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया और उग्र भीड़ ने सड़क पर उतरकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस को स्थिति संभालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि स्थानीय लोग शहर के भीतर भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार से बेहद गुस्से में थे।
हादसे का मंजर: सेकंडों में खत्म हुई जिंदगी
मृतक की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के अजीडीह निवासी चिंतामन दास के रूप में हुई है। चश्मदीदों के अनुसार:
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रफ्तार का कहर: चिंतामन दास सुबह किसी काम से जा रहे थे, तभी मस्जिद मोड़ के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।
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मौके पर मौत: टक्कर इतनी जोरदार थी कि बुजुर्ग को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
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ट्रक चालक फरार: घटना के तुरंत बाद चालक ट्रक लेकर भागने में सफल रहा, जिसकी तलाश में पुलिस नाकेबंदी कर रही है।
सड़कों पर उतरा गुस्सा: घंटों लगा रहा महाजाम
हादसे के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों का धैर्य जवाब दे गया।
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चौक जाम: आक्रोशित लोगों ने शव को सड़क पर रखकर मस्जिद मोड़ और पदम चौक को पूरी तरह जाम कर दिया।
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ठप रहा आवागमन: शहर के मुख्य मार्ग पर जाम लगने के कारण स्कूल बसें, एम्बुलेंस और ऑफिस जाने वाले लोग घंटों फंसे रहे।
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प्रशासनिक दखल: गिरिडीह नगर थाना पुलिस ने मौके पर पहुँचकर लोगों को समझाया। काफी मान-मनौव्वल और उचित मुआवजे व कड़ी कार्रवाई के आश्वासन के बाद करीब दो घंटे बाद जाम हटाया जा सका।
गिरिडीह सड़क हादसा: मुख्य जानकारी
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Details) |
| मृतक | चिंतामन दास (अजीडीह निवासी) |
| घटनास्थल | मस्जिद मोड़, मौलाना आजाद चौक, गिरिडीह |
| वाहन | अज्ञात तेज रफ्तार ट्रक |
| विरोध प्रदर्शन | पदम चौक और मस्जिद मोड़ पर चक्का जाम |
| पुलिस कार्रवाई | शव पोस्टमार्टम हेतु सदर अस्पताल भेजा गया |
गिरिडीह की संकरी गलियां और भारी वाहनों का बोझ
गिरिडीह, जो अपनी अभ्रक (Mica) खदानों और पारसनाथ पहाड़ियों के लिए प्रसिद्ध है, का शहरी ढांचा दशकों पुराना है। इतिहास गवाह है कि 1970 के दशक में जब गिरिडीह एक छोटा सा कस्बा था, तब यहाँ की सड़कें बैलगाड़ियों और इक्का-दुक्का वाहनों के लिए पर्याप्त थीं। लेकिन पिछले दो दशकों में शहर की आबादी और व्यापारिक गतिविधियों में जबरदस्त उछाल आया है। मस्जिद मोड़ और पदम चौक जैसे इलाके ऐतिहासिक रूप से शहर के वाणिज्यिक केंद्र रहे हैं। विडंबना यह है कि आधुनिक गिरिडीह में सड़कों का चौड़ीकरण तो नहीं हुआ, लेकिन भारी ट्रकों की आवाजाही कई गुना बढ़ गई है। पूर्व में भी इन मोड़ों पर कई घातक हादसे हो चुके हैं, जिसके बाद 'नो-एंट्री' के नियमों को सख्त करने की मांग उठती रही है। आज की यह घटना उसी पुराने 'ट्रैफिक मैनेजमेंट' की नाकामी का नतीजा है।
पुलिस की जांच और सुरक्षा के सवाल
नगर थाना प्रभारी ने बताया कि ट्रक की पहचान के लिए आसपास के दुकानों में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि आरोपी चालक को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक शहर के भीतर ट्रकों की एंट्री का समय निर्धारित नहीं किया जाता, तब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे।
प्रशासन के लिए चेतावनी
चिंतामन दास की मौत ने एक बार फिर गिरिडीह के ट्रैफिक सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़कों पर उतरना लोगों की मजबूरी बन गया है क्योंकि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं।
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