Economic Survey: भारत की आर्थिक गर्जना, निर्मला सीतारमण ने पेश किया 2026 का सर्वे, दुनिया दंग और चीन पीछे, 7.2% की ग्रोथ के साथ बनेगा नया इतिहास
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। 7.2% की जीडीपी ग्रोथ, रिकॉर्ड तोड़ गिरती महंगाई और दो दशक बाद सुधरी भारत की ग्लोबल रेटिंग का पूरा विवरण विस्तार से पढ़िए वरना आप भारत के 'आर्थिक सुपरपावर' बनने की इस सबसे बड़ी खबर को समझने से चूक जाएंगे।
नई दिल्ली, 29 जनवरी 2026 – भारतीय अर्थव्यवस्था इस वक्त उस मुकाम पर खड़ी है जहाँ से वह पूरी दुनिया को राह दिखा रही है। आज संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2025-26 का 'आर्थिक सर्वेक्षण' (Economic Survey) पेश किया, जिसने भारत की मजबूती पर मुहर लगा दी है। रिपोर्ट के सबसे चौंकाने वाले आंकड़े बताते हैं कि आगामी वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की जीडीपी विकास दर 6.8% से 7.2% के बीच रहने वाली है। यह महज आंकड़े नहीं, बल्कि इस बात का सबूत हैं कि भारत लगातार चौथे वर्ष दुनिया की सबसे तेज बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।
सर्वेक्षण की 10 बड़ी बातें: क्यों उछल रहा है भारत का शेयर बाजार?
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 ने न केवल मौजूदा स्थिति का विश्लेषण किया है, बल्कि भविष्य के सुनहरे भारत का खाका भी खींचा है:
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जीडीपी का धमाका: चालू वित्त वर्ष (FY26) में वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.4% रहने का अनुमान है, जो वैश्विक मंदी के दौर में एक चमत्कार जैसा है।
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महंगाई पर 'ब्रेक': आम आदमी के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि खुदरा मुद्रास्फीति (CPI) गिरकर 1.7% के ऐतिहासिक स्तर पर आ गई है। दालों और सब्जियों की कीमतों में आई कमी ने रसोई का बजट सुधार दिया है।
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ग्लोबल रेटिंग में 'छलांग': दो दशकों के लंबे इंतजार के बाद S&P जैसी वैश्विक एजेंसी ने भारत की रेटिंग को BBB- से बढ़ाकर BBB कर दिया है। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के बढ़ते भरोसे का प्रतीक है।
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पूंजीगत व्यय (Capex): बुनियादी ढांचे पर सरकार का निवेश (GFCF) जीडीपी का 30.5% हो गया है, जो सड़कों, पुलों और रेलवे के आधुनिकीकरण की रफ्तार को दर्शाता है।
मध्यम वर्ग और कृषि: विकास के दो मजबूत पहिए
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उपभोग में रिकॉर्ड: निजी उपभोग (Private Consumption) 61.5% के साथ 2012 के बाद के उच्चतम स्तर पर है। यानी भारतीय अब अधिक खर्च कर रहे हैं, जो बाजार में तरलता को बढ़ावा दे रहा है।
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अन्नदाता का कमाल: देश में खाद्यान्न उत्पादन 3,320 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है, जिससे खाद्य सुरक्षा का संकट पूरी तरह टल गया है।
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26: मुख्य इंडिकेटर्स (Economy Snapshot)
| इंडिकेटर | मौजूदा स्थिति / अनुमान | टिप्पणी |
| जीडीपी ग्रोथ (FY27) | 6.8% - 7.2% | दुनिया में सबसे तेज |
| महंगाई दर (Inflation) | 1.7% | ऐतिहासिक गिरावट |
| राजकोषीय घाटा (FY26) | 4.4% | लक्ष्य की ओर बढ़ते कदम |
| क्रेडिट रेटिंग | BBB (S&P द्वारा) | 20 साल बाद अपग्रेड |
| अनाज उत्पादन | 3320 लाख टन | सर्वकालिक रिकॉर्ड |
भविष्य की चुनौतियां: AI और शहरी जीवन
सर्वेक्षण में केवल उपलब्धियां ही नहीं, बल्कि भविष्य की 'रणनीतिक चुनौतियों' पर भी ध्यान खींचा गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बढ़ता प्रभाव, शहरों में बढ़ती भीड़ और जीवन की गुणवत्ता, तथा 'स्टेट कैपेसिटी' (प्रशासनिक क्षमता) को सुधारना सरकार की अगली प्राथमिकता होगी। रुपए पर बढ़ते भू-राजनीतिक दबाव के बावजूद सर्वे का मानना है कि भारतीय रुपया अपनी वास्तविक क्षमता से कम आंका जा रहा है और जल्द ही इसमें मजबूती आएगी।
विकसित भारत की ओर मजबूत कदम
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 यह साफ करता है कि भारत अब केवल एक बाजार नहीं, बल्कि दुनिया का ग्रोथ इंजन बन चुका है। गिरती महंगाई और बढ़ता बुनियादी ढांचा निवेश एक ऐसे 'न्यू इंडिया' की तस्वीर पेश कर रहा है जो 2047 तक 'विकसित भारत' बनने के संकल्प को पूरा करने की ओर अग्रसर है।
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