Giridih Python: खजाना समझकर घर लाया बक्सा, खोलते ही उड़े होश, अंदर से निकला 15 किलो का अजगर, देवरी में सनसनी
गिरिडीह के देवरी में एक महिला अनजाने में खजाना समझकर मौत का बक्सा घर ले आई। ऑटो की अदला-बदली और बक्से के अंदर से निकले 15 किलो के अजगर के पीछे छिपे इस रोंगटे खड़े कर देने वाले सच की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी अनजान सामान को छूने के इस भयानक खतरे से हमेशा बेखबर रह जाएंगे।
गिरिडीह/देवरी, 14 जनवरी 2026 – गिरिडीह जिले के देवरी प्रखंड अंतर्गत जलखरियोडीह गांव में एक ऐसी घटना घटी है, जिसे सुनकर फिल्म 'जुमानजी' की याद ताजा हो जाती है। यहाँ एक महिला जिस लकड़ी के बक्से को अपना सामान या 'लकी बॉक्स' समझकर घर ले आई थी, उसे खोलते ही पूरे परिवार की चीख निकल गई। बक्से के भीतर कपड़े, जेवर या राशन नहीं, बल्कि 15 किलोग्राम का एक विशाल अजगर का बच्चा कुंडली मारकर बैठा था। इस अजीबोगरीब वाकये ने न केवल गांव में दहशत फैला दी है, बल्कि पुलिस और वन विभाग को एक बड़ी साजिश की जांच में भी झोंक दिया है। आखिर वह अनजान शख्स कौन था जिसने सांप को बक्से में बंद कर ऑटो में छोड़ा? क्या यह किसी बड़ी तस्करी का हिस्सा था?
ऑटो का सफर और वो अनजान बक्सा: कैसे हुई चूक?
घटना की शुरुआत चकाई (बिहार सीमा) से हुई, जहाँ से जलखरियोडीह की एक महिला ऑटो से अपने घर लौट रही थी।
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रहस्यमयी सहयात्री: सफर के दौरान चकाई में ही एक व्यक्ति कपड़े में लिपटा हुआ काठ का बक्सा लेकर उसी ऑटो में सवार हुआ। उसने बड़ी सावधानी से बक्से को अन्य सामानों के बीच रखा।
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बीच रास्ते में गायब: कुछ दूरी तय करने के बाद वह व्यक्ति बटपार गांव के पास अचानक ऑटो से उतर गया, लेकिन अपना बक्सा ऑटो में ही छोड़ दिया।
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अनजानी गलती: गांव पहुँचने पर ऑटो चालक ने महिला के सामान के साथ उस बक्से को भी उतार दिया। महिला को लगा कि शायद यह उसी का कोई पुराना सामान है जिसे वह भूल रही थी, और वह उसे खुशी-खुशी घर ले आई।
खौफनाक खुलासा: बक्से में बैठा था 'काल'
घर पहुँचकर जब परिवार के सदस्यों ने उत्सुकता के साथ बक्से का ढक्कन खोला, तो उनकी रूह कांप गई।
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अजगर के दर्शन: बक्से के भीतर से फुफकारने की आवाज आई और एक मोटा अजगर हिलता हुआ दिखाई दिया।
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अफरा-तफरी: बक्से में अजगर देखते ही घर में कोहराम मच गया। घर के लोग बाहर की ओर भागे और तुरंत ग्रामीणों को सूचित किया।
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वन विभाग का रेस्क्यू: सूचना मिलते ही देवरी के वनपाल नीरज पांडेय अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे। उन्होंने बड़ी सावधानी से बक्से से अजगर को बाहर निकाला। जांच में पता चला कि अजगर 'शिशु अवस्था' में था, लेकिन उसका वजन 15 किलोग्राम के करीब था।
देवरी अजगर रहस्य: मुख्य विवरण (Event Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| स्थान | जलखरियोडीह गांव, देवरी (गिरिडीह) |
| वजन | लगभग 15 किलोग्राम |
| जीव | अजगर का बच्चा (Python Hatchling) |
| मोडस ऑपरेंडी | काठ के बक्से में छिपाकर परिवहन |
| वर्तमान स्थिति | सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा गया |
तस्करी की आशंका: पुलिस और वन विभाग अलर्ट
वनपाल नीरज पांडेय ने बताया कि अजगर के बच्चे को सुरक्षित तरीके से जंगल के प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया है। लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं होता।
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संदेह की सुई: पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि वह व्यक्ति कौन था जो बक्सा छोड़कर भागा। क्या वह किसी चेक पोस्ट के डर से बक्सा छोड़ गया या फिर महिला को गलती से बक्सा देना उसकी किसी बड़ी योजना का हिस्सा था?
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अजगर का महत्व: इंटरनेशनल मार्केट में अजगर की खाल और हड्डियों की काफी मांग रहती है। 15 किलो का अजगर तस्करी के लिहाज से एक 'बड़ी खेप' माना जा सकता है।
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जागरूकता: वन विभाग ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे सड़कों या ऑटो में मिले लावारिस बैग या बक्सों को न छुएं, क्योंकि उनमें विस्फोटक या खतरनाक जीव हो सकते हैं।
मौत से बाल-बाल बचा परिवार
जलखरियोडीह की उस महिला और उसके परिवार के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं था कि बक्सा खोलने के दौरान अजगर ने उन पर हमला नहीं किया। यह घटना हमें सिखाती है कि लालच या अनजाने में उठाया गया एक अनजान कदम जानलेवा साबित हो सकता है।
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