Garhwa Murder: अजगरवा जंगल के खूनी सस्पेंस का खुलासा, चार हत्यारे गिरफ्तार, पुरानी रंजिश में गला दबाकर बिरेंद्र कोरवा को उतारा था मौत के घाट
गढ़वा के भंडरिया में हुए बिरेंद्र कोरवा हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुरानी रंजिश, जंगल में बिछाया गया मौत का जाल और आरोपियों की गिरफ्तारी की पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ मौजूद है वरना आप इस खौफनाक साजिश के पीछे का सच जानने से चूक जाएंगे।
गढ़वा, 9 फरवरी 2026 – झारखंड के गढ़वा जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। भंडरिया थाना क्षेत्र के अजगरवा जंगल में पिछले गुरुवार को हुई बिरेंद्र कोरवा की रहस्यमयी मौत का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने चार आरोपियों को दबोच लिया है। यह केवल एक साधारण हत्या नहीं, बल्कि पुरानी रंजिश के तहत बुना गया एक खौफनाक जाल था। सोमवार को डीएसपी रोहित रंजन सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस पूरे हत्याकांड की परतें खोलीं, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी है।
बाजार से लौटते वक्त बिछाया गया 'डेथ ट्रैप'
घटना 5 फरवरी की है, जब रोदो गांव निवासी 35 वर्षीय बिरेंद्र कोरवा अपनी साइकिल से बिराजपुर बाजार गया था। उसे अंदाजा भी नहीं था कि जंगल के रास्तों पर उसकी मौत उसका इंतजार कर रही है।
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घात लगाकर हमला: जब बिरेंद्र अकेला घर लौट रहा था, तभी अजगरवा जंगल के सुनसान रास्ते पर चार आरोपियों ने उसे घेर लिया।
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झाड़ियों में कत्ल: हमलावरों ने बिरेंद्र को घसीटकर झाड़ियों में ले जाकर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
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साजिश नाकाम: आरोपियों ने शव को घने जंगल में छिपा दिया था ताकि किसी को भनक न लगे, लेकिन पुलिस की जांच ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
चार शिकारी अब सलाखों के पीछे
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रोदो गांव के ही रहने वाले सुरेश भुईयां, अजय भुईयां, राजनाथ भुईयां और सीताराम भुईयां को गिरफ्तार किया है। इन चारों ने पुरानी दुश्मनी का बदला लेने के लिए बिरेंद्र को मारने की योजना बनाई थी। पुलिस ने उनके पास से हत्या में इस्तेमाल की गई होन्डा शाइन मोटरसाइकिल, तीन मोबाइल और मृतक की साइकिल भी बरामद की है।
गढ़वा हत्याकांड: मुख्य विवरण (Crime Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| स्थान | अजगरवा जंगल, भंडरिया (गढ़वा) |
| मृतक | बिरेंद्र कोरवा (35 वर्ष) |
| आरोपी | सुरेश, अजय, राजनाथ और सीताराम |
| कारण | पुरानी रंजिश और आपसी दुश्मनी |
| बरामदगी | बाइक, 3 मोबाइल और मृतक की साइकिल |
जांच टीम की मुस्तैदी: ऐसे सुलझी गुत्थी
डीएसपी रोहित रंजन सिंह द्वारा गठित विशेष टीम ने वैज्ञानिक तरीके से अनुसंधान किया। इस टीम में इंस्पेक्टर सुभाष कुमार पासवान, दिलीप कुमार रंजन, और अन्य आरक्षी शामिल थे। पुलिस ने कॉल डिटेल्स और स्थानीय मुखबिरों की मदद से आरोपियों तक पहुँचने में सफलता हासिल की। चारों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
कानून के राज की जीत
गढ़वा पुलिस की इस त्वरित सफलता ने अपराधियों में खौफ पैदा कर दिया है। अजगरवा जंगल में बिरेंद्र की हत्या कर शव को छिपाना एक सोची-समझी साजिश थी, जिसे पुलिस ने महज चार दिनों में बेनकाब कर दिया।
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