Bangladeshi Intruders : दुमका से उठी बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ 'हूल' की चिंगारी, संथालों ने भरी हुंकार!
दुमका में बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ संथाल समाज का आक्रोश, रैली और धरना प्रदर्शन। संथालों ने सरकार को चेताया—अब होगा ‘सेंदरा’!

दुमका: झारखंड के संथाल परगना में बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ गुस्से की ज्वाला भड़क उठी है। रविवार को "आदिवासी सांवता सुसार आखड़ा" के नेतृत्व में हजारों संथाल आदिवासियों ने सड़कों पर उतरकर जबरदस्त आक्रोश रैली निकाली और सरकार को सीधा संदेश दिया— अब संथालों की जमीन पर घुसपैठ बर्दाश्त नहीं की जाएगी!
यह प्रदर्शन बांग्लादेशी नागरिक नजमूल हवलदार की रिहाई के विरोध में किया गया, जिसे हाल ही में दुमका केन्द्रीय कारा से छोड़ा गया था। प्रदर्शनकारियों ने इसे संथाल परगना की सुरक्षा के लिए खतरा बताया और सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग की।
आक्रोश रैली की शुरुआत और संथालों की परंपरागत चेतावनी
रैली की शुरुआत आउटडोर स्टेडियम से हुई, जहां संथालों ने अपने पारंपरिक अंदाज में "जाहेर डार" और "महुआ डार" गाड़कर विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद माराङ बुरू, जाहेर गोगो और गोसाईं गोगो से सफलता और सुरक्षा की प्रार्थना की गई।
इसके बाद लोग कतारबद्ध होकर नारेबाजी करते हुए डीसी चौक, बाबा तिलका मांझी चौक, टिन बाजार चौक से होते हुए वीर सिदो-कान्हू मुर्मू चौक (पोखरा) पहुंचे।
वीर सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर दूध से अभिषेक, सरकार को दो टूक संदेश
संथालों ने यहां वीर सिदो-कान्हू मुर्मू की आदमकद प्रतिमा को दूध से नहलाया और अगरबत्ती-धूप जलाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद मंच से जोरदार नारे लगे—
"बांग्लादेशी घुसपैठियों का सफाया करो!"
"संथालों की जमीन लूटने वालों को माफ नहीं किया जाएगा!"
"घुसपैठियों के खिलाफ सेंदरा होगा!"
रैली को संबोधित करते हुए आदिवासी सांवता सुसार आखड़ा के संथाल परगना संयोजक चंद्रमोहन हांसदा ने कहा,
"अब संथालों के नौजवानों ने अपने ईष्ट देव माराङ बुरू का दिया तीर-धनुष फिर से उठा लिया है। अगर सरकार बांग्लादेशी घुसपैठियों पर लगाम नहीं लगाती, तो संथाल खुद कार्रवाई करेंगे।"
संथालों की खुली चेतावनी—अब होगा 'सेंदरा'!
- संथाल समाज के प्रमुख नेताओं ने स्पष्ट किया कि
- बांग्लादेशी घुसपैठिए हमारी जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं।
- हमारी बहू-बेटियों की अस्मिता खतरे में है।
- अब अन्याय और जमीन लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- संथाल परगना में ‘सेंदरा’ (शिकार) किया जाएगा और घुसपैठियों को खदेड़ा जाएगा।
संपूर्ण आदिवासी महासम्मेलन की तैयारी
आंदोलनकारियों ने ऐलान किया कि बहुत जल्द झारखंड, असम, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा सहित अन्य राज्यों में रहने वाले संथालों का राष्ट्रीय महासम्मेलन बुलाया जाएगा। इस महासम्मेलन में गैर-आदिवासियों से शादी कर आरक्षित सीटों पर चुनाव लड़ने वालों को लेकर बड़ा फैसला होगा।
हजारों संथालों की हुंकार—अब नहीं सहेंगे अन्याय!
इस आक्रोश रैली सह धरना प्रदर्शन में जामताड़ा, पाकुड़, साहेबगंज, गोड्डा, देवघर और दुमका जिलों से हजारों संथाल पहुंचे थे। इनमें मनोज कुमार हेंब्रम, कोरनेलियुस मुर्मू, नेल्सन सोरेन, सोमनाथ किस्कु, उमेश हांसदा, एनोस सोरेन, प्रदीप मुर्मू सहित कई प्रमुख आदिवासी नेता मौजूद थे।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेती है या फिर संथालों का यह हूल पूरे देश में एक बड़े आंदोलन का रूप लेगा!
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