Deoghar Raid: तिलोना गांव में चल रही मिनी शराब फैक्ट्री का पर्दाफाश, 15 लाख का माल जब्त, मंटू यादव के 'जहरीले' साम्राज्य पर विभाग का सर्जिकल स्ट्राइक
देवघर के सोनारायठाड़ी में उत्पाद विभाग द्वारा किए गए 15 लाख की अवैध शराब फैक्ट्री के बड़े खुलासे की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। मंटू यादव के फरार होने और जब्त की गई भारी मात्रा में नकली होलोग्राम व स्प्रिट का पूरा विवरण विस्तार से पढ़िए वरना आप बाबा नगरी में फैल रहे इस मौत के व्यापार की जानकारी से चूक जाएंगे।
देवघर, 28 जनवरी 2026 – बाबा नगरी देवघर में अवैध शराब के सौदागरों के खिलाफ उत्पाद विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मंगलवार की रात करीब 9 बजे, जब पूरी दुनिया कड़ाके की ठंड में सिमटी थी, विभाग की एक विशेष टीम ने सोनारायठाड़ी थाना क्षेत्र के तिलोना गांव में धावा बोलकर एक चलती-फिरती 'मिनी शराब फैक्ट्री' का भंडाफोड़ कर दिया। इस छापेमारी में करीब 15 लाख रुपये की नकली शराब और उसे बनाने का कच्चा माल जब्त किया गया है। हालांकि, मुख्य सरगना मंटू यादव अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा, लेकिन विभाग ने उसके पूरे नेटवर्क की कमर तोड़ दी है।
सर्जिकल स्ट्राइक: 1063 लीटर 'मौत का सामान' बरामद
उत्पाद अधीक्षक विमला लकड़ा को जनवरी के तीसरे सप्ताह में एक गुप्त सूचना मिली थी कि तिलोना गांव के एक सूनसान ठिकाने पर नकली ब्रांडेड शराब तैयार की जा रही है।
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बड़ी खेप: टीम ने मौके से कुल 1063 लीटर अवैध शराब बरामद की। इसमें 910 लीटर देशी शराब (सुशव) और 153 लीटर नामी ब्रांडों की नकली विदेशी शराब शामिल है।
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नकली फैक्ट्री का सेटअप: छापेमारी में केवल शराब ही नहीं, बल्कि ब्रांडेड बोतलों के ढक्कन, नकली होलोग्राम, नामी कंपनियों के लेबल, खाली बोतलें और 500 लीटर का पानी टैंक भी मिला है।
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स्प्रिट का खेल: भारी मात्रा में स्प्रिट और स्टील के जार बरामद हुए हैं, जिनसे घटिया दर्जे की शराब को 'ब्रांडेड' लुक दिया जाता था।
मंटू यादव का 'सिंडिकेट': देवीपुर से सोनारायठाड़ी तक जाल
इस काली कमाई के धंधे का मुख्य आरोपी मंटू यादव (पिता सकलदेव यादव) बताया जा रहा है।
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मास्टरमाइंड: मंटू मूल रूप से देवीपुर थाना क्षेत्र के हथवारी गांव का रहने वाला है, लेकिन उसने अपना ठिकाना तिलोना गांव के सूनसान इलाके में बना रखा था।
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सप्लाई चेन: यह फैक्ट्री लंबे समय से सक्रिय थी और यहाँ तैयार माल को देवघर समेत आसपास के जिलों के ढाबों और अवैध दुकानों में खपाया जा रहा था।
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फरार आरोपी: मंटू के साथ उसके 3-4 अन्य साथी भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
देवघर शराब फैक्ट्री कांड: जब्त सामान का ब्योरा (Seizure Snapshot)
| सामग्री | मात्रा/विवरण |
| कुल अवैध शराब | 1063 लीटर (देशी + विदेशी) |
| अनुमानित मूल्य | लगभग 15 लाख रुपये |
| नकली सामग्री | होलोग्राम, लेबल, ढक्कन, गोंद और कार्टन |
| उपकरण | 500L पानी टैंक, स्टील जार, खाली बोतलें |
| मुख्य आरोपी | मंटू यादव (फरार) |
इतिहास का पन्ना: देवघर में अवैध शराब के खिलाफ लंबा संघर्ष
देवघर, जो अपनी धार्मिक पवित्रता और श्रावणी मेले के लिए विश्व विख्यात है, हमेशा से ही शराब तस्करों के रडार पर रहा है। इतिहास गवाह है कि 1990 के दशक में बिहार-झारखंड के बंटवारे से पहले भी इस क्षेत्र के सीमावर्ती इलाकों (बिहार बॉर्डर) का फायदा उठाकर नकली शराब का कारोबार फलता-फूलता था। 2015-16 के दौरान देवघर पुलिस ने 'ऑपरेशन क्लीन' के तहत दर्जनों ऐसी मिनी फैक्ट्रियों को ध्वस्त किया था। 2026 की यह घटना बताती है कि तकनीक बदलने के साथ तस्करों ने अब गांवों के अंदरूनी हिस्सों में 'सेटअप' लगाना शुरू कर दिया है। उत्पाद विभाग की यह कार्रवाई ऐतिहासिक रूप से इसलिए अहम है क्योंकि तिलोना गांव जैसे शांत इलाके में इतनी बड़ी फैक्ट्री का चलना सुरक्षा तंत्र के लिए एक बड़ी चुनौती थी।
विभाग की चेतावनी: "बख्शे नहीं जाएंगे गुनहगार"
उत्पाद अधीक्षक विमला लकड़ा ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान रुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि नकली शराब न केवल युवाओं के जीवन से खिलवाड़ कर रही है, बल्कि इससे जघन्य सामाजिक अपराध भी बढ़ रहे हैं। टीम में मणिकांत कुमार, किशोर कुमार, अवधेश कुमार जैसे जांबाज अधिकारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर इस ऑपरेशन को सफल बनाया।
प्रशासन की मुस्तैदी या तस्करों की चतुराई?
15 लाख की शराब पकड़े जाना विभाग की जीत तो है, लेकिन मुख्य आरोपी का भाग निकलना कई सवाल भी खड़े करता है। क्या मंटू यादव को छापेमारी की भनक पहले ही लग गई थी? फिलहाल पुलिस उसकी संपत्ति कुर्क करने और उसे सलाखों के पीछे भेजने की तैयारी में है।
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