Chakulia Attack : चाकुलिया में हाथी का तांडव! खेत में घुसकर धान को रौंदा, जंगल में शरण से पूरे गांव में दहशत

चाकुलिया के दक्षिणशोल गांव में जंगली हाथी ने बुधवार सुबह क्या बड़ा उपद्रव मचाया? क्या आप जानते हैं कि मलय बेरा की खड़ी फसल को हाथी ने पैरों तले क्यों रोंद डाला? हाथी अब गांव से सटे किस जंगल में शरण लिए हुए है? झारखंड में मानव-हाथी संघर्ष इतना गंभीर क्यों है, क्या फसल बचाने के लिए वन विभाग ने कोई नया उपाय किया है? ग्रामीणों ने तुरंत क्या मांग की? जान और फसल का खतरा टालने के लिए पूरी जानकारी पढ़ें!

Oct 29, 2025 - 15:06
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Chakulia Attack : चाकुलिया में हाथी का तांडव! खेत में घुसकर धान को रौंदा, जंगल में शरण से पूरे गांव में दहशत
Chakulia Attack : चाकुलिया में हाथी का तांडव! खेत में घुसकर धान को रौंदा, जंगल में शरण से पूरे गांव में दहशत

चाकुलिया, 29 अक्टूबर 2025 – चाकुलिया प्रखंड की सरडीहा पंचायत का दक्षिणशोल गांव बुधवार की सुबह से ही गहरे खौफ में जी रहा है। वजह है एक विशालकाय जंगली हाथी, जिसने न सिर्फ खेतों में तबाही मचाई, बल्कि अब वह गांव से सटे जंगल में शरण लिए बैठा है। यह घटना झारखंड के उस गंभीर मानव-हाथी संघर्ष को फिर से सामने लाती है, जहां वर्षों से हाथी और मानव दोनों ही पीड़ित रहे हैं, और इसका सबसे बड़ा खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है।

सुबह का उपद्रव: खड़ी धान की फसल हुई बर्बाद

ग्रामीणों के अनुसार, बुधवार की सुबह यह जंगली हाथी अचानक मलय बेरा के खेत में घुस आया। झारखंड के इस हिस्से में इस समय धान की फसल कटाई के लिए पूरी तरह तैयार है, जो किसानों की पूरे साल की मेहनत का फल होती है।

  • हाथी का तांडव: हाथी ने खेत में खड़ी धान की फसल को खाकर और अपने विशाल पैरों तले रोंदकर पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। एक रात की इस बर्बादी से किसान मलय बेरा को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

  • खौफ की वजह: धान की फसल हाथियों को सबसे ज्यादा आकर्षित करती है। यह अकेला हाथी अब गांव से सटकर स्थित जंगल में डेरा डाले हुए है। उसके किसी भी समय फिर से गांव में घुसकर जान-माल को नुकसान पहुंचाने की आशंका के चलते ग्रामीण काफी भयभीत हैं और रात भर जागकर अपनी और फसलों की सुरक्षा करने को मजबूर हैं।

मेहनत पर पानी: चिंता में डूबे किसान

चाकुलिया क्षेत्र में किसान अपनी आजीविका के लिए पूरी तरह से धान की खेती पर निर्भर हैं। किसानों ने दर्द व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने काफी मेहनत से धान की खेती की है। अब जब फसल तैयार है, तो हाथी उसे नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे उनकी पूरी मेहनत बर्बाद हो रही है। यह केवल फसल का नुकसान नहीं है, बल्कि यह किसानों के पूरे साल के भविष्य का सवाल है।

मानव-हाथी संघर्ष का गंभीर इतिहास

चाकुलिया, घाटशिला और आसपास के क्षेत्र मानव-हाथी संघर्ष के लिए कुख्यात रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में जंगली हाथियों के हमले में कई निर्दोष ग्रामीणों की मौत हुई है। वन क्षेत्र के कम होने, हाथियों के कॉरिडोर (आवागमन मार्ग) पर बढ़ते अतिक्रमण और अवैध खनन के कारण ये विशालकाय जीव भोजन की तलाश में बार-बार मानव बस्तियों में घुस आते हैं।

  • वन विभाग के प्रयास: वन विभाग ने इस समस्या से निपटने के लिए हाल ही में 'अबुआ हाथी ऐप' जैसी पहल की है, जो हाथियों की मौजूदगी की सूचना 8-10 किलोमीटर दूर से ही दे सकती है। इसके अलावा, हाथियों को भगाने के लिए मधुमक्खी पालन का भी एक अनोखा प्रयास किया जा रहा है, क्योंकि हाथी मधुमक्खियों की भिनभिनाहट से डरते हैं।

ग्रामीणों की तत्काल मांग: वन विभाग करे कार्रवाई

ग्रामीणों ने इस बढ़ते खतरे को देखते हुए वन विभाग के पदाधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी मांग है कि विभाग जल्द से जल्द हाथी को गांव से दूर, किसी सुरक्षित स्थान तक ले जाए ताकि लोगों को जान-माल का कोई नुकसान न हो। जब तक हाथी जंगल से दूर नहीं जाता, तब तक दक्षिणशोल गांव के लोग चैन की नींद नहीं सो पाएंगे।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।