Chakulia Fire: हवाई पट्टी पर तांडव, कचरे के ढेर में लगी भीषण आग, धू-धू कर जले सैकड़ों पेड़-पौधे, शरारती तत्वों की करतूत से हड़कंप

चाकुलिया हवाई पट्टी स्थित वेस्ट प्लांट के बाहर लगी भीषण आग ने विकराल रूप ले लिया है। जहरीले धुएं और सैकड़ों पेड़ों के जलने से मचे हाहाकार और वन विभाग के रेस्क्यू ऑपरेशन की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी इस ईको-सिस्टम को तबाह करने वाली खौफनाक घटना की हकीकत जानने से चूक जाएंगे।

Jan 19, 2026 - 16:27
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Chakulia Fire: हवाई पट्टी पर तांडव, कचरे के ढेर में लगी भीषण आग, धू-धू कर जले सैकड़ों पेड़-पौधे, शरारती तत्वों की करतूत से हड़कंप
Chakulia Fire: हवाई पट्टी पर तांडव, कचरे के ढेर में लगी भीषण आग, धू-धू कर जले सैकड़ों पेड़-पौधे, शरारती तत्वों की करतूत से हड़कंप

चाकुलिया, 19 जनवरी 2026 – पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया नगर पंचायत क्षेत्र से सटे ऐतिहासिक हवाई पट्टी इलाके में सोमवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट (Solid Waste Plant) के बाहर लगे कचरे के विशाल ढेर में अचानक आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके को काले धुएं के गुबार ने ढंक लिया। इस अग्निकांड में न केवल पर्यावरण को भारी नुकसान पहुँचा है, बल्कि हवाई पट्टी के समीप लगे सैकड़ों हरे-भरे पेड़ और पौधे भी झुलसकर राख हो गए हैं। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है, क्योंकि महज दो दिन पहले भी इसी जगह पर आगजनी की घटना हुई थी।

शरारती तत्वों की साजिश? धू-धू कर जला डंपिंग यार्ड

आग लगने के सटीक कारणों का आधिकारिक खुलासा अभी नहीं हुआ है, लेकिन मौके पर मौजूद परिस्थितियों और बार-बार हो रही घटनाओं ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • साजिश की आशंका: ग्रामीणों और प्लांट कर्मियों का मानना है कि किसी शरारती तत्व ने जानबूझकर कचरे के अंबार में आग लगाई है। यह घटना सोमवार सुबह करीब आठ बजे की बताई जा रही है।

  • विकराल रूप: कचरे में प्लास्टिक और सूखे अपशिष्ट की मात्रा अधिक होने के कारण आग ने तेजी से विस्तार किया। देखते ही देखते आग प्लांट की बाउंड्री से बाहर निकलकर पास के वन क्षेत्र तक पहुँच गई।

  • जहरीला धुआं: आग के कारण पूरे चाकुलिया हवाई पट्टी क्षेत्र में दुर्गंध और दमघोंटू धुआं फैल गया है, जिससे राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों को सांस लेने में कठिनाई हो रही है।

वन विभाग का मोर्चा: एयर ब्लोअर से आग पर काबू पाने की जंग

घटना की सूचना मिलते ही चाकुलिया वन विभाग की टीम हरकत में आई। कचरे का ढेर इतना बड़ा है कि दमकल की गाड़ियों के लिए भी वहां तक पहुँचना एक चुनौती बना हुआ है।

  1. रेस्क्यू ऑपरेशन: वन विभाग के कर्मी आधुनिक 'एयर ब्लोअर' मशीनों की सहायता से सूखी पत्तियों और कचरे को आग की जद से दूर करने में जुटे हैं।

  2. पेड़ों का नुकसान: शुरुआती आकलन के अनुसार, आग की तपिश से क्षेत्र के सैकड़ों छोटे-बड़े पौधे पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। यह जैव विविधता के लिए एक बड़ा झटका है।

  3. दोहरा प्रहार: गौर करने वाली बात यह है कि पिछले शनिवार को भी इसी क्षेत्र में आग लगाई गई थी। बार-बार हो रही इन घटनाओं से साफ है कि प्रशासन की सतर्कता के बावजूद कुछ तत्व जानबूझकर इस संपत्ति को नुकसान पहुँचा रहे हैं।

चाकुलिया अग्निकांड: मुख्य विवरण (Fire Incident Snapshot)

विवरण जानकारी (Details)
घटनास्थल ठोस अपशिष्ट प्लांट, हवाई पट्टी क्षेत्र, चाकुलिया
समय सोमवार सुबह (19 जनवरी 2026)
नुकसान सैकड़ों पेड़-पौधे और पर्यावरण को क्षति
मुख्य चुनौती कचरे का भारी अंबार और तेज हवा
एक्शन टीम चाकुलिया वन विभाग (Forest Department)

इतिहास का पन्ना: चाकुलिया हवाई पट्टी का गौरव और वर्तमान चुनौतियां

चाकुलिया की यह हवाई पट्टी केवल एक खाली मैदान नहीं, बल्कि विश्व इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। द्वितीय विश्व युद्ध (1942-1945) के दौरान ब्रिटिश और अमेरिकी वायु सेना ने इसे 'बी-29 सुपरफोर्ट्रेस' बमवर्षक विमानों के लिए एक रणनीतिक आधार के रूप में विकसित किया था। इतिहास गवाह है कि इसी हवाई पट्टी से चीन और जापान के विरुद्ध कई महत्वपूर्ण मिशनों को अंजाम दिया गया था। आजादी के बाद इस विशाल भूभाग का उपयोग विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया गया, लेकिन हाल के वर्षों में यहाँ नगर पंचायत का 'कचरा डंपिंग यार्ड' और 'वेस्ट प्लांट' बनने से इसके ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्वरूप पर खतरा मंडराने लगा है। साल 2018 और 2022 में भी इस क्षेत्र के जंगलों में आग लगने से भारी नुकसान हुआ था। आज की यह आग उसी लापरवाही की अगली कड़ी है जो इस ऐतिहासिक विरासत के ईको-सिस्टम को धीरे-धीरे राख कर रही है।

प्रशासन की चेतावनी: कड़ी होगी कार्रवाई

नगर पंचायत और वन विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।

  • सीसीटीवी और गश्त: अब इस इलाके में गश्त बढ़ाने और संदिग्धों पर नजर रखने की बात कही जा रही है।

  • कचरा प्रबंधन पर सवाल: पर्यावरणविदों का कहना है कि प्लांट के बाहर खुले में कचरे का अंबार लगाना ही आग की घटनाओं को निमंत्रण देता है। यदि कचरे का निस्तारण समय पर होता, तो आग इतनी विकराल नहीं होती।

  • जांच शुरू: पुलिस और वन विभाग उन शरारती तत्वों की पहचान करने में जुटे हैं जो इस तरह की घटनाओं को अंजाम देकर सार्वजनिक स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।

सुलगता पर्यावरण और हमारी जिम्मेदारी

चाकुलिया हवाई पट्टी की आग बुझ तो जाएगी, लेकिन जो सैकड़ों पेड़ जल गए हैं, उनकी भरपाई में सालों लग जाएंगे। यह घटना हमें याद दिलाती है कि कचरा प्रबंधन केवल प्लांट बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी सुरक्षा और सही रखरखाव भी अनिवार्य है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।