Chakradharpur Accident: चक्रधरपुर लौट रहे फादर की कार पुलिया के नीचे गिरी, मलबे में दबे रहे कुंदन मालूवा, पत्नी की बची जान और अब जमशेदपुर रेफर
रांची से चक्रधरपुर लौट रहे फादर कुंदन मालूवा की कार अनियंत्रित होकर पुलिया के नीचे गिर गई है। कमर में गंभीर चोट, पत्नी की सुरक्षित वापसी और जमशेदपुर अस्पताल रेफर किए जाने की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।
चक्रधरपुर/पश्चिमी सिंहभूम, 7 अप्रैल 2026 – झारखंड की लाइफलाइन कही जाने वाली सड़कों पर रफ़्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को रांची-चाईबासा मार्ग पर एक रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा हुआ, जहाँ फादर कुंदन मालूवा की कार अनियंत्रित होकर सीधे एक गहरी पुलिया के नीचे जा गिरी। इस खौफनाक एक्सीडेंट में फादर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जबकि उनकी पत्नी चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बच गईं। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर दोनों को मलबे से बाहर निकाला। चक्रधरपुर पुलिस मौके पर पहुँचकर जांच में जुट गई है, लेकिन इस हादसे ने हाइवे की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।
खाई में समाई कार: जब पुलिया के नीचे मची चीख-पुकार
जानकारी के अनुसार, फादर कुंदन मालूवा अपनी पत्नी के साथ रांची से जरूरी काम निपटाकर चक्रधरपुर लौट रहे थे।
-
अचानक हुआ हादसा: जैसे ही कार पुलिया के समीप पहुँची, वह बेकाबू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कार की रफ़्तार तेज थी और वह रेलिंग को तोड़ते हुए सीधे नीचे जा गिरी।
-
मदद के लिए दौड़े ग्रामीण: कार के गिरते ही जोरदार धमाका हुआ, जिसे सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुँचे। उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद कार के दरवाजे तोड़कर फादर और उनकी पत्नी को बाहर निकाला।
-
प्राथमिक उपचार: दोनों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच शुरू की।
जमशेदपुर रेफर: कमर में गंभीर चोट, हालत नाजुक
अस्पताल में जांच के बाद फादर की स्थिति चिंताजनक पाई गई।
-
मेडिकल रिपोर्ट: चिकित्सकों ने पुष्टि की है कि फादर कुंदन मालूवा के कमर (Spine) में गंभीर चोट आई है। शरीर के निचले हिस्से में दर्द और अंदरूनी चोटों को देखते हुए उन्हें तुरंत बेहतर इलाज के लिए जमशेदपुर रेफर कर दिया गया है।
-
पत्नी की सलामती: इस भीषण हादसे में राहत की बात यह रही कि फादर की पत्नी सुरक्षित हैं। हालांकि, वे इस घटना के बाद से गहरे सदमे में हैं और कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं हैं।
-
पुलिस की कार्रवाई: चक्रधरपुर थाना पुलिस ने क्रेन की मदद से पुलिया के नीचे दबी कार को बाहर निकलवाया। कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है।
'डेथ ट्रैप' बनती पुलिया और मोड़
चक्रधरपुर के आसपास का यह इलाका अपने घुमावदार मोड़ों और पुरानी पुलियाओं के लिए जाना जाता है।
-
इंजीनियरिंग की खामियां: स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस मार्ग पर कई ऐसी पुलियाएं हैं जहाँ न तो रेडियम इंडिकेटर हैं और न ही मजबूत रेलिंग। फादर की कार का गिरना यह दर्शाता है कि सड़क सुरक्षा के मानक यहाँ फेल हो चुके हैं।
-
रांची-चाईबासा रूट का दबाव: एनएच-75ई पर बढ़ते ट्रैफिक के कारण अक्सर चालक थकान या एकाग्रता खोने की वजह से नियंत्रण खो देते हैं। फादर कुंदन मालूवा जैसे प्रतिष्ठित व्यक्ति के साथ हुई इस घटना ने प्रशासनिक अधिकारियों को भी सचेत कर दिया है।
-
धार्मिक जगत में चिंता: फादर कुंदन मालूवा चक्रधरपुर के सामाजिक और धार्मिक हलकों में एक सम्मानित नाम हैं। उनके घायल होने की खबर फैलते ही दुआओं और प्रार्थनाओं का दौर शुरू हो गया है।
अगला कदम: रफ़्तार या तकनीकी खराबी?
पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि कार वास्तव में कैसे अनियंत्रित हुई।
-
वाहन का निरीक्षण: क्या कार का टायर फटा था या ब्रेक फेल हुए थे? पुलिस की तकनीकी टीम इसकी जांच करेगी।
-
चश्मदीदों के बयान: पुलिस ने उन ग्रामीणों के बयान दर्ज किए हैं जिन्होंने कार को गिरते देखा था।
-
अस्पताल में निगरानी: जमशेदपुर के अस्पताल में फादर की सर्जरी या विशेष इलाज को लेकर डॉक्टरों की टीम निगरानी कर रही है।
चक्रधरपुर में हुई यह घटना एक बड़ी चेतावनी है। फादर कुंदन मालूवा की कार का पुलिया के नीचे गिरना यह याद दिलाता है कि सफर में एक पल की लापरवाही भारी पड़ सकती है। पत्नी की सुरक्षा ने परिवार को बड़ी सांत्वना दी है, लेकिन फादर की रीढ़ की हड्डी में लगी चोट चिंता का विषय बनी हुई है। फिलहाल, चक्रधरपुर पुलिस मामले की फाइल तैयार कर रही है और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।
What's Your Reaction?


