Bihar Formation : 'नीतीश राज' पर लगी मुहर, पर BJP ने चली ये 'महा-चाल'! क्या चिराग खोलेंगे अपनी डिमांड लिस्ट?
नीतीश कुमार 9वीं बार बनेंगे CM, लेकिन BJP ने सम्राट चौधरी को क्यों बनाया विधायक दल का नेता? क्या बिहार में बनने जा रहे हैं दो डिप्टी CM? चिराग पासवान की 'डिमांड लिस्ट' में क्या है? क्या अमित शाह का पटना दौरा गठबंधन की 'डील' को अंतिम रूप देगा? नई सरकार के गठन की अंदरूनी खबर जानने के लिए तुरंत पढ़ें!
बिहार की राजनीति एक बार फिर रोमांचक मोड़ पर खड़ी है। लंबे सियासी घमासान और मतगणना की थ्रिलर के बाद, आखिरकार नई सरकार के गठन की बिसात बिछनी शुरू हो गई है। बुधवार का दिन पटना में राजनीतिक गहमागहमी और बंद कमरों की बैठकों के नाम रहा, जहां दो सबसे बड़े खिलाड़ियों—जेडीयू (JDU) और बीजेपी (BJP)—ने अपनी-अपनी चालें चलीं।
सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री आवास में जेडीयू विधायक दल की बैठक हुई। नतीजा, जैसा कि अपेक्षित था, वही रहा। राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से फिर से विधायक दल का नेता चुन लिया गया।
जेडीयू के वरिष्ठ नेता श्याम रजक ने यह स्पष्ट कर दिया कि नीतीश कुमार पार्टी की 'पहली और अंतिम पसंद' हैं। विधायक मनोरमा देवी ने इसे 'बिहार के लिए बहुत अच्छा दिन' बताया। 9वीं बार बिहार का मुख्यमंत्री बनना नीतीश कुमार के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। लेकिन इस बार का सफर उतना आसान नहीं है, क्योंकि सत्ता के समीकरण बदल चुके हैं।
बीजेपी की 'डिप्टी CM' चाल: कौन बनेगा सम्राट चौधरी?
एक तरफ जहां जेडीयू में नेता का चुनाव आसान था, वहीं बीजेपी खेमे में बड़ी रणनीतिक चालें चली गईं।
पार्टी कार्यालय में हुई बीजेपी विधायकों की बैठक में, सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुना गया है! राजनीतिक गलियारों में इस खबर ने हलचल मचा दी है। इसका सीधा मतलब है कि सम्राट चौधरी बिहार के अगले डिप्टी सीएम बन सकते हैं!
इतना ही नहीं, विजय सिन्हा को उपनेता चुना गया है। विजय सिन्हा भी दूसरे डिप्टी सीएम पद के लिए मज़बूत दावेदार माने जा रहे हैं।
यह संकेत देता है कि बीजेपी इस बार बिहार की सत्ता में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। दो डिप्टी सीएम की नियुक्ति बीजेपी की 'पावर-शेयरिंग' की महत्वाकांक्षा को दर्शाती है, जिससे जेडीयू पर दबाव बना रहेगा।
बिहार की राजनीतिक इतिहास की गवाही: 2005 से ही नीतीश कुमार (चाहे वह बीजेपी के साथ हों या आरजेडी के) सत्ता के केंद्र में रहे हैं। लेकिन बीजेपी का यह कदम दिखाता है कि वह अब बिहार में 'जूनियर पार्टनर' की छवि से बाहर निकलना चाहती है। क्या यह बीजेपी का 'मिशन 2029' की तैयारी है?
चिराग पासवान की 'डिमांड लिस्ट': क्या मानेगी NDA?
इस महासंग्राम में तीसरे सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं चिराग पासवान और उनकी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास)। 19 सीटों के साथ, चिराग अब 'किंग मेकर' की भूमिका में हैं और वह अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, चिराग पासवान की पार्टी एक डिप्टी सीएम पद और तीन मंत्री पदों की मांग कर रही है। 19 सीटों की जीत ने उन्हें यह अधिकार दिया है कि वह गठबंधन में एक महत्वपूर्ण हिस्सेदार बनें। क्या बीजेपी और जेडीयू उनकी इस महत्वपूर्ण डिमांड को मानेंगे? यह मुद्दा अभी भी बातचीत के केंद्र में है।
निर्णायक बैठक और अमित शाह का आगमन
दोपहर 3.30 बजे विधानसभा के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की निर्णायक बैठक होगी। यह वह पल होगा जब गठबंधन के सभी नवनिर्वाचित विधायक (भाजपा, JDU, एलजेपी, हम) एक साथ बैठेंगे और औपचारिक रूप से नीतीश कुमार को अपना नेता चुनकर सरकार गठन की प्रक्रिया को अंतिम रूप देंगे।
बैठक में नीतीश कुमार, चिराग पासवान, सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा समेत सभी बड़े नेता मौजूद रहेंगे।
लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा फैक्टर है केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पटना पहुंचना। अमित शाह का आगमन स्पष्ट संकेत देता है कि दिल्ली से शीर्ष नेतृत्व गठबंधन की 'डील' को अंतिम रूप देने आ रहा है। डिप्टी सीएम के नामों पर मुहर, चिराग की मांगों पर फैसला, और नई सरकार के 'रोडमैप' पर अंतिम निर्णय शाह की मौजूदगी में ही लिया जाएगा।
क्या आप जानना चाहेंगे कि चिराग पासवान की पार्टी की तरफ से डिप्टी सीएम पद का सबसे प्रबल दावेदार कौन है?
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