Adityapur Protest: आदित्यपुर IDTR में छात्रों का महासंग्राम, प्लेसमेंट इंचार्ज के ट्रांसफर पर भड़का गुस्सा, संस्थान में कामकाज पूरी तरह ठप

आदित्यपुर इंडो डेनिश टूल रूम (IDTR) में प्लेसमेंट इंचार्ज सुमित कोली के ट्रांसफर के खिलाफ छात्रों ने मोर्चा खोल दिया है। संस्थान के गेट पर तालाबंदी और भविष्य के खतरे की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।

Apr 13, 2026 - 14:51
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Adityapur Protest: आदित्यपुर IDTR में छात्रों का महासंग्राम, प्लेसमेंट इंचार्ज के ट्रांसफर पर भड़का गुस्सा, संस्थान में कामकाज पूरी तरह ठप
Adityapur Protest: आदित्यपुर IDTR में छात्रों का महासंग्राम, प्लेसमेंट इंचार्ज के ट्रांसफर पर भड़का गुस्सा, संस्थान में कामकाज पूरी तरह ठप

आदित्यपुर/सरायकेला, 13 अप्रैल 2026 – सरायकेला-खरसावां जिले के औद्योगिक केंद्र आदित्यपुर स्थित प्रतिष्ठित संस्थान इंडो डेनिश टूल रूम (IDTR) में सोमवार को अभूतपूर्व हंगामा देखने को मिला। संस्थान के सैकड़ों छात्र सुबह से ही मुख्य गेट पर जमा हो गए और प्लेसमेंट इंचार्ज सुमित कोली के ट्रांसफर के विरोध में उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों का आक्रोश इतना अधिक था कि उन्होंने संस्थान के मुख्य द्वार को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे शिक्षकों और कर्मचारियों का भीतर प्रवेश करना नामुमकिन हो गया। छात्रों का साफ कहना है कि उनके करियर के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और जब तक मैनेजमेंट अपना फैसला वापस नहीं लेता, यह 'तालाबंदी' जारी रहेगी।

भविष्य का सवाल: सुमित कोली के पक्ष में क्यों उतरे छात्र?

IDTR जैसे तकनीकी संस्थान में छात्रों का मुख्य लक्ष्य एक अच्छी कंपनी में प्लेसमेंट पाना होता है, और इसी मोर्चे पर विवाद गहरा गया है।

  • बेहतर प्लेसमेंट का रिकॉर्ड: प्रदर्शनकारी छात्रों के अनुसार, सुमित कोली के कार्यकाल में संस्थान में प्लेसमेंट की व्यवस्था काफी पारदर्शी और प्रभावी रही है। कई बड़ी कंपनियों को कैंपस तक लाने में उनकी भूमिका अहम रही।

  • अचानक ट्रांसफर से डर: छात्रों को अंदेशा है कि कोली के हटने से चल रही प्लेसमेंट प्रक्रिया बाधित हो जाएगी और बड़ी कंपनियां कैंपस से मुंह मोड़ सकती हैं।

  • मैनेजमेंट के खिलाफ नारेबाजी: छात्रों ने आरोप लगाया कि यह ट्रांसफर संस्थान के हित में नहीं बल्कि किसी आंतरिक राजनीति का हिस्सा है।

मौके पर तनाव: प्रशासन ने संभाला मोर्चा

जैसे-जैसे दिन चढ़ा, छात्रों की भीड़ और नारेबाजी बढ़ती गई।

  1. गेट पर पहरा: छात्रों ने मानव श्रृंखला बनाकर गेट को घेर लिया। किसी भी स्टाफ को अंदर नहीं जाने दिया गया, जिससे संस्थान की कक्षाएं और लैब वर्क पूरी तरह ठप हो गए।

  2. प्रशासन की एंट्री: हंगामे की सूचना मिलते ही आदित्यपुर थाना पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुँची। अधिकारियों ने छात्रों से वार्ता की कोशिश की, लेकिन छात्र केवल लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े रहे।

  3. तनावपूर्ण शांति: फिलहाल संस्थान परिसर में भारी पुलिस बल की मौजूदगी है। छात्र जमीन पर बैठकर धरना दे रहे हैं और 'कोली सर' को वापस लाने के नारे लगा रहे हैं।

 'स्किल इंडिया' का गढ़ और औद्योगिक विरासत

आदित्यपुर स्थित इंडो डेनिश टूल रूम केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि इस क्षेत्र की औद्योगिक रीढ़ है।

  • डेनमार्क का सहयोग: 1990 के दशक में भारत और डेनमार्क सरकार के सहयोग से शुरू हुआ यह संस्थान एमएसएमई (MSME) मंत्रालय के अंतर्गत आता है। इसका उद्देश्य झारखंड और आसपास के युवाओं को उच्च स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण देना था।

  • प्लेसमेंट का महत्व: आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया के केंद्र में होने के कारण, यहाँ के छात्रों का सीधा जुड़ाव टाटा मोटर्स, टाटा स्टील और सहायक कंपनियों से रहता है। इतिहास में यहाँ कभी इस तरह का छात्र विद्रोह प्लेसमेंट अधिकारी के लिए नहीं देखा गया, जो सुमित कोली की लोकप्रियता को दर्शाता है।

  • अनुशासन की मिसाल: IDTR अपनी सख्त अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए जाना जाता रहा है। आज का यह उग्र प्रदर्शन दर्शाता है कि छात्र अपने करियर और भविष्य को लेकर कितने संवेदनशील हो चुके हैं।

अगली कार्रवाई: क्या झुकेगा संस्थान प्रबंधन?

छात्रों के तेवर देख कर लग रहा है कि यह आंदोलन लंबा खिंच सकता है।

  • मैनेजमेंट की बैठक: जानकारी मिल रही है कि IDTR प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी बंद कमरे में बैठक कर रहे हैं। प्रशासन उन पर दबाव बना रहा है कि छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से मिलकर संवाद करें।

  • छात्रों का अल्टीमेटम: छात्रों ने साफ कर दिया है कि अगर आज शाम तक ट्रांसफर ऑर्डर पर रोक नहीं लगाई गई, तो कल से यह आंदोलन और भी व्यापक होगा। वे अब भूख हड़ताल पर बैठने की भी योजना बना रहे हैं।

  • प्लेसमेंट सीजन का खतरा: अप्रैल का महीना प्लेसमेंट के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण होता है। अगर यह विवाद जल्दी नहीं सुलझा, तो कई बड़ी कंपनियों के रिक्रूटमेंट ड्राइव रद्द हो सकते हैं।

आदित्यपुर IDTR में जारी यह घमासान केवल एक अधिकारी के ट्रांसफर का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह छात्रों के उस 'डर' की अभिव्यक्ति है जो उन्हें अनिश्चित भविष्य को लेकर सता रहा है। सुमित कोली पर छात्रों का अटूट भरोसा संस्थान के लिए एक मिसाल भी है और चुनौती भी। प्रशासन को यह समझना होगा कि तकनीकी शिक्षा के इस मंदिर में अगर छात्र सड़कों पर हैं, तो संवाद की कमी कहीं न कहीं जरूर है। फिलहाल, सभी की नजरें संस्थान के अगले नोटिस पर टिकी हैं—क्या सुमित कोली का ट्रांसफर रुकेगा या छात्रों का आक्रोश नया मोड़ लेगा?

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।