Gamharia Arrest: गम्हारिया शराब दुकान में पिस्टल सटाकर मांगी रंगदारी, आदित्यपुर का शातिर गुल्लू गिरफ्तार, हथियार बरामद

गम्हारिया की सरकारी शराब दुकान में पिस्टल दिखाकर रंगदारी मांगने वाले मयंक बारी उर्फ गुल्लू को पुलिस ने दबोच लिया है। शातिर अपराधी का पुराना क्राइम रिकॉर्ड और गिरफ्तारी की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।

Apr 13, 2026 - 15:46
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Gamharia Arrest: गम्हारिया शराब दुकान में पिस्टल सटाकर मांगी रंगदारी, आदित्यपुर का शातिर गुल्लू गिरफ्तार, हथियार बरामद
Gamharia Arrest: गम्हारिया शराब दुकान में पिस्टल सटाकर मांगी रंगदारी, आदित्यपुर का शातिर गुल्लू गिरफ्तार, हथियार बरामद

गम्हारिया/सरायकेला, 13 अप्रैल 2026 – सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हारिया थाना क्षेत्र में दहशत का पर्याय बने एक शातिर अपराधी को पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। छोटा गम्हारिया स्थित केपीएस रोड की सरकारी शराब दुकान में पिस्टल की नोक पर रंगदारी मांगने और लूटपाट करने वाले मयंक बारी उर्फ गुल्लू को पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई देशी सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल और एक मैगजीन भी बरामद की है। इस गिरफ्तारी से इलाके के व्यापारियों ने बड़ी राहत की सांस ली है।

दहशत की रात: शराब दुकान पर 'गुल्लू' का तांडव

यह सनसनीखेज वारदात 7 अप्रैल की है, जिसने पूरे गम्हारिया बाजार में खौफ पैदा कर दिया था।

  • पिस्टल के बल पर लूट: आदित्यपुर के कुंज बिहार अपार्टमेंट निवासी निशांत झा की लिखित शिकायत के अनुसार, अज्ञात अपराधियों ने केपीएस रोड स्थित सरकारी शराब दुकान पर धावा बोला था।

  • रंगदारी की मांग: आरोपियों ने काउंटर पर मौजूद कर्मियों के सिर पर पिस्टल सटा दी और मोटी रकम की मांग की। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई और जबरन शराब की बोतलें लूटकर फरार हो गए।

  • पुलिस की सक्रियता: घटना के बाद 9 अप्रैल को गम्हारिया थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई। एसपी के कड़े निर्देश पर थाना प्रभारी रामचंद्र रजक के नेतृत्व में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन किया गया।

छापेमारी और गिरफ्तारी: तकनीकी साक्ष्यों ने फंसाया

गम्हारिया पुलिस ने इस मामले को सुलझाने के लिए आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों का सहारा लिया।

  1. सीधे दबोचा गया: पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों (Technical Evidence) के आधार पर आरोपी की पहचान आदित्यपुर बोलाईडीह निवासी मयंक बारी के रूप में की।

  2. गुप्त सूचना का जाल: गुप्त सूचना मिली कि मयंक अपने ठिकाने पर मौजूद है, जिसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे धर दबोचा।

  3. हथियार बरामदगी: उसकी निशानदेही पर पुलिस ने वह पिस्टल भी बरामद कर ली है, जिससे वह इलाके में रंगदारी का खेल खेल रहा था।

विकास की छांव में पनपता अपराध

गम्हारिया, जो कभी एक छोटा सा गांव हुआ करता था, आज झारखंड के सबसे बड़े औद्योगिक हब (Industrial Hub) का हिस्सा है।

  • सरायकेला का प्रवेश द्वार: 1990 के दशक के बाद गम्हारिया में तेजी से फैक्ट्रियों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों का विस्तार हुआ। यहाँ की बढ़ती आर्थिक संपन्नता ने ही अपराधियों को 'रंगदारी' (Extortion) जैसे अपराधों की ओर आकर्षित किया है।

  • गैंगस्टर कल्चर: आदित्यपुर और गम्हारिया की भौगोलिक निकटता के कारण अपराधियों के लिए वारदातों को अंजाम देकर भागना आसान रहा है। इतिहास गवाह है कि यहाँ कई बड़े गैंग सक्रिय रहे हैं, लेकिन हाल के वर्षों में पुलिस की 'जीरो टॉलरेंस' नीति ने इन पर लगाम कसी है।

  • मयंक का पुराना इतिहास: गिरफ्तार आरोपी मयंक बारी कोई नया अपराधी नहीं है। 2017 में उस पर आर्म्स एक्ट और 2018 में छेड़खानी, चोरी व पोक्सो (POCSO) एक्ट जैसे गंभीर मामले दर्ज हो चुके हैं। वह जेल से बाहर आते ही फिर से अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया था।

अगली कार्रवाई: सलाखों के पीछे पहुंचा 'गुल्लू'

एसडीपीओ के अनुसार, मयंक बारी की गिरफ्तारी इस गिरोह के लिए एक बड़ा झटका है।

  • न्यायिक हिरासत: पुलिस ने सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

  • सहयोगियों की तलाश: पुलिस अब मयंक के उन सहयोगियों का पता लगा रही है जो वारदात के वक्त उसके साथ थे। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे गिरोह का सफाया कर दिया जाएगा।

  • पुलिस टीम को शाबाशी: इस सफल कार्रवाई में एसआई सुबोध कुमार दास, अरुण कुमार महतो, मनोज कुमार और हवलदार चमरू मुंदैया की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनकी सराहना जिला पुलिस मुख्यालय द्वारा की गई है।

गम्हारिया पुलिस की यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि कानून की नजरों से अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, बच नहीं सकता। सरकारी शराब दुकान जैसी व्यस्त जगह पर पिस्टल के बल पर लूटपाट करना न केवल प्रशासन को चुनौती थी, बल्कि आम जनता की सुरक्षा पर भी प्रहार था। मयंक बारी उर्फ गुल्लू का जेल जाना इलाके में शांति बहाल करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। फिलहाल, गम्हारिया पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।