Adityapur Raid: गम्हरिया ब्लॉक में बोलेरो के अंदर नोट गिनते धराया विनय तिवारी, एसीबी की टीम ने फिल्मी अंदाज में दबोचा
आदित्यपुर के गम्हरिया ब्लॉक परिसर में एसीबी जमशेदपुर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विनय तिवारी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। बोलेरो गाड़ी के भीतर बैठकर नोट गिन रहे आरोपी को एसीबी की टीम ने चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया। भ्रष्टाचार के खिलाफ हुई इस बड़ी स्ट्राइक की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
आदित्यपुर/गम्हरिया, 23 मार्च 2026 – झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले अंतर्गत आदित्यपुर के गम्हरिया ब्लॉक परिसर में सोमवार की दोपहर सन्नाटा तब टूट गया जब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की जमशेदपुर टीम ने एक 'सर्जिकल स्ट्राइक' को अंजाम दिया। दोपहर करीब एक बजे, जब ब्लॉक कार्यालय अपने कामकाज में व्यस्त था, एसीबी के अधिकारियों ने एक सफेद रंग की बोलेरो गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया। गाड़ी के भीतर विनय तिवारी नामक व्यक्ति कथित तौर पर रिश्वत की रकम गिन रहा था। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाता या भागने की कोशिश करता, एसीबी के जवानों ने उसे दबोच लिया। इस अचानक हुई कार्रवाई से ब्लॉक परिसर में हड़कंप मच गया और दलालों व भ्रष्ट कर्मियों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
बोलेरो के भीतर 'नोटों का खेल': कैसे बिछाया गया जाल?
एसीबी की यह कार्रवाई पूरी तरह से गुप्त रखी गई थी। सूत्रों के अनुसार, टीम को काफी समय से गम्हरिया ब्लॉक में चल रहे भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही थीं।
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सटीक लोकेशन: एसीबी को इनपुट मिला था कि विनय तिवारी नामक व्यक्ति ब्लॉक परिसर में खड़ी एक बोलेरो में बड़ी रकम के साथ मौजूद है।
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रंगे हाथ गिरफ्तारी: चश्मदीदों के मुताबिक, विनय तिवारी गाड़ी की पिछली सीट पर बैठकर नोटों की गड्डियां गिन रहा था। एसीबी की टीम ने उसे उसी अवस्था में रंगे हाथ पकड़ा, जिससे उसे अपनी सफाई देने का मौका तक नहीं मिला।
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अफरा-तफरी का मंजर: जैसे ही विनय को हिरासत में लिया गया, ब्लॉक परिसर के कई कार्यालयों में सन्नाटा पसर गया और कुछ संदिग्ध लोग मौके से खिसकते नजर आए।
कौन है विनय तिवारी? भ्रष्टाचार का गहरा सिंडिकेट
हालांकि एसीबी ने अभी तक आधिकारिक तौर पर विनय तिवारी के पद या विभाग की जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि वह भ्रष्टाचार के एक बड़े नेटवर्क का अहम हिस्सा है।
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रिश्वत का आरोप: बताया जा रहा है कि यह रकम किसी सरकारी योजना के आवंटन या जमीन से जुड़े काम को निपटाने के एवज में ली गई थी।
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पूछताछ जारी: गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम उसे तुरंत अपने साथ जमशेदपुर स्थित कार्यालय ले गई है। वहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रिश्वत कांड में ब्लॉक के कौन-कौन से बड़े अधिकारी शामिल हैं।
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जल्द बड़ा खुलासा: एसीबी के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि देर शाम तक मामले की विस्तृत जानकारी और बरामद की गई कुल रकम का खुलासा प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए किया जाएगा।
आदित्यपुर-गम्हरिया का इतिहास और एसीबी की सक्रियता
गम्हरिया ब्लॉक और आदित्यपुर क्षेत्र हमेशा से ही भ्रष्टाचार के आरोपों के केंद्र में रहे हैं।
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दलालों का बोलबाला: यहाँ जमीन की रजिस्ट्री, आवास योजना और म्यूटेशन जैसे कामों में दलालों की सक्रियता जगजाहिर है। पूर्व में भी यहाँ कई कर्मचारियों को एसीबी द्वारा घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा जा चुका है।
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जनता का भरोसा: एसीबी की इस त्वरित कार्रवाई ने आम जनता के बीच एक सकारात्मक संदेश भेजा है। लोगों का मानना है कि इस तरह की छापेमारी से सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।
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प्रशासनिक खलबली: विनय तिवारी की गिरफ्तारी के बाद गम्हरिया ब्लॉक के कई बड़े बाबू और अधिकारी अब जांच के घेरे में आ सकते हैं।
अगला कदम: कॉल डिटेल्स और बैंक खातों की जांच
एसीबी अब विनय तिवारी के मोबाइल और डिजिटल रिकॉर्ड्स को खंगालने की तैयारी कर रही है।
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नेटवर्क मैपिंग: पुलिस यह पता लगा रही है कि विनय तिवारी केवल एक 'मिडिल मैन' (बिचौलिया) था या वह किसी सरकारी विभाग में कार्यरत है।
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आगे की कार्रवाई: एसीबी द्वारा आरोपी के घर पर भी छापेमारी की जा सकती है ताकि उसकी आय से अधिक संपत्ति का पता लगाया जा सके।
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एफआईआर दर्ज: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
आदित्यपुर के गम्हरिया ब्लॉक में हुई यह गिरफ्तारी झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान की एक बड़ी कड़ी है। विनय तिवारी का बोलेरो में बैठकर नोट गिनना यह दर्शाता है कि भ्रष्टाचार किस कदर बेखौफ होकर फल-फूल रहा था। एसीबी जमशेदपुर की इस स्ट्राइक ने यह साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे जितना भी शातिर क्यों न हो, कानून की नजरों से बच नहीं सकता। अब पूरे क्षेत्र की नजर एसीबी की उस चार्जशीट पर है जो गम्हरिया ब्लॉक के कई 'सफेदपोशों' की पोल खोल सकती है।
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