Dorkasai Celebrate: डोरकासाई के जेवियर पब्लिक स्कूल में जनजातीय गौरव दिवस पर क्विज में छात्रों ने क्यों दिखाया इतना उत्साह
जेवियर पब्लिक स्कूल डोरकासाई में "जनजातीय गौरव दिवस 2025" के अवसर पर क्विज प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिवस पर हुए इस कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी संस्कृति की गहरी पहचान क्यों दिखाई? कक्षा 10 के किस टीम ने प्रतियोगिता में विजय प्राप्त की? छात्रों के नाम क्या हैं और उनके उत्साह को देखकर क्या ज्ञात हुआ? इस गौरवशाली कार्यक्रम का पूरा विवरण पढ़ें।
डोरकासाई, 6 नवंबर 2025 – झारखंड की धरोहर और महान जनजातीय नेता भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिवस को यादगार बनाने के लिए, जेवियर पब्लिक स्कूल डोरकासाई में आज 'जनजातीय गौरव दिवस 2025' का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्कूल में एक विशेष क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बच्चों के भीतर अपनी संस्कृति और इतिहास को लेकर जो गहरा उत्साह देखने को मिला, उससे यह पुष्टि होती है कि युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी हुई है। यह दिवस केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि झारखंड के गौरवशाली इतिहास को जीवंत करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास था।
बिरसा मुंडा का योगदान: क्यों मनाया जाता है यह दिवस
जनजातीय गौरव दिवस महान स्वतंत्रता सेनानी और जननायक भगवान बिरसा मुंडा को समर्पित है, जिनका जन्म 15 नवंबर को हुआ था।
-
इतिहास की झलक: बिरसा मुंडा को 'धरती आबा' के नाम से जाना जाता है। उन्होंने 19वीं शताब्दी में अंग्रेजों के खिलाफ 'उलगुलान' यानी महान विद्रोह का नेतृत्व किया था, जो झारखंड के जनजातीय इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय है। उनके संघर्षों ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
-
कार्यक्रम का उद्देश्य: जेवियर पब्लिक स्कूल में इस दिवस को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उनकी जनजातीय संस्कृति, वीरता और स्वतंत्रता संग्राम में किए गए योगदान से परिचित कराना था।
क्विज प्रतियोगिता में छात्रों का दमदार प्रर्दशन
इस गौरवशाली अवसर पर कक्षा 9 और 10 के छात्र-छात्राओं के लिए क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
-
प्रतिभाग: इस प्रतियोगिता में कक्षा 9 और 10 के छात्र-छात्राओं ने टीम बनाकर हिस्सा लिया।
-
उत्साह: बच्चों के बीच उनकी संस्कृति, इतिहास और जनजातीय वीरों से जुड़े सवालों को लेकर जो जबरदस्त उत्साह दिखा, उससे यह ज्ञात हुआ कि उन्हें अपनी संस्कृति की गहन और अच्छी पहचान है। यह प्रतिस्पर्धा ज्ञान और गर्व से भरी हुई थी।
-
विजेता: कड़े मुकाबले के बाद, कक्षा 10 के छात्रों की टीम ने प्रतियोगिता में विजय प्राप्त की। विजेता छात्रों के नाम हैं: आयुष महतो, परमेश्वर हांसदा, रामचंद्र सोरेन और देवव्रत दास।
सफलतापूर्वक हुआ कार्यक्रम का समापन
इस पूरे कार्यक्रम की योजना और क्रियान्वयन सराहनीय रहा, जिसने छात्रों को न सिर्फ ज्ञान दिया बल्कि प्रेरित भी किया।
-
समापन: 'जनजातीय गौरव दिवस 2025' के अवसर पर आयोजित इस क्विज प्रतियोगिता और अन्य कार्यक्रमों का समापन बहुत ही सफलतापूर्वक और अच्छी तरह से हुआ।
यह आयोजन दर्शाता है कि कैसे शिक्षण संस्थान अपनी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
What's Your Reaction?


