Saranda Theft: बकरी चोरी, सारंडा के रोवाम में खौफनाक सेंधमारी, मौके पर छूटा चोर का मोबाइल
पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा स्थित रोवाम गांव में चोरों ने कूदा सिद्धू के घर से तीन बकरियां उड़ा ली हैं और भागते समय अपना मोबाइल फोन घटनास्थल पर ही छोड़ गए हैं। चारपहिया वाहन से घूम रहे इस शातिर गिरोह और आदिवासियों की आजीविका पर मंडराते इस बड़े खतरे की पूरी हकीकत यहाँ दी गई है वरना आप भी इस अनसुलझे सुराग की अहमियत नहीं समझ पाएंगे।
चाईबासा/गुवा, 20 दिसंबर 2025 – झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा थाना क्षेत्र अंतर्गत सारंडा के घने जंगलों के बीच बसा रोवाम गांव इन दिनों एक 'अदृश्य' दुश्मन से जूझ रहा है। शुक्रवार की रात अज्ञात चोरों ने रोवाम निवासी कूदा सिद्धू के घर पर धावा बोलकर उनकी तीन बकरियां चुरा लीं। यह केवल एक साधारण चोरी नहीं है, बल्कि एक पूरे समुदाय की अर्थव्यवस्था पर सीधा प्रहार है। लेकिन इस बार चोरों से एक ऐसी बड़ी गलती हो गई है, जो उन्हें सीधे सलाखों के पीछे पहुँचा सकती है—वारदात की जगह पर चोर का मोबाइल फोन गिर गया है।
इतिहास: सारंडा की आजीविका और पशुपालन की विरासत
सारंडा का जंगल ऐतिहासिक रूप से आदिवासियों का रक्षक रहा है। यहाँ के 'हो' समुदाय और अन्य जनजातीय परिवारों के लिए बकरी पालन केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि उनकी 'लाइफलाइन' है। प्राचीन समय से ही, जब खेती पर संकट आता था, तो ये बकरियां ही थीं जो बच्चों की पढ़ाई, शादियों और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 'एसेट' का काम करती थीं। सारंडा की बकरियां अपने स्वाद और स्वास्थ्य के लिए क्षेत्रीय बाजारों में काफी मशहूर हैं, यही कारण है कि अब बाहरी गिरोहों की नजरें इस अनमोल संपदा पर टिक गई हैं। पिछले कुछ वर्षों में सड़क संपर्क बढ़ने से चोरों को चारपहिया वाहनों के जरिए भागने में आसानी होने लगी है।
आधी रात का 'ऑपरेशन रोवाम': चारपहिया वाहन से आए थे चोर
शुक्रवार की रात जब पूरा गांव गहरी नींद में था, तब एक सफेद रंग का चारपहिया वाहन गुपचुप तरीके से गांव में दाखिल हुआ।
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सुनियोजित चोरी: चोरों ने कूदा सिद्धू के घर की घेराबंदी की और बड़ी ही खामोशी से तीन पुष्ट बकरियों को गाड़ी में लाद लिया।
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सुराग छोड़ गए गुनहगार: अंधेरे में जल्दबाजी के चक्कर में एक चोर की जेब से उसका मोबाइल फोन वहीं गिर गया। सुबह जब ग्रामीणों ने छानबीन की, तो उन्हें यह मोबाइल बरामद हुआ। ग्रामीणों का मानना है कि इस फोन के कॉल रिकॉर्ड्स और गैलरी में छिपे राज इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश कर सकते हैं।
सैकड़ों बकरियां गायब: दहशत में सारंडा के गांव
यह कोई पहली घटना नहीं है। रोवाम ही नहीं, बल्कि सारंडा क्षेत्र के दर्जनों गांवों में पिछले कुछ महीनों से 'बकरी चोर गिरोह' का आतंक है।
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दर्जनों परिवार प्रभावित: अब तक सैकड़ों बकरियां चोरी हो चुकी हैं, लेकिन पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण चोरों के हौसले बुलंद हैं।
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आर्थिक संकट: गरीब आदिवासियों के लिए एक बकरी का चोरी होना हजारों रुपये के नुकसान के बराबर है। कई परिवारों के पास अब अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए कोई साधन नहीं बचा है।
चोरी की वारदात का संक्षिप्त ब्योरा (Action File)
| विवरण | जानकारी |
| पीड़ित का नाम | कूदा सिद्धू |
| स्थान | रोवाम गांव, सारंडा (गुवा) |
| बरामद सुराग | चोर का मोबाइल फोन |
| वाहन का प्रकार | चारपहिया गाड़ी (SUV/Van) |
| कुल नुकसान | तीन कीमती बकरियां |
पुलिसिया कार्रवाई और ग्रामीणों का आक्रोश
ग्रामीणों ने बरामद मोबाइल फोन को साक्ष्य के तौर पर गुवा पुलिस को सौंपने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि अगर इस बार भी पुलिस ने सुस्ती दिखाई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। गुवा थाना पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मोबाइल के IMEI नंबर और सिम कार्ड की मदद से चोरों की लोकेशन ट्रैक की जा रही है। प्रारंभिक शक यह है कि यह गिरोह सीमावर्ती क्षेत्रों से आता है और चोरी के बाद मांस के व्यापारियों को औने-पौने दामों में बकरियां बेच देता है।
निष्कर्ष: सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
सारंडा जैसे संवेदनशील वन क्षेत्र में रात के समय अनजान वाहनों का बेरोकटोक घूमना सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है। जब तक चेकपोस्टों पर सख्ती नहीं होगी और गश्ती नहीं बढ़ाई जाएगी, तब तक कूदा सिद्धू जैसे गरीब ग्रामीणों की रातें डर के साये में ही गुजरेंगी।
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