Seraikela Crash: दोस्त को घर छोड़कर लौट रहे युवक की पुलिया से नीचे गिरकर मौत, रात भर पानी के नीचे पड़ा रहा शव, सुबह ग्रामीणों ने देखा तो कांप उठी रूह

सरायकेला के कालाडूंगरी में पुलिया के नीचे गिरने से 24 वर्षीय वैद्यनाथ लोहार की दर्दनाक मौत और रात भर लापता रहने की पूरी दास्तां यहाँ मौजूद है। दोस्त की जान बचाने के चक्कर में खुद की जान गंवाने वाले इस युवक की खौफनाक कहानी और बंसा गांव में पसरे मातम की पूरी रिपोर्ट पढ़िए वरना आप भी सरायकेला की सड़कों पर छिपे इस अदृश्य खतरे को जानने से चूक जाएंगे।

Jan 24, 2026 - 15:41
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Seraikela Crash: दोस्त को घर छोड़कर लौट रहे युवक की पुलिया से नीचे गिरकर मौत, रात भर पानी के नीचे पड़ा रहा शव, सुबह ग्रामीणों ने देखा तो कांप उठी रूह
Seraikela Crash: दोस्त को घर छोड़कर लौट रहे युवक की पुलिया से नीचे गिरकर मौत, रात भर पानी के नीचे पड़ा रहा शव, सुबह ग्रामीणों ने देखा तो कांप उठी रूह

सरायकेला, 24 जनवरी 2026 – नियति का खेल भी बड़ा अजीब होता है। कभी-कभी दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाला इंसान खुद ही मौत के आगोश में समा जाता है। सरायकेला थाना क्षेत्र के कालाडूंगरी के पास शुक्रवार की रात एक ऐसी ही हृदयविदारक घटना घटी। चांडिल प्रखंड के बंसा गांव का रहने वाला 24 वर्षीय वैद्यनाथ लोहार अपने दोस्त को सुरक्षित घर छोड़ने गया था, लेकिन उसे क्या पता था कि वह सफर उसका आखिरी सफर बन जाएगा। घाघी के पास एक संकरी पुलिया और बाइक की बेलगाम रफ्तार ने एक हंसते-खेलते परिवार का चिराग बुझा दिया। शनिवार की सुबह जब गांव वालों ने पुलिया के नीचे लाश देखी, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

दोस्ती की खातिर जान की बाजी: रात भर किसी को नहीं मिली खबर

वैद्यनाथ लोहार की मौत की कहानी जितनी दुखद है, उतनी ही हैरान करने वाली भी। प्राप्त जानकारी के अनुसार:

  • दोस्त से मुलाकात: शुक्रवार की सुबह वैद्यनाथ का एक दोस्त उससे मिलने बंसा गांव आया था।

  • आखिरी सफर: शाम को जब दोस्त को घर लौटना था, तो वैद्यनाथ ने अपनी बाइक निकाली और उसे सुरक्षित पहुंचाने कालाडूंगरी की ओर निकल पड़ा।

  • अनियंत्रित रफ्तार: दोस्त को छोड़कर वापस घर लौटते समय घाघी पुलिया के पास वैद्यनाथ की बाइक अनियंत्रित हो गई। अंधेरा और तेज रफ्तार के कारण वह सीधे पुलिया से नीचे जा गिरा।

  • खौफनाक सन्नाटा: रात के सन्नाटे में हुए इस हादसे की आवाज तक किसी ने नहीं सुनी। घायल वैद्यनाथ घंटों तक पुलिया के नीचे पड़ा रहा और इलाज के अभाव में उसने वहीं दम तोड़ दिया।

शनिवार की सुबह खुला राज: बंसा गांव में पसरा सन्नाटा

जब शनिवार की सुबह ग्रामीण पुलिया की तरफ गए, तो नीचे का दृश्य देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। एक बाइक क्षतिग्रस्त हालत में पड़ी थी और पास ही वैद्यनाथ का बेजान शरीर।

  1. पुलिस की एंट्री: सरायकेला थाना पुलिस ने मौके पर पहुँचकर शव को कब्जे में लिया और पहचान पत्र के जरिए उसके परिजनों को सूचित किया।

  2. मातम: जैसे ही खबर बंसा गांव पहुँची, वहां कोहराम मच गया। गनत लोहार का पुत्र वैद्यनाथ अपने घर का सहारा था, जिसके चले जाने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

  3. पोस्टमार्टम: पुलिस ने शव को सरायकेला सदर अस्पताल भेज दिया है और दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाने में जुट गई है।

सरायकेला सड़क हादसा: घटना का विवरण (Accident Statistics)

विवरण प्रमुख जानकारी (Key Details)
मृतक का नाम वैद्यनाथ लोहार (24 वर्ष)
निवासी बंसा गांव, चांडिल प्रखंड
हादसे का स्थान घाघी पुलिया, कालाडूंगरी के समीप
समय शुक्रवार देर रात
संभावित कारण तेज रफ्तार और मोड़ पर नियंत्रण खोना

इतिहास का पन्ना: सरायकेला की पुरानी पुलिया और 'ब्लैक स्पॉट' का इतिहास

सरायकेला का कालाडूंगरी और घाघी क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से अपनी घुमावदार सड़कों और छोटी पुलियाओं के लिए जाना जाता है। 1990 के दशक में जब इन सड़कों का निर्माण ग्रामीण कनेक्टिविटी के लिए हुआ था, तब इन्हें बैलगाड़ियों और कम रफ्तार वाले वाहनों के हिसाब से डिजाइन किया गया था। इतिहास गवाह है कि पिछले 20 वर्षों में जैसे-जैसे सरायकेला में औद्योगिक गतिविधियों और दुपहिया वाहनों की संख्या बढ़ी, ये पुरानी पुलिया 'डेथ ट्रैप' (Death Trap) बन गईं। साल 2015 में भी इसी क्षेत्र में एक बड़ा हादसा हुआ था जिसने सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी थी। आज 2026 में भी, तेज रफ्तार बाइकर्स के लिए ये संकरी पुलिया और बिना लाइट वाले रास्ते यमराज की तरह खड़े हैं।

पुलिस की चेतावनी: "रात का सफर और सावधानी"

सरायकेला थाना पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह तेज रफ्तार के कारण हुआ एक हादसा है।

  • अपील: पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि रात के समय खासकर पुलिया और मोड़ वाले रास्तों पर गति धीमी रखें।

  • हेलमेट का महत्व: जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या हेलमेट न होने के कारण सिर में लगी गंभीर चोट मौत की मुख्य वजह बनी।

  • आगे की जांच: पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या दुर्घटना में कोई अन्य वाहन शामिल था या बाइक खुद-ब-खुद नीचे गिरी।

बुझ गया बंसा गांव का एक चमकता सितारा

वैद्यनाथ की मौत ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है। एक दोस्त की मदद करने के जज्बे ने उसे अमर तो कर दिया, लेकिन उसके पीछे छूटे उसके माता-पिता के आंसुओं का जवाब किसी के पास नहीं है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।