Seraikela Suicide: रायकेला के बड़ादावना में 23 साल के कुमारेश ने फंदा लगाकर दी जान, रात में पिता संग खाया था खाना, सुबह धरनी से लटका मिला शव
सरायकेला के बड़ादावना गांव में 23 वर्षीय कुमारेश कुमार दास ने शनिवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। पिता सुभाष चंद्र दास के साथ आखिरी बार रात का खाना खाने और सुबह लकड़ी की धरनी से लटके मिलने की पूरी हृदयविदारक रिपोर्ट यहाँ देखें।
सरायकेला/खरसावां, 4 अप्रैल 2026 – झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिला अंतर्गत सरायकेला थाना क्षेत्र के बड़ादावना गांव में शनिवार को एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। महज 23 साल के एक ऊर्जावान युवक कुमारेश कुमार दास ने अज्ञात कारणों से फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घर के भीतर हुई इस अनहोनी ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां पल भर में मातम में बदल दी हैं। शनिवार शाम जब पुलिस ने शव को कब्जे में लिया, तब तक पूरे गांव में मातम पसर चुका था। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि मौत से चंद घंटे पहले तक सब कुछ सामान्य था, लेकिन सुबह होते ही घर के एक कमरे से कुमारेश की लाश मिली।
आखिरी डिनर और खामोश रात: शनिवार सुबह का वो खौफनाक दृश्य
कुमारेश के घर में शुक्रवार की रात बिल्कुल सामान्य थी। पिता सुभाष चंद्र दास ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उनके बेटे के साथ यह आखिरी रात होगी।
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सामान्य व्यवहार: परिजनों के अनुसार, शुक्रवार रात कुमारेश ने अपने पिता सुभाष चंद्र दास के साथ सामान्य रूप से बातचीत की और एक साथ बैठकर रात का खाना खाया। इसके बाद वह अपने कमरे में सोने चला गया।
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देर तक नहीं खुला दरवाजा: शनिवार की सुबह जब काफी देर हो गई और कुमारेश अपने कमरे से बाहर नहीं निकला, तो परिजनों को चिंता होने लगी। उन्होंने आवाज दी, दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर सन्नाटा पसरा था।
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लकड़ी की धरनी का फंदा: जब परिजनों ने किसी तरह कमरे के भीतर झांककर देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। 23 वर्षीय कुमारेश कमरे की छत की लकड़ी की धरनी (Beam) से दुपट्टे के फंदे पर लटका हुआ था।
शाम 5 बजे पहुँची पुलिस: पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। आसपास के ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और हर कोई इस दुखद खबर से स्तब्ध था।
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पुलिस को सूचना: घटना की जानकारी शनिवार शाम करीब 5 बजे सरायकेला थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम बड़ादावना गाँव पहुँची।
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शव का पंचनामा: पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और कुमारेश के शव को फंदे से नीचे उतारा। शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।
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सदर अस्पताल रेफर: शनिवार देर शाम शव को पोस्टमार्टम के लिए सरायकेला सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत के सटीक समय और तकनीकी पहलुओं की पुष्टि हो सके।
सरायकेला और बड़ादावना का इतिहास: शांत गांवों में बढ़ता मानसिक बोझ
सरायकेला का बड़ादावना गांव पारंपरिक रूप से एक शांत कृषि प्रधान क्षेत्र रहा है, जहाँ इस तरह की घटनाएं बिरले ही होती हैं।
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युवाओं में बढ़ता तनाव: जिले के ग्रामीण इलाकों में पिछले कुछ वर्षों में युवाओं के बीच बढ़ता मानसिक तनाव और अवसाद (Depression) एक नई चुनौती बनकर उभरा है। 23 साल की उम्र, जिसमें भविष्य की योजनाएं बननी चाहिए, वहां कुमारेश का यह कदम समाज के लिए एक बड़ा सवाल छोड़ गया है।
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वजह का रहस्य: पिता सुभाष चंद्र दास ने पुलिस को बताया कि घर में किसी प्रकार की कोई परेशानी या कलह नहीं थी। रात तक कुमारेश बिल्कुल ठीक था। आखिर चंद घंटों में ऐसा क्या हुआ कि उसने इतना बड़ा आत्मघाती कदम उठा लिया, यह फिलहाल एक रहस्य बना हुआ है।
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पुलिसिया जांच के बिंदु: सरायकेला पुलिस अब कुमारेश के मोबाइल फोन और उसके दोस्तों से पूछताछ करने की योजना बना रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह किसी निजी तनाव या वित्तीय परेशानी से जूझ रहा था।
अगली कार्रवाई: पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान
पुलिस ने मामले को अप्राकृतिक मृत्यु (UD Case) के रूप में दर्ज कर लिया है और जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
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जांच का दायरा: थाना प्रभारी ने बताया कि वे हर एंगल से मामले की जांच कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि यह पूरी तरह से आत्महत्या का मामला है या इसके पीछे कोई और कारण।
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गाँव में शोक: कुमारेश के निधन से बड़ादावना गांव के लोग स्तब्ध हैं। सहपाठियों और पड़ोसियों ने उसे एक मिलनसार और शांत स्वभाव के युवक के रूप में याद किया।
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प्रशासन की अपील: पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि अगर किसी युवा के व्यवहार में अचानक बदलाव दिखे, तो परिवार के सदस्यों को उससे बात करनी चाहिए ताकि ऐसे दुखद अंत को रोका जा सके।
सरायकेला के बड़ादावना गांव में कुमारेश कुमार दास की मौत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि खामोश चेहरों के पीछे कभी-कभी गहरे तूफान छिपे होते हैं। एक पिता के लिए इससे बड़ा दुख क्या होगा कि जिस बेटे के साथ उसने रात को खाना खाया, सुबह उसी की लाश धरनी से लटकी मिले। सरायकेला पुलिस अब इस खौफनाक कदम की असल वजह तलाशने में जुटी है। फिलहाल, सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जारी है और पूरा गाँव सुभाष चंद्र दास के परिवार को ढांढस बंधाने में लगा है।
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