National Kickboxing Championship : नेशनल किक बॉक्सिंग में पदक जीतकर लौटीं 'गोल्डन गर्ल' दिव्या सोय, पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने घर पहुँचकर बढ़ाया मान
चेन्नई में आयोजित राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग चैंपियनशिप में पदक जीतकर जमशेदपुर लौटीं दिव्या सोय का मानगो में भव्य स्वागत हुआ है। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता और मेयर सुधा गुप्ता द्वारा बालीगुमा स्थित आवास पर सम्मान और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/मानगो, 4 अप्रैल 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर की एक और बेटी ने खेल की दुनिया में राष्ट्रीय स्तर पर परचम लहराकर पूरे झारखंड का मस्तक ऊंचा कर दिया है। चेन्नई में आयोजित राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर पदक जीतने वाली 'गोल्डन गर्ल' दिव्या सोय के शहर लौटते ही स्वागत और अभिनंदन का सिलसिला तेज हो गया है। इसी कड़ी में शनिवार को मानगो के बालीगुमा स्थित उनके निवास पर दिग्गजों का जमावड़ा लगा। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री श्री बन्ना गुप्ता और मानगो की मेयर श्रीमती सुधा गुप्ता ने खुद दिव्या के घर पहुँचकर उन्हें सम्मानित किया, जिससे न केवल उस नन्ही खिलाड़ी बल्कि पूरे खेल जगत का मनोबल बढ़ा है।
बालीगुमा में सम्मान समारोह: पूर्व मंत्री ने पहनाया अंगवस्त्र
दिव्या सोय की इस ऐतिहासिक जीत के बाद बालीगुमा इलाके में उत्सव जैसा माहौल है। शनिवार को जब पूर्व मंत्री और मेयर उनके घर पहुँचे, तो स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
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बधाई और शुभकामनाएँ: श्री बन्ना गुप्ता ने दिव्या को अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि दिव्या ने सीमित संसाधनों के बावजूद राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर यह साबित कर दिया है कि जमशेदपुर की प्रतिभा किसी से कम नहीं है।
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उज्ज्वल भविष्य की कामना: मेयर सुधा गुप्ता ने दिव्या की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी बेटियां समाज के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने दिव्या के सुनहरे भविष्य के लिए अपना आशीर्वाद और पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिया।
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मनोबल में वृद्धि: दिव्या के परिजनों ने अतिथियों का आभार जताते हुए कहा कि बड़े नेताओं और शुभचिंतकों के प्रोत्साहन से बच्ची का हौसला बढ़ा है, जो उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए प्रेरित करेगा।
शुभचिंतकों का तांता: राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने दी बधाई
दिव्या सोय की इस सफलता ने विभिन्न वर्गों के लोगों को एक मंच पर ला दिया है। अभिनंदन के इस दौर में कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।
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प्रमुख उपस्थिति: इस अवसर पर श्री मस्तान सिंह, श्री अखिलेश सिंह, श्री नीरज सिंह, श्री ईश्वर सिंह और श्री नीतीश पोद्दार ने दिव्या को फूलों का गुलदस्ता भेंट किया।
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समाजसेवियों का जोश: श्री राखाल सोरेन, श्री दीपक रंजीत, श्री ललन प्रसाद, श्री सुनील रजक सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नेताओं ने दिव्या की इस उपलब्धि को 'बालीगुमा का गौरव' बताया।
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अभिनंदन का दौर: दिव्या के घर पर सुबह से ही फूल-मालाओं और मिठाई बांटने का सिलसिला जारी रहा, जहाँ हर कोई इस उभरती हुई किक बॉक्सर के साथ एक सेल्फी लेने को बेताब दिखा।
उभरती नई प्रतिभाएं
जमशेदपुर हमेशा से खेलों की नर्सरी रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में मार्शल आर्ट्स और किक बॉक्सिंग जैसे खेलों में यहाँ के खिलाड़ियों ने विशेष पहचान बनाई है।
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चेन्नई नेशनल का महत्व: राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग चैंपियनशिप को देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में से एक माना जाता है। यहाँ पदक जीतना किसी भी खिलाड़ी के लिए राष्ट्रीय टीम के दरवाजे खोलने जैसा है।
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बालीगुमा का नाम रौशन: दिव्या सोय का बालीगुमा से निकलकर चेन्नई के रिंग में अपनी धमक दिखाना यह दर्शाता है कि छोटे मोहल्लों में भी विश्वस्तरीय प्रतिभाएं छिपी हैं।
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सरकारी प्रोत्साहन की उम्मीद: पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता की इस यात्रा को खेल जगत में सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है। खिलाड़ियों को उम्मीद है कि भविष्य में दिव्या जैसी प्रतिभाओं को सरकारी स्तर पर बेहतर ट्रेनिंग और सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
विजय सोय की खुशी: बेटी की जीत पर भावुक हुआ परिवार
दिव्या के इस सफर में उनके परिवार का योगदान अतुलनीय रहा है। श्री विजय सोय ने अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए सभी का धन्यवाद किया।
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आभार व्यक्त: विजय सोय ने कहा कि पूर्व मंत्री और मेयर का खुद घर आना उनके परिवार के लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा— "आपके प्रोत्साहन से बच्ची का मनोबल बढ़ा है। कृपया अपना आशीर्वाद और शुभकामनाएँ इसी तरह बनाए रखें।"
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कड़ी मेहनत का फल: दिव्या के प्रशिक्षकों ने बताया कि वह पिछले कई महीनों से सुबह-शाम कड़ी मेहनत कर रही थी। चेन्नई में पदक जीतकर उसने अपने कोच और माता-पिता के त्याग को सार्थक कर दिया है।
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अगला लक्ष्य: दिव्या अब आगामी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी में जुटने वाली है। उसके प्रशंसकों को उम्मीद है कि वह जल्द ही देश के लिए 'गोल्ड' जीतकर आएगी।
मानगो की बेटी दिव्या सोय ने यह साबित कर दिया है कि अगर इरादे फौलादी हों, तो चेन्नई से लेकर दिल्ली तक जीत हासिल की जा सकती है। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता और मेयर सुधा गुप्ता की यह पहल खेल प्रतिभाओं को सहेजने की दिशा में एक बड़ा कदम है। जमशेदपुर की सड़कों पर दिव्या के स्वागत में लगे पोस्टर उसकी सफलता की गवाही दे रहे हैं। अब जरूरत है इस 'गोल्डन गर्ल' को सही दिशा और संसाधन देने की, ताकि वह भविष्य में ओलंपिक जैसे बड़े मंचों पर तिरंगा लहरा सके। फिलहाल, पूरा बालीगुमा दिव्या की जीत के जश्न में डूबा है।
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