Saraikela Court: सीनी मोड़ से पकड़े गए हथियारों के साथ 2 युवकों को 3 साल की कड़ी सजा

सरायकेला में अवैध हथियारों के साथ पकड़े गए दो आरोपियों को अदालत ने सुनाई कड़ी सजा। बोलेरो गाड़ी से हथियार और जिंदा गोलियाँ कैसे हुईं बरामद। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने क्यों दिया कठोर कारावास का फैसला। ग्वाला सिंह बांकिरा और गोविन्द हाईबुरू को कितनी सज़ा और जुर्माना मिला।

Dec 8, 2025 - 20:54
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Saraikela Court: सीनी मोड़ से पकड़े गए हथियारों के साथ 2 युवकों को 3 साल की कड़ी सजा
Saraikela Court: सीनी मोड़ से पकड़े गए हथियारों के साथ 2 युवकों को 3 साल की कड़ी सजा

सरायकेला, 8 दिसंबर 2025 – झारखंड के सरायकेला थाना क्षेत्र में दर्ज एक मामले में अदालत ने अवैध हथियार रखने के आरोप में दो लोगों को कड़ी सजा सुनाई है। न्यायिक प्रक्रिया में तेज फैसले की यह घटना राज्य में अवैध हथियारों के खिलाफ प्रशासन के सख्त रुख को दर्शाती है।

गुप्त सूचना पर छापेमारी, बोलेरो से हथियार बरामद

यह मामला तब सामने आया था जब वादी और पुलिस उप-निरीक्षक विनोद कुमार के बयान पर गुप्त सूचना के आधार पर सीनी मोड़ स्थित टेम्पो स्टैंड पर छापेमारी की गई थी।

  • गिरफ्तारी और बरामदगी: पुलिस ने छापेमारी के दौरान एक बोलेरो वाहन (पंजीकरण संख्या BR16N2111) से ग्वाला सिंह बांकिरा और गोविन्द हाईबुरू को गिरफ्तार किया था। तलाशी के दौरान ग्वाला सिंह बांकिरा के कब्जे से 12 बोर का एक अवैध देशी कट्टा और 3 जिंदा गोलियाँ मिलीं। वहीं, गोविन्द हाईबुरू के पास से भी 315 बोर की 3 जिंदा गोलियाँ बरामद हुईं। इस तरह, दोनों के पास से कुल 6 जिंदा गोलियों के साथ एक देशी हथियार बरामद हुआ था।

कठोर कारावास और भारी जुर्माना

इस गंभीर मामले की सुनवाई माननीय मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सरायकेला की अदालत में हुई। दोनों आरोपियों को भारतीय हथियार अधिनियम की धारा 25(1-B)(a)/26/35 के तहत दोषी पाया गया।

  • सजा का विवरण: दंडाधिकारी ने अवैध हथियारों के गंभीर खतरे को देखते हुए दोनों अपराधियों को 3 साल का कठोर कारावास और 3,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इस मामले में न्यायिक पैरवी अपर लोक अभियोजक देव प्रताप तिवारी ने की।

हथियार अधिनियम की सख्तियाँ और इतिहास

भारतीय कानून के तहत हथियार अधिनियम का उद्देश्य देश में अवैध हथियारों के संचालन को रोकना है। यह अधिनियम अनुमति पत्र के बिना हथियार रखने को एक जघन्य अपराध मानता है। सरायकेला में यह सजा स्थानीय लोगों और अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि कानून का उल्लंघन करने पर सख्त परिणाम भुगतने पड़ेंगे।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।