Saraikela Accidents : एक ही दिन में तीन सड़क हादसों से दहला खरसावां, भिक्षुक महिला की मौत, ट्रक पलटने से मची अफरा-तफरी
सरायकेला-खरसावां में बुधवार को एक ही दिन तीन बड़े सड़क हादसे हुए। भिक्षुक महिला की मौत, ट्रक पलटा और दोपहिया सवार घायल। जानिए पूरी डिटेल।
बुधवार का दिन इस जिले के लिए सड़क हादसों के नाम रहा। कुछ ही घंटों के भीतर एक ही मार्ग पर तीन अलग-अलग दुर्घटनाओं ने पूरे इलाके को दहला दिया। जहां एक ओर भिक्षुक महिला की मौत ने लोगों को झकझोर दिया, वहीं दूसरी ओर अनियंत्रित ट्रक के पलटने से सड़क पर अफरा-तफरी मच गई।
पहला हादसा : भिक्षुक महिला की दर्दनाक मौत
बुधवार की सुबह छोटा गम्हरिया स्थित शहीद सुनील महतो समाधि स्थल के पास उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक अज्ञात वाहन ने सड़क किनारे बैठी भिक्षुक महिला को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद चालक वाहन लेकर फरार हो गया।
स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। यह खबर फैलते ही आसपास के लोगों में गहरा आक्रोश देखा गया।
दूसरा हादसा : दो ट्रकों के बीच फंसा बाइक सवार
दोपहर होते-होते पदमपुर के पास दूसरी घटना घटी। यहां दो ट्रकों के बीच एक दोपहिया वाहन आ गया। बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया और आसपास के लोगों ने उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। गनीमत यह रही कि समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई।
तीसरा हादसा : अनियंत्रित ट्रक पलटा, मची अफरा-तफरी
शाम को डीवीसी मोड़ के पास तीसरी घटना ने पूरे इलाके को हिला दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गम्हरिया की ओर से आ रहा एक ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया। दूसरी गाड़ी को बचाने की कोशिश में ट्रक पलट गया।
चालक और खलासी ने समझदारी दिखाते हुए कूदकर अपनी जान बचाई। हालांकि, ट्रक में लदा सामान सड़क पर बिखर गया और घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। ट्रक को कब्जे में ले लिया गया है और आगे की जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग अक्सर हादसों का कारण बनती है।
स्थानीय लोगों में गुस्सा
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ओर से बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद सड़कों पर निगरानी व्यवस्था कमजोर है। कई लोगों ने बताया कि हादसों का यह सिलसिला नया नहीं है। बीते एक दशक में सरायकेला-खरसावां सड़क मार्ग पर छोटे-बड़े कई हादसे हो चुके हैं।
इतिहास और पृष्ठभूमि
झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले को औद्योगिक गतिविधियों का हब माना जाता है। यहां से जमशेदपुर, चाईबासा और अन्य बड़े औद्योगिक इलाकों तक भारी वाहनों की आवाजाही लगातार होती रहती है।
इतिहास गवाह है कि इस मार्ग पर अंधाधुंध रफ्तार और खराब सड़क व्यवस्था की वजह से अक्सर दुर्घटनाएं सुर्खियों में रही हैं।
स्थानीय लोगों की मांग है कि इस सड़क पर स्पीड ब्रेकर और ट्रैफिक चौकियों की संख्या बढ़ाई जाए।
सवाल प्रशासन से
इन लगातार होती दुर्घटनाओं के बाद बड़ा सवाल यह है कि आखिर क्यों जिले में रोड सेफ्टी को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए जाते?
क्या प्रशासन सिर्फ हादसों के बाद औपचारिक कार्रवाई कर अपना कर्तव्य पूरा मान लेता है?
बुधवार को हुई तीन घटनाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सरायकेला-खरसावां में सड़क सुरक्षा की स्थिति चिंताजनक है।
एक भिक्षुक महिला की मौत, एक बाइक सवार की गंभीर चोट और ट्रक पलटने की घटनाओं ने लोगों के दिलों में दहशत पैदा कर दी है।
स्थानीय लोग अब प्रशासन से कड़े कदम उठाने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
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