Saraikela Raid: सरायकेला में DC के आदेश पर बड़ा 'ऑपरेशन बालू', तीन करोड़ का अवैध खजाना जब्त, चाकुलिया में पत्थर माफिया भी दबोचे
सरायकेला-खरसावां में डीसी नितिश कुमार सिंह ने अवैध खनन के खिलाफ क्यों चलाया इतना बड़ा अभियान? चांडिल के चाकुलिया में पत्थर माफियाओं से क्या-क्या जब्त हुआ? ईचागढ़ में बिरडीह और जारगोडीह में 7 लाख घनफीट से अधिक अवैध बालू का इतना बड़ा भंडार कैसे इकट्ठा हो गया? इस अवैध कारोबार से राज्य को होने वाले 3 करोड़ के राजस्व का रहस्य क्या है? जानें झारखंड में खनिज माफियाओं के बढ़ते नेटवर्क की पूरी कहानी!
सरायकेला, 29 अक्टूबर 2025 – सरायकेला-खरसावां जिले में अवैध खनन करने वाले माफियाओं के विरुद्ध एक बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई की गई है। जिला उपायुक्त नितिश कुमार सिंह के सख्त निर्देशों के बाद, जिला खनन विभाग ने बुधवार को अचानक अभियान चलाकर लगभग तीन करोड़ रुपये का अवैध बालू और पत्थर खनन के उपकरण जब्त किए। झारखंड के इस क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों की लूट का इतिहास काफी पुराना है, लेकिन प्रशासन की यह त्वरित कार्रवाई खनन माफियाओं के लिए एक कड़ी चेतावनी है।
गुप्त सूचना पर आधारित बड़ा ऑपरेशन: तीन करोड़ का अवैध खजाना
जिला खनन पदाधिकारी ज्योति शंकर सत्पथी और खान निरीक्षक समीर ओझा के नेतृत्व में यह गुप्त और औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। पुलिस बल के साथ मिलकर टीम ने कई संवेदनशील स्थानों को निशाना बनाया।
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अवैध बालू का भंडार: इस अभियान के दौरान ईचागढ़ थाना क्षेत्र के बिरडीह और जारगोडीह में अवैध रूप से भंडारित बालू के विशाल ढेर पकड़े गए।
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जब्त मात्रा: जब्त की गई बालू की मात्रा चौंकाने वाली है— लगभग 2,57,000 घनफीट और 5,00,000 घनफीट, यानी कुल 7 लाख 57 हजार घनफीट से अधिक बालू!
विभाग का अनुमान है कि जब्त किए गए इस अवैध बालू भंडार की नीलामी होने पर राज्य सरकार को लगभग 3 करोड़ रुपये तक के राजस्व की प्राप्ति होने की संभावना है।
चांडिल में पत्थर माफिया पर भी चला डंडा
अवैध बालू खनन के साथ-साथ, खनन विभाग की टीम ने पत्थर के अवैध उत्खनन पर भी कड़ा प्रहार किया।
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चांडिल में सघन कार्रवाई: चांडिल थाना अंतर्गत मौजा चाकुलिया में अवैध पत्थर खनन के विरुद्ध सघन कार्रवाई की गई।
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उपकरण जब्त: यहाँ से एक जेनरेटर, दो इलेक्ट्रिक मोटर, दो हथौड़ा, दो सब्बल, लगभग 25 मीटर विद्युत तार तथा दो वॉटर हॉसपाइप सहित कई महत्वपूर्ण उपकरण जब्त किए गए।
खनिज माफियाओं के विरोध में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए इस मामले में अवैध खनन कर्ताओं और संबंधित भूमि स्वामी के विरुद्ध तत्काल प्राथमिकी भी दर्ज कराई है।
झारखंड में अवैध खनन का इतिहास और बढ़ती चिंता
झारखंड को 'खनिजों का भंडार' कहा जाता है, लेकिन यही संपदा अक्सर अवैध कारोबारियों के लिए सोने की खदान बन जाती है। सरायकेला-खरसावां, जो प्राकृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्र है, यहाँ अवैध बालू और पत्थर खनन वर्षों से एक बड़ी चुनौती रहा है।
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राजस्व को नुकसान: इस अवैध कारोबार के कारण राज्य सरकार को प्रतिवर्ष अरबों रुपये के राजस्व का भारी नुकसान होता है। साथ ही, नदियों से अत्यधिक बालू खनन पर्यावरण और नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को भी गंभीर नुकसान पहुंचाता है।
उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की यह कार्रवाई न केवल राजस्व की वसूली सुनिश्चित करती है, बल्कि यह भी संदेश देती है कि भविष्य में अवैध खनन करने वालों के खिलाफ इसी तरह के बड़े और निर्णायक "ऑपरेशन" जारी रहेंगे।
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