Jagannathpur Tragedy: जगन्नाथपुर में रेलवे कर्मचारी की मौत, टैंकर ने वर्दी में पहने भाई की स्कूटी को रौंदा, दर्दनाक हादसे से कोल्हान में सनसनी
क्या आप जानते हैं कि बलियाडीह पुलिया पर हुए सड़क हादसे में रेलवे कर्मचारी दिलीप कलुंडिया की मौके पर ही मौत क्यों हो गई? जिस वक्त यह टक्कर हुई, उसकी पत्नी और छोटा बच्चा कहाँ थे? ग्रामीणों का आक्रोश क्यों भड़का और वे इस खतरनाक मोड़ पर भारी वाहनों के लिए कौन सी बड़ी मांग कर रहे हैं? पश्चिमी सिंहभूम में सड़क सुरक्षा को लेकर उठे सवालों का जवाब और आगे की पुलिस कार्रवाई जानें!
चाईबासा, 29 अक्टूबर 2025 – पश्चिमी सिंहभूम जिला एक बार फिर सड़क हादसे से दहल उठा है। जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर-सिरिंगसिया मार्ग पर बुधवार की शाम एक तेज रफ्तार तेल टैंकर ने दो सगे भाइयों की स्कूटी को इस तरह से टक्कर मारी कि हादसे की भीषणता देखकर हर कोई सिहर उठा। इस दर्दनाक घटना में सिंहपोखरिया निवासी एक रेलवे कर्मचारी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका भाई गंभीर रूप से घायल है। यह हादसा कोल्हान क्षेत्र में एक बार फिर तेज रफ्तार और खतरनाक सड़क सुरक्षा के माहौल पर गंभीर सवाल खड़ा कर गया है।
मौत का वो खतरनाक मोड़: पलभर में सब खत्म
यह घटना उस वक्त हुई जब सिंहपोखरिया निवासी दिलीप कलुंडिया (रेलवे कर्मचारी) अपने भाई बिरसा कलुंडिया के साथ जोड़ा से अपने गांव लौट रहे थे। दिलीप अपनी रेलवे की वर्दी में था।
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भीषण टक्कर: बलियाडीह नदी पुलिया के पास तेज रफ्तार से आ रहे तेल टैंकर ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और रेलवे कर्मचारी दिलीप की मौके पर ही मौत हो गई।
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भाई की हालत: बिरसा कलुंडिया को हाथ-पैर और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है।
सबसे दर्दनाक बात यह है कि दिलीप की पत्नी कस्तूरबा जारिका अपने छोटे बच्चे के साथ एक दूसरी बाइक पर ठीक उनके पीछे आ रही थीं। ईश्वर का शुक्र है कि वे दोनों इस भीषण हादसे में सुरक्षित बच गए, लेकिन अपनी आंखों के सामने यह विनाशकारी दृश्य देखकर वे सदमे में हैं।
ग्रामीणों का आक्रोश: मांग रहे हैं 'नो-एंट्री' का अधिकार
इस हादसे से जगन्नाथपुर और आसपास के ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है।
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खतरनाक मोड़: ग्रामीणों का कहना है कि बलियाडीह पुलिया का मोड़ अत्यंत खतरनाक है और यहाँ आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। यह क्षेत्र दुर्घटनाओं के लिए "ब्लैक स्पॉट" बन गया है।
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बड़ी मांग: आक्रोशित ग्रामीणों ने तत्काल इस मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश पर 'नो-एंट्री' लागू करने की सख्त मांग की है।
पुलिस की तत्काल कार्रवाई: क्या चालक के बयान में है कोई बड़ा राज ?
हादसे के बाद टैंकर चालक ने भागने की कोशिश नहीं की, बल्कि सीधे वाहन को जगन्नाथपुर थाना ले गया और आत्मसमर्पण कर दिया।
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जब्ती और जाँच: पुलिस ने मृतक दिलीप कलुंडिया के शव और क्षतिग्रस्त स्कूटी को जब्त कर लिया है। देर शाम होने के कारण, शव का पोस्टमार्टम गुरुवार को सदर अस्पताल चाईबासा में किया जाएगा।
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आगे की कार्रवाई: पुलिस अब टैंकर चालक से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि टक्कर तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण हुई या खतरनाक मोड़ पर नियंत्रण खोने की वजह से। यह हादसा पश्चिमी सिंहभूम में सड़क सुरक्षा व्यवस्था की लापरवाही को स्पष्ट रूप से उजागर करता है, जहां हर जान कीमती है लेकिन नियमों का पालन कम ही होता है।
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