Sakchi Attack: दुकान पर अचानक हमला, रंगदारी के लिए लाठी-डंडों से पीटा!
साकची में रंगदारी मांगने के विवाद में दुकानदारों पर हमला, 10-12 बदमाशों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से पीटा, पुलिस में शिकायत दर्ज।

जमशेदपुर, 1 अप्रैल – साकची थाना क्षेत्र के भुइयांडीह बस स्टैंड के पास सोमवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब 10-12 की संख्या में आए हमलावरों ने एक दुकान पर हमला कर दिया। दुकानदार सनातन चंद्रा और उनके भगना मोनू मांझी को बेरहमी से लाठी-डंडों और लोहे के रॉड से पीटा गया। दोनों को गंभीर चोटें आईं और उन्हें टीएमएच अस्पताल में भर्ती कराया गया।
टेबल को लेकर शुरू हुआ विवाद, फिर हुआ ताबड़तोड़ हमला!
सनातन चंद्रा के बेटे अमित चंद्रा के अनुसार, छायानगर बस्ती के रहने वाले सन्नी और नंदू भुइयां दोपहर करीब तीन बजे उनकी दुकान पर पहुंचे। उन्होंने जबरन एक टेबल उठाकर ले जाने की कोशिश की। जब सनातन चंद्रा और मोनू मांझी ने इसका विरोध किया, तो दोनों ने धमकाना शुरू कर दिया।
अमित ने बताया,
"जब हमने पुलिस को सूचना देने के लिए 100 डायल पर कॉल करने की बात कही, तो वे वहां से चले गए। लेकिन थोड़ी देर बाद सन्नी और नंदू अपने 8-10 साथियों को लेकर आए और हम पर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला कर दिया।"
रंगदारी न देने पर होता है हमला?
स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, सन्नी और नंदू आए दिन व्यापारियों से रंगदारी की मांग करते हैं। हर दुकानदार से हर हफ्ते 200 रुपये देने का दबाव बनाया जाता है। सोमवार को उन्होंने सनातन चंद्रा से 20,000 रुपये की रंगदारी मांगी। जब उन्होंने देने से इनकार किया, तो बदमाशों ने हमला कर दिया और दुकान के गल्ले से पैसे भी लूट लिए।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं!
जमशेदपुर में रंगदारी को लेकर मारपीट की घटनाएं नई नहीं हैं। इससे पहले भी साकची और बिष्टुपुर में व्यापारियों से जबरन वसूली की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
इतिहास पर नजर डालें तो 90 के दशक में जमशेदपुर अपराध और रंगदारी के मामलों में कुख्यात था। माफियाओं का आतंक इतना बढ़ गया था कि व्यापारियों का जीना मुश्किल हो गया था। पुलिस की सख्ती के बाद कुछ हद तक अपराध पर काबू पाया गया, लेकिन अब फिर से ऐसे मामलों में इजाफा हो रहा है।
पुलिस में शिकायत, क्या होगी कार्रवाई?
घटना के बाद सनातन चंद्रा और अन्य दुकानदारों ने साकची थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। सुवर्ण बनिक समाज के व्यापारियों ने भी पुलिस से आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
पुलिस का कहना है कि जल्द ही हमलावरों को गिरफ्तार किया जाएगा। लेकिन सवाल यह है कि अगर प्रशासन पहले से ही इन अपराधियों की हरकतों से वाकिफ था, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
व्यापारियों में डर का माहौल, पुलिस की सख्ती जरूरी!
इस घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों में दहशत है। क्या जमशेदपुर में फिर से रंगदारी का दौर लौट रहा है? पुलिस प्रशासन के लिए यह घटना एक बड़ा संकेत है कि अब समय रहते ठोस कदम उठाना जरूरी हो गया है।
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