Ranchi Raid: संबलपुर-जम्मूतवी एक्सप्रेस के S-7 कोच में बिछा आरपीएफ का जाल, 8 लाख का गांजा जब्त, यूपी-ओडिशा के तस्कर गिरफ्तार

रांची आरपीएफ ने संबलपुर जम्मूतवी एक्सप्रेस में छापेमारी कर 8 लाख रुपये के गांजे के साथ दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। ओडिशा से यूपी जा रही इस नशीली खेप और आरपीएफ के 'S-7 कोच' वाले ऑपरेशन की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप झारखंड का यह बड़ा एक्शन मिस कर देंगे।

Feb 25, 2026 - 17:46
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Ranchi Raid: संबलपुर-जम्मूतवी एक्सप्रेस के S-7 कोच में बिछा आरपीएफ का जाल, 8 लाख का गांजा जब्त, यूपी-ओडिशा के तस्कर गिरफ्तार
Ranchi Raid: संबलपुर-जम्मूतवी एक्सप्रेस के S-7 कोच में बिछा आरपीएफ का जाल, 8 लाख का गांजा जब्त, यूपी-ओडिशा के तस्कर गिरफ्तार

रांची, 25 फरवरी 2026 – झारखंड की राजधानी रांची न केवल व्यापार और संस्कृति का केंद्र है, बल्कि यह अंतरराज्यीय तस्करों के लिए एक प्रमुख 'ट्रांजिट रूट' भी बनता जा रहा है। बुधवार को रांची रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ (RPF) ने एक खुफिया सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए संबलपुर-जम्मूतवी एक्सप्रेस (18309) से 16 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। इस ऑपरेशन में उत्तर प्रदेश और ओडिशा के दो बड़े तस्करों को सलाखों के पीछे पहुँचाया गया है। नशीले पदार्थों की इस खेप की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 8 लाख रुपये आंकी जा रही है।

कोच S-7 में 'सीट नंबर 4' का रहस्य

आरपीएफ को पहले से ही भनक लग गई थी कि संबलपुर की ओर से आने वाली ट्रेन में नशे की बड़ी खेप ले जाई जा रही है।

  • छापेमारी की शुरुआत: जैसे ही ट्रेन रांची स्टेशन के प्लेटफार्म पर रुकी, आरपीएफ की टीम सीधे कोच संख्या S-7 में दाखिल हुई।

  • पहला तस्कर: सीट नंबर 4 पर बैठे मोहन सिंह (सुंदरगढ़, ओडिशा) की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। जब उसके नीले रंग के पिट्ठू बैग की तलाशी ली गई, तो उसमें से गांजे के 5 बड़े पैकेट बरामद हुए।

  • सीट नंबर 64 का कनेक्शन: मोहन सिंह की निशानदेही पर टीम उसी कोच की सीट नंबर 64 तक पहुँची, जहाँ राहुल पांडे (गाजीपुर, यूपी) बैठा था। राहुल के पास से भी गांजे के 3 पैकेट जब्त किए गए।

ओडिशा से यूपी: नशीले कारोबार का 'ब्लू प्रिंट'

पूछताछ के दौरान दोनों तस्करों ने जो खुलासे किए, वे चौंकाने वाले हैं। उन्होंने बताया कि वे ओडिशा के दुर्गम इलाकों से सस्ता गांजा खरीदकर उसे उत्तर प्रदेश ले जा रहे थे।

  1. मुनाफे का गणित: ओडिशा में गांजे की कीमत कम होने और यूपी में मांग अधिक होने के कारण वे इसे अवैध रूप से ऊंचे दामों पर बेचते थे।

  2. सफर का तरीका: तस्करों ने सोचा कि लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेन में भीड़ का फायदा उठाकर वे आसानी से निकल जाएंगे, लेकिन आरपीएफ की मुस्तैदी ने उनकी योजना फेल कर दी।

आरपीएफ जब्ती रिपोर्ट: मुख्य विवरण (Seizure Snapshot)

विवरण प्रमुख जानकारी (Key Facts)
ट्रेन का नाम संबलपुर-जम्मूतवी एक्सप्रेस (18309)
कुल गांजा 16 किलोग्राम (8 पैकेट)
बाजार मूल्य लगभग ₹8,00,000
गिरफ्तार तस्कर राहुल पांडे (UP) और मोहन सिंह (Odisha)
जब्ती स्थल कोच S-7, रांची रेलवे स्टेशन

आरपीएफ की विशेष टीम को मिली शाबाशी

कमांडेंट पवन कुमार के नेतृत्व में इस सफल ऑपरेशन ने साबित कर दिया है कि सुरक्षा एजेंसियां अब हाई-टेक सूचना तंत्र का उपयोग कर रही हैं।

  • आगे की कार्रवाई: गिरफ्तार किए गए दोनों तस्करों को एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत जेल भेज दिया गया है।

  • नेटवर्क की तलाश: अब पुलिस उन 'मास्टरमाइंड्स' की तलाश कर रही है जो ओडिशा में इन तस्करों को माल सप्लाई करते थे और यूपी में इनकी डिलीवरी लेते थे।

सुलगती नसों पर प्रहार

रेलवे में इस तरह की मुस्तैदी आम यात्रियों के लिए सुरक्षा का अहसास कराती है। आरपीएफ की यह 16 किलो गांजे की जब्ती केवल एक बरामदगी नहीं, बल्कि नशे के उस व्यापार पर करारी चोट है जो युवाओं के भविष्य को खोखला कर रहा है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।