Ratu Mystery: रातू में 'लोटा-पानी' रस्म के बाद मौत का कुआं, दो बुजुर्गों के शव मिलने से हड़कंप, अंधेरे में छिपे खौफनाक सच से उठा पर्दा
रांची के रातू में रस्म निभाने आए दो बुजुर्गों की कुएं में गिरकर मौत हो गई है। रविवार से लापता बंधन भगत और पुनई उरांव के शव 30 फीट गहरे कुएं से बरामद होने की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप इस दुखद हादसे के पीछे छिपी बड़ी लापरवाही और गांव की इस रहस्यमयी घटना को मिस कर देंगे।
रांची/रातू, 18 फरवरी 2026 – राजधानी रांची के ग्रामीण अंचल रातू से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बसाईर टोली तिगरा गांव में मंगलवार की रात एक 30 फीट गहरे कुएं से दो बुजुर्गों के शव मिलने के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया है। मृतकों की पहचान 50 वर्षीय बंधन भगत और 60 वर्षीय पुनई उरांव के रूप में हुई है। ये दोनों बुजुर्ग रविवार को एक शादी की रस्म 'लोटा-पानी' (छेका) में शामिल होने तिगरा गांव आए थे, लेकिन खुशी के माहौल के बीच वे अचानक गायब हो गए और उनका अंत बेहद दर्दनाक रहा।
रस्म के बाद रहस्यमयी गुमशुदगी: रविवार से चल रही थी तलाश
बंधन भगत और पुनई उरांव मूल रूप से जरिया बेड़ो गांव के रहने वाले थे।
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लापता होने का सिलसिला: रविवार को रस्म पूरी होने के बाद दोनों बुजुर्ग घर नहीं लौटे। परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के गांवों में काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला।
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रात का सन्नाटा और खौफ: मंगलवार की रात जब कुछ ग्रामीणों की नजर गांव के बीचों-बीच स्थित कुएं पर पड़ी, तो वहां कुछ संदिग्ध वस्तु तैरती दिखी।
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शवों की बरामदगी: टॉर्च की रोशनी में जब ग्रामीणों ने देखा तो उनके होश उड़ गए। कुएं के अंदर दोनों बुजुर्गों के शव पड़े थे। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला।
पुलिस को बताए बिना शव ले गए परिजन
हैरानी की बात यह रही कि शव मिलने के बाद तिगरा और जरिया बेड़ो के ग्रामीणों ने पुलिस को सूचित करना जरूरी नहीं समझा। मंगलवार रात ही परिजन दोनों शवों को अपने गांव जरिया बेड़ो ले गए। बुधवार सुबह जब रातू थाना प्रभारी रामनरायण को इस घटना की भनक लगी, तब पुलिस टीम गांव पहुँची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
रातू कुआं हादसा: मुख्य विवरण (Incident Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| स्थान | बसाईर टोली तिगरा, रातू (रांची) |
| मृतक | बंधन भगत (50) और पुनई उरांव (60) |
| घटना का समय | रविवार रात (संभावित) |
| कुएं की गहराई | करीब 30 फीट |
| मृतकों का गांव | जरिया बेड़ो |
हादसा या कुछ और? पुलिस की थ्योरी
प्रारंभिक जांच में पुलिस इसे एक हादसा मान रही है। कुआं गांव के बीच में है और उसके चारों ओर कोई रेलिंग नहीं है।
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अंधेरे का फायदा: आशंका जताई जा रही है कि रविवार की रात अंधेरा अधिक होने के कारण दोनों बुजुर्ग कुएं की गहराई को भांप नहीं पाए और सीधे अंदर गिर गए।
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दम घुटने से मौत: 30 फीट गहरे पानी में गिरने के बाद उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला होगा।
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पोस्टमार्टम का इंतजार: पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि मौत डूबने से हुई है या इसके पीछे कोई अन्य साजिश है।
सुरक्षा की बड़ी अनदेखी
रातू के इस हादसे ने एक बार फिर खुले और असुरक्षित कुओं पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। एक छोटी सी रेलिंग शायद आज इन दो परिवारों का सहारा बचा सकती थी।
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