Chaibasa Murder: मांगे पर्व की रात खूनी खेल, एक थप्पड़ के बदले बेरहमी से गला दबाकर हत्या, तालाब में फेंकी गई वैशाखू की लाश का चाईबासा पुलिस ने किया खुलासा
पश्चिमी सिंहभूम के हाटगम्हरिया में मांगे पर्व की खुशियां मातम में बदल गईं। वैशाखू ग्वाला की हत्या और शव को तालाब में छिपाने के पीछे की पूरी खौफनाक साजिश यहाँ मौजूद है वरना आप चाईबासा पुलिस के इस बड़े 'क्रैकडाउन' और हत्यारोपियों के कबूलनामे की जानकारी मिस कर देंगे।
चाईबासा, 18 फरवरी 2026 – पश्चिमी सिंहभूम जिले के हाटगम्हरिया थाना क्षेत्र में 'मांगे पर्व' की रात हुए जघन्य हत्याकांड का पुलिस ने महज चंद दिनों में पर्दाफाश कर दिया है। भुइयांसाई निवासी वैशाखू ग्वाला की हत्या किसी बाहरी गिरोह ने नहीं, बल्कि उसके साथ बैठकर हड़िया पीने वाले दो साथियों ने ही की थी। चाईबासा एसपी के निर्देश पर बनी विशेष जांच टीम (SIT) ने जाल बिछाकर मुख्य आरोपी पराय बोदरा और राम गागराई को गिरफ्तार कर लिया है। एक मामूली झगड़े और एक थप्पड़ का बदला लेने के लिए जिस तरह से इस वारदात को अंजाम दिया गया, उसने पूरे कोल्हान क्षेत्र में सनसनी फैला दी है।
हड़िया का नशा और वो जानलेवा झगड़ा
घटना की शुरुआत उस समय हुई जब गांव में मांगे पर्व की धूम थी।
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घर से बुलाकर ले गए: आरोपी पराय बोदरा और राम गागराई वैशाखू के घर पहुँचे और उसे उत्सव मनाने के लिए साथ ले गए।
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नशे में बिगड़ी बात: तीनों ने साथ मिलकर पारंपरिक हड़िया पी। नशे की हालत में जब वे कालीमाटी की ओर बढ़ रहे थे, तभी उनके बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई।
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एक थप्पड़ और मौत: कहासुनी के दौरान वैशाखू ने पराय बोदरा को एक थप्पड़ जड़ दिया। नशे में चूर पराय इसे बर्दाश्त नहीं कर सका और राम गागराई के साथ मिलकर वैशाखू पर जानलेवा हमला कर दिया।
बेरहमी की हदें पार: गला दबाकर तालाब में फेंका शव
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने वैशाखू को जमीन पर गिराकर बेरहमी से पीटा।
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गला घोंटा: मारपीट के दौरान वैशाखू के गले में गंभीर चोट आई। जब वह अधमरा हो गया, तब दोनों ने मिलकर उसका गला दबा दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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सबूत मिटाने की कोशिश: पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने वैशाखू के शव को पास के जोड़ा तालाब में फेंक दिया और इलाके से फरार हो गए।
हाटगम्हरिया हत्याकांड: मुख्य विवरण (Crime Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| मृतक | वैशाखू ग्वाला (निवासी- भुइयांसाई) |
| गिरफ्तार आरोपी | पराय बोदरा और राम गागराई |
| हत्या की वजह | आपसी कहासुनी और थप्पड़ का बदला |
| जांच टीम | एसडीपीओ जगन्नाथपुर के नेतृत्व में SIT |
| साक्ष्य | तालाब से बरामद शव और कबूलनामा |
फरारी और गिरफ्तारी का ड्रामा
घटना के बाद आरोपी अपने घर से भाग निकले थे। जगन्नाथपुर एसडीपीओ के नेतृत्व में टीम ने मुखबिरों का जाल बिछाया। जैसे ही आरोपियों के ठिकाने का पता चला, पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया। थाने में कड़ी पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पूरी वारदात का ब्यौरा दिया।
न्याय की ओर बढ़ते कदम
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। वैशाखू ग्वाला के परिवार के लिए यह न्याय की पहली जीत है, हालांकि इस घटना ने गांव में दहशत और दुख का माहौल पैदा कर दिया है।
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